{"_id":"58863d684f1c1b5c02cf42fe","slug":"st-james-did-not-match-the-standards-of-17-buses","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानकों पर खरी नहीं उतरी सेंट जेम्स की 17 बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानकों पर खरी नहीं उतरी सेंट जेम्स की 17 बसें
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Mon, 23 Jan 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
स्त स्कूल बस।
- फोटो : प्रतीकात्मक
हरदोई। एटा में हुए हादसे के बाद एआरटीओ ने सोमवार को शहर के सेंट जेंस स्कूल की बसों की जांच की गई। जांच में 17 बसें सुप्रीम कोर्ट के तय मानकाें को पूरा करने में फेल रही। एआरटीओ ने सभी बसों का चालान कर दिया।
विज्ञापन
स्कूली वाहनों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मानक तय कर रखे हैं। स्कूली बच्चों को लाने ले जाने के लिए अभिभावक मोटी फीस भी भरते हैं। सोमवार को एआरटीओ प्रवर्तन एके मिश्र ने टीम के साथ शहर के हरदोई-लखनऊ रोड स्थित सेंट जेंस स्कूल की बसों की जांच की।
विज्ञापन
स्कूल में कुल 30 बसें बच्चों को लाने ले जाने के लिए संचालित हो रही हैं। एआरटीओ ने 17 बसों की जांच कराई। इन बसों में से किसी में रिफ्लेक्टर नहीं लगे थे तो किसी में अग्निशमन यंत्र नहीं थे। कई में फास्ट एड बाक्स उपलब्ध नहीं था।
विज्ञापन
एआरटीओ ने बताया कि कुछ बसों में पीछे के साइड में मोबाइल नंबर भी लिखा था। इसके साथ ही अन्य कई खामियां भी मिलीं। उन्होंने बताया कि जांची गई सभी 17 बसें सुप्रीम कोर्ट के मानकों को पूरा नहीं कर रही थी। इसी के चलते जांची गई सभी बसों का चालान काटा है। बताया कि जांच को शेष बची 13 बसों की मंगलवार को जांच की जाएगी।
एआरटओ प्रवर्तन एके मिश्र ने अभी तक तीन स्कूलों की 33 बसों क ी जांच कराई है। इनमें से एक भी बस सुप्रीम कोर्ट के मानकों पर खरी नहीं उतरी है। एआरटीओ ने शनिवार को गुरुराम राय और महर्षि विद्यामंदिर की 8-8 बसों की जांच की थी। दोनों स्कूलों की सभी 16 बसों में तय मानक पूूरे नहीं मिले थे। इसके चलते उन्होंने सभी बसों का चालान कर दिया था। एआरटीओ प्रवर्तन ने अब तक तीन स्कूलों की 33 बसों की जांच की है, और सभी का चालान किया है।
सेंट जेंस स्कूल में एआरटीओ की जांच में मानक पूरे न होने पर 17 बसों का चालान किए जाने के संबंध में पीएनटी नंबर 05852220015 पर 9455440968 से संपर्क करने का प्रयास किया गया। तीन बार पूरी बेल गई लेकिन दूसरी तरफ से काल रिसीव नहीं की गई।