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Hardoi News: साहब! मैं जिंदा हूं, छह साल पहले मरा दिखाकर जारी कर दिया मृत्यु प्रमाण पत्र
Mon, 27 Jan 2025 11:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 27 Jan 2025 11:41 PM IST
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फोटो -44- भइया साहब उर्फ भइया सिंह। स्रोत : सूचना विभाग
- डीएम ने पूरे मामले की जांच के दिए आदेश, दोषियों के संबंध में रिपोर्ट तलब
- 2 अप्रैल 2019 को जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में 2 मई 2018 को मृतक दर्शाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। साहब! हम जिंदा हैं, छह साल पहले जारी मृतक दर्शाते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने से हमारी भूमि पर दूसरे लोग कब्जा कर रहे हैं। कागजों में जीवित करा दीजिए, ताकि भूमि को कब्जा होने से बचा लिया जाए।
जनसुनवाई के दौरान जीवित वृद्ध की ओर से खुद मरा दिखाए जाने की शिकायत सुनकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह अवाक रह गए। उन्होंने इस तरह की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। सांडी बीडीओ को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जीवित व्यक्ति को मरा दिखाने वाले दोषियों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है और एफआईआर कराने को कहा है।
कलक्ट्रेट में सोमवार को जिलाधिकारी जनसुनवाई कर रहे थे। उसी दौरान हाथ में गुलाबी पर्ची और शिकायती पत्र लेकर आए वृद्ध की बात सुनकर वह अवाक रह गए। डीएम को वृद्ध ने बताया कि वह तहसील सवायजपुर के विकास खंड सांडी के बरनई चतरखा निवासी भइया साहब उर्फ भइया सिंह पुत्र शंकर है।
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हमारी भूमि पर कुछ लोग कब्जा कर ले रहे हैं। कारण है कि हमारे जीवित होने के बाद भी ग्राम पंचायत की ओर से 2 अप्रैल 2019 को मृत्य प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। जिसमें 2 मई 2018 को मौत होना दर्शाया गया है। डीएम ने सांडी बीडीओ से वर्चुअल रूप से जानकारी ली तो, पता चला कि बरनई चतरखा में उस समय तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी ने यह प्रमाण पत्र जारी किया है।
पंचायत सचिव ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने के साथ ही परिवार रजिस्टर में भी उन्हें मृतक दर्ज कर दिया है। डीएम ने वृद्ध भइया साहब उर्फ भइया सिंह के शिकायती पत्र के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की नकल संलग्न करते हुए सांडी बीडीओ को पूरे मामले की जांच सौंपी है।
सात दिन के अंदर आख्या मांगी है। बताया कि पूरे प्रकरण की जांच में यदि शिकायत सही है तो, उत्तरदायी तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को चिह्नित करते हुए जीवित को मृतक दिखाने के मामले में एफआइआर दर्ज कराएं। मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए।
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- डीएम ने पूरे मामले की जांच के दिए आदेश, दोषियों के संबंध में रिपोर्ट तलब
- 2 अप्रैल 2019 को जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में 2 मई 2018 को मृतक दर्शाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। साहब! हम जिंदा हैं, छह साल पहले जारी मृतक दर्शाते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने से हमारी भूमि पर दूसरे लोग कब्जा कर रहे हैं। कागजों में जीवित करा दीजिए, ताकि भूमि को कब्जा होने से बचा लिया जाए।
जनसुनवाई के दौरान जीवित वृद्ध की ओर से खुद मरा दिखाए जाने की शिकायत सुनकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह अवाक रह गए। उन्होंने इस तरह की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। सांडी बीडीओ को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जीवित व्यक्ति को मरा दिखाने वाले दोषियों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है और एफआईआर कराने को कहा है।
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कलक्ट्रेट में सोमवार को जिलाधिकारी जनसुनवाई कर रहे थे। उसी दौरान हाथ में गुलाबी पर्ची और शिकायती पत्र लेकर आए वृद्ध की बात सुनकर वह अवाक रह गए। डीएम को वृद्ध ने बताया कि वह तहसील सवायजपुर के विकास खंड सांडी के बरनई चतरखा निवासी भइया साहब उर्फ भइया सिंह पुत्र शंकर है।
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हमारी भूमि पर कुछ लोग कब्जा कर ले रहे हैं। कारण है कि हमारे जीवित होने के बाद भी ग्राम पंचायत की ओर से 2 अप्रैल 2019 को मृत्य प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। जिसमें 2 मई 2018 को मौत होना दर्शाया गया है। डीएम ने सांडी बीडीओ से वर्चुअल रूप से जानकारी ली तो, पता चला कि बरनई चतरखा में उस समय तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी ने यह प्रमाण पत्र जारी किया है।
पंचायत सचिव ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने के साथ ही परिवार रजिस्टर में भी उन्हें मृतक दर्ज कर दिया है। डीएम ने वृद्ध भइया साहब उर्फ भइया सिंह के शिकायती पत्र के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की नकल संलग्न करते हुए सांडी बीडीओ को पूरे मामले की जांच सौंपी है।
सात दिन के अंदर आख्या मांगी है। बताया कि पूरे प्रकरण की जांच में यदि शिकायत सही है तो, उत्तरदायी तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को चिह्नित करते हुए जीवित को मृतक दिखाने के मामले में एफआइआर दर्ज कराएं। मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए।