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Hardoi News: एसपी ने शुरू की पुलिस की चाल, चेहरा और चरित्र बेहतर करने की कवायद
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हरदोई। हरदोई में कार्यभार संभालने के तीन दिन के अंदर ही एसपी ने पुलिस की चाल, चेहरा और चरित्र पहले से बेहतर करने की कवायद शुरू की है।
इस कवायद में एसपी ने अलग-अलग निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण से लेकर एफआईआर दर्ज करने के तौर तरीके तक शामिल हैं। इतना ही नहीं अलग-अलग घटनाओं में घायल होकर थाने पहुंचने वाले पीड़ितों को लेकर भी एसपी ने निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों को लेकर एक रिपोर्ट-
थाना और कोतवाली में पहुंचने वाले पीड़ितों और घायलों की चोटों की फोटोग्राफी कराए जाने के निर्देश एसपी ने दिए हैं। अगर पीड़ित महिला है तो महिला पुलिस कर्मी ही फोटोग्राफी करेगी। तहरीर देर से मिलने पर तहरीर और चोट के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करते समय विलंब का कारण भी स्पष्ट करना होगा।
किसी भी दशा में धाराएं कम नहीं की जाएंगी। चोटों पर संज्ञान जरूर लिया जाएगा और इसी आधार पर धाराएं तय होंगी। एफआईआर के साथ चोट की फोटो जरूर लगाई जाएंगी। घायलों की फोटो और तहरीर एसपी के पेशकार के ई-मेल पर भेजी जाएगी। थाने में एक वीडियो भी बनाया जाएगा, जिसमें तहरीर पढ़कर सुनाई जाएगी और पीड़ित की सहमति होने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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जनसुनवाई के लिए थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक आने वाले फरियादियों की शिकायत और निस्तारण की प्रक्रिया गुलाबी-पीली पर्ची के घेरे में रहेगी। शिकायत कर्ता को गुलाबी पर्ची दी जाएगी, जबकि पीली पर्ची संबंधित थाना या पुलिस अफसर के कार्यालय में रहेगी। इन पर टोकन नंबर भी दर्ज होगा। पर्चियां सभी थानों और अफसरों को उपलब्ध करा दी गई हैं। अगर किसी फरियादी की शिकायत लेकर पर्ची न दिए जाने की जानकारी पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। थाना स्तर पर शिकायतों के निस्तारण के लिए उपनिरीक्षक नोडल अधिकारी होंगे, जबकि जिला स्तर पर सीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। शिकायतों का निस्तारण सात दिन के अंदर करना होगा। सभी थानों और कोतवालियों में शिकायत प्रभारी भी बना दिए गए हैं।
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इस कवायद में एसपी ने अलग-अलग निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण से लेकर एफआईआर दर्ज करने के तौर तरीके तक शामिल हैं। इतना ही नहीं अलग-अलग घटनाओं में घायल होकर थाने पहुंचने वाले पीड़ितों को लेकर भी एसपी ने निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों को लेकर एक रिपोर्ट-
थाना और कोतवाली में पहुंचने वाले पीड़ितों और घायलों की चोटों की फोटोग्राफी कराए जाने के निर्देश एसपी ने दिए हैं। अगर पीड़ित महिला है तो महिला पुलिस कर्मी ही फोटोग्राफी करेगी। तहरीर देर से मिलने पर तहरीर और चोट के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करते समय विलंब का कारण भी स्पष्ट करना होगा।
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किसी भी दशा में धाराएं कम नहीं की जाएंगी। चोटों पर संज्ञान जरूर लिया जाएगा और इसी आधार पर धाराएं तय होंगी। एफआईआर के साथ चोट की फोटो जरूर लगाई जाएंगी। घायलों की फोटो और तहरीर एसपी के पेशकार के ई-मेल पर भेजी जाएगी। थाने में एक वीडियो भी बनाया जाएगा, जिसमें तहरीर पढ़कर सुनाई जाएगी और पीड़ित की सहमति होने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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जनसुनवाई के लिए थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक आने वाले फरियादियों की शिकायत और निस्तारण की प्रक्रिया गुलाबी-पीली पर्ची के घेरे में रहेगी। शिकायत कर्ता को गुलाबी पर्ची दी जाएगी, जबकि पीली पर्ची संबंधित थाना या पुलिस अफसर के कार्यालय में रहेगी। इन पर टोकन नंबर भी दर्ज होगा। पर्चियां सभी थानों और अफसरों को उपलब्ध करा दी गई हैं। अगर किसी फरियादी की शिकायत लेकर पर्ची न दिए जाने की जानकारी पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। थाना स्तर पर शिकायतों के निस्तारण के लिए उपनिरीक्षक नोडल अधिकारी होंगे, जबकि जिला स्तर पर सीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। शिकायतों का निस्तारण सात दिन के अंदर करना होगा। सभी थानों और कोतवालियों में शिकायत प्रभारी भी बना दिए गए हैं।