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खतरों की घड़ी में मिले अनमोल खुशी के लम्हे, संजोओ न.
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हरदोई। खुश रहने वाले हर माहौल में खुशियां बटोर ही लेते हैं। जनता कर्फ्यू के दिन ये बात सार्थक होती दिखी। कई लोगों ने काफी लंबे समय बाद परिवार संग दिन गुजारा। इसे यादगार बनाने की कोशिश की।
सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने बताया कि विधानसभा चुनावों के बाद ये दिन जितना फुरसत वाला रहा, शायद ही कोई रहा हो। सिर्फ फोन ने ही थोड़ी बहुत व्यस्तता दिलाई बाकी हर पल परिवार के साथ बिताया। सुबह उठकरअखबार पढ़ा तो बाद में बेटे अभिजीत विक्रम व बिटिया श्वेसा के साथ बैठकर उनके भविष्य को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने पत्नी शैलजा व भाई धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ भी वक्त बिताया। उनका कहना था कि क्षेत्रीय जनता से इस कदर दूरी उनकी कभी नहीं रही, जिसके चलते सुबह कुछ अजीब सी लगी लेकिन ये पल जो परिवार संग बिताने को मिले वह उन्हें कई माह के लिए संजीवनी से दे गए।
सरकुलर रोड स्थित ग्लोबल कालोनी निवासी प्रमुख व्यवसायी पवन जैन के परिवार ने प्रतिष्ठान बंद रखे। परिवार संग समय बिता बेशकीमती खुशियां हासिल कीं। बाबा पवन जैन ने बताया कि उनका कार्य ही ऐसा है कि घर पर बाबा, पापा व चाचा बच्चों को एक साथ नहीं मिल पाते। पूरे परिवार का एक साथ होना असंभव सा है। लेकिन आज परिवार संग बैठने को मिल गया। टीवी देखी, हंसी मजाक किया व अनुभव बांटे। भविष्य को लेकर भी चर्चाएं हुईं। बहरहाल बेटे तरंग जैन, उमंग जैन, सोनाली जैन, पूजा जैन, रक्षित, उद्धव, पार्थ व वरेण्यम ने कोरोना के इस उपहार का खूब लुत्फ उठाया।
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जनता कर्फ्यू का एक पक्ष सावधनी बरतने का रहा तो दूसरा पक्ष उन पारिवारिक सदस्यों को मिलाने का भी रहा जो व्यस्तता के कारण अपनों को समय ही नहीं दे पा रहे थे। उन्हीं में से बाबा मंदिर का संचालक दीक्षित परिवार भी रहा। परिवार के बेटों ने वर्षों बाद रसोई देखी और भोजन भी बनवाया। इसको देखकर पत्नियां भी बोली वाह। बड़े बेटे जीतेश दीक्षित प्रमुख व्यवसायी तो उनसे छोटे प्रीतेश दीक्षित भाजपा जिला उपाध्यक्ष हैं। उनसे छोटे रूपेश का भी अपना व्यवसाय है। सुबह 10 बजते ही इनमें से कोई घर में नहीं होता। दोपहर से लेकर शाम के खाने का भी पता नहीं होता। ऐसे में यही लोग खुद रसोई जाएं, बाटी चोखा बना डालें तो निश्चित रूप से घर की महिलाएं खुश होंगी। जया, स्मिता व रेनू ने इस पल को संजो लिया।
आलूथोक निवासी नागेश के परिवार को एक ऐसी छुट्टी मिली जिसमें उनके बच्चे, भाई सभी घर पर ही मौजूद रहे। जिसके बाद उन्होंने इस छुट्टी का जमकर लुत्फ उठाया। नागेश के साथ बच्चों में ईशू, शानू, अंशिका आदि ने जमकर इस छुट्टी का लुत्फ उठाया।
आलूथोक निवासी राकेश गुप्ता व्यवसाय के चलते घर से अक्सर बाहर रहते हैं लेकिन रविवार को जब सब बंद मिला तो उन्होंने घर में बैठ पसंदीदा चटनी बनाई। जिसको देखकर पत्नी राजकुमारी बोल ही पड़ी लजीज चटनी है।
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सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने बताया कि विधानसभा चुनावों के बाद ये दिन जितना फुरसत वाला रहा, शायद ही कोई रहा हो। सिर्फ फोन ने ही थोड़ी बहुत व्यस्तता दिलाई बाकी हर पल परिवार के साथ बिताया। सुबह उठकरअखबार पढ़ा तो बाद में बेटे अभिजीत विक्रम व बिटिया श्वेसा के साथ बैठकर उनके भविष्य को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने पत्नी शैलजा व भाई धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ भी वक्त बिताया। उनका कहना था कि क्षेत्रीय जनता से इस कदर दूरी उनकी कभी नहीं रही, जिसके चलते सुबह कुछ अजीब सी लगी लेकिन ये पल जो परिवार संग बिताने को मिले वह उन्हें कई माह के लिए संजीवनी से दे गए।
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सरकुलर रोड स्थित ग्लोबल कालोनी निवासी प्रमुख व्यवसायी पवन जैन के परिवार ने प्रतिष्ठान बंद रखे। परिवार संग समय बिता बेशकीमती खुशियां हासिल कीं। बाबा पवन जैन ने बताया कि उनका कार्य ही ऐसा है कि घर पर बाबा, पापा व चाचा बच्चों को एक साथ नहीं मिल पाते। पूरे परिवार का एक साथ होना असंभव सा है। लेकिन आज परिवार संग बैठने को मिल गया। टीवी देखी, हंसी मजाक किया व अनुभव बांटे। भविष्य को लेकर भी चर्चाएं हुईं। बहरहाल बेटे तरंग जैन, उमंग जैन, सोनाली जैन, पूजा जैन, रक्षित, उद्धव, पार्थ व वरेण्यम ने कोरोना के इस उपहार का खूब लुत्फ उठाया।
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जनता कर्फ्यू का एक पक्ष सावधनी बरतने का रहा तो दूसरा पक्ष उन पारिवारिक सदस्यों को मिलाने का भी रहा जो व्यस्तता के कारण अपनों को समय ही नहीं दे पा रहे थे। उन्हीं में से बाबा मंदिर का संचालक दीक्षित परिवार भी रहा। परिवार के बेटों ने वर्षों बाद रसोई देखी और भोजन भी बनवाया। इसको देखकर पत्नियां भी बोली वाह। बड़े बेटे जीतेश दीक्षित प्रमुख व्यवसायी तो उनसे छोटे प्रीतेश दीक्षित भाजपा जिला उपाध्यक्ष हैं। उनसे छोटे रूपेश का भी अपना व्यवसाय है। सुबह 10 बजते ही इनमें से कोई घर में नहीं होता। दोपहर से लेकर शाम के खाने का भी पता नहीं होता। ऐसे में यही लोग खुद रसोई जाएं, बाटी चोखा बना डालें तो निश्चित रूप से घर की महिलाएं खुश होंगी। जया, स्मिता व रेनू ने इस पल को संजो लिया।
आलूथोक निवासी नागेश के परिवार को एक ऐसी छुट्टी मिली जिसमें उनके बच्चे, भाई सभी घर पर ही मौजूद रहे। जिसके बाद उन्होंने इस छुट्टी का जमकर लुत्फ उठाया। नागेश के साथ बच्चों में ईशू, शानू, अंशिका आदि ने जमकर इस छुट्टी का लुत्फ उठाया।
आलूथोक निवासी राकेश गुप्ता व्यवसाय के चलते घर से अक्सर बाहर रहते हैं लेकिन रविवार को जब सब बंद मिला तो उन्होंने घर में बैठ पसंदीदा चटनी बनाई। जिसको देखकर पत्नी राजकुमारी बोल ही पड़ी लजीज चटनी है।