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Hardoi News: कलश स्थापना के साथ श्रीराम लीला का मंचन शुरू
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संडीला। नगर में श्रीराम लीला कमेटी की तरफ से रविवार को कलश स्थापना के साथ 86वीं श्रीराम लीला का मंचन शुरू हो गया है। पूजन-अर्चन के साथ कमेटी पदाधिकारियों ने कलश की स्थापना की।
श्रीराम लीला में कानपुर से आए कलाकारों ने श्रीगणेश पूजन, नारद मोह और आकाशवाणी की लीला का मंचन किया। कलाकारों के सजीव मंचन को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए दर्शक मौजूद रहे। नगर में रामलीला का मंचन 12 दिनों तक किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा का संदेश दिया जाएगा। पूजन में कमेटी के अध्यक्ष अभय गुप्ता, प्रबंधक प्रेम बाबा, गंगाशरण गुप्ता, कोषाध्यक्ष चंद्रमोहन आहूजा, मनोज गुप्ता, नरोत्तम चौरसिया, धर्म सिंह सहित कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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घंटा बजाकर होता था श्रीराम लीला का प्रचार, नगरवासी भी निभाते थे भूमिका
संडीला। ब्रिटिश काल से चली आ रही श्रीराम लीला की परंपरा का कमेटी के पदाधिकारी आज भी निर्वहन कर रहे हैं। साल 1940 से श्रीराम लीला मंचन अनवरत है। उस समय सोशल मीडिया न ही प्रचार-प्रसार के आधुनिक साधन थे। ऐसे में रामलीला कमेटी के सदस्य हाथ में घंटा लेकर पूरे नगर में घूमते थे और लोगों को प्रतिदिन होने वाली लीला के प्रसंगों की जानकारी देते थे। घंटा बजने की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो जाते थे और रामलीला देखने पहुंचते थे। समय के साथ प्रचार के तरीके बदले लेकिन श्रीराम लीला की परंपरा कायम है।
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कमेटी के प्रबंधक प्रेम बाबा के मुताबिक साल 1940 से श्रीराम लीला का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 86वां वर्ष है। बताया कि उस समय श्रीराम लीला के मंचन के लिए बाहर से कलाकार आते थे लेकिन जरूरत पड़ने पर नगर के लोग भी विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते थे। कभी कोई रावण की सेना में शामिल होता था तो कभी भगवान श्रीराम की सेना का हिस्सा बनकर मंचन करता था।
कमेटी गठन के समय स्व. नरेश नाथ मेहरोत्रा अध्यक्ष बने थे। आनंद प्रकाश गुप्ता को मंत्री और चंद्र मोहन आहूजा कोषाध्यक्ष बनाए गए थे। वह स्वयं प्रबंधक के रूप में आयोजन की देखरेख करते थे। वर्ष 2012 में कमेटी का पंजीकरण कराया गया। नरेश नाथ मेहरोत्रा के निधन के बाद वर्ष 2022 में अभय गुप्ता को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया।
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श्रीराम लीला में कानपुर से आए कलाकारों ने श्रीगणेश पूजन, नारद मोह और आकाशवाणी की लीला का मंचन किया। कलाकारों के सजीव मंचन को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए दर्शक मौजूद रहे। नगर में रामलीला का मंचन 12 दिनों तक किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा का संदेश दिया जाएगा। पूजन में कमेटी के अध्यक्ष अभय गुप्ता, प्रबंधक प्रेम बाबा, गंगाशरण गुप्ता, कोषाध्यक्ष चंद्रमोहन आहूजा, मनोज गुप्ता, नरोत्तम चौरसिया, धर्म सिंह सहित कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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घंटा बजाकर होता था श्रीराम लीला का प्रचार, नगरवासी भी निभाते थे भूमिका
संडीला। ब्रिटिश काल से चली आ रही श्रीराम लीला की परंपरा का कमेटी के पदाधिकारी आज भी निर्वहन कर रहे हैं। साल 1940 से श्रीराम लीला मंचन अनवरत है। उस समय सोशल मीडिया न ही प्रचार-प्रसार के आधुनिक साधन थे। ऐसे में रामलीला कमेटी के सदस्य हाथ में घंटा लेकर पूरे नगर में घूमते थे और लोगों को प्रतिदिन होने वाली लीला के प्रसंगों की जानकारी देते थे। घंटा बजने की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो जाते थे और रामलीला देखने पहुंचते थे। समय के साथ प्रचार के तरीके बदले लेकिन श्रीराम लीला की परंपरा कायम है।
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कमेटी के प्रबंधक प्रेम बाबा के मुताबिक साल 1940 से श्रीराम लीला का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 86वां वर्ष है। बताया कि उस समय श्रीराम लीला के मंचन के लिए बाहर से कलाकार आते थे लेकिन जरूरत पड़ने पर नगर के लोग भी विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते थे। कभी कोई रावण की सेना में शामिल होता था तो कभी भगवान श्रीराम की सेना का हिस्सा बनकर मंचन करता था।
कमेटी गठन के समय स्व. नरेश नाथ मेहरोत्रा अध्यक्ष बने थे। आनंद प्रकाश गुप्ता को मंत्री और चंद्र मोहन आहूजा कोषाध्यक्ष बनाए गए थे। वह स्वयं प्रबंधक के रूप में आयोजन की देखरेख करते थे। वर्ष 2012 में कमेटी का पंजीकरण कराया गया। नरेश नाथ मेहरोत्रा के निधन के बाद वर्ष 2022 में अभय गुप्ता को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया।