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Hardoi News: श्रीशिव संकटहरण मंदिर का 1.66 करोड़ से होगा सुंदरीकरण
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फोटो 20: श्रीशिवसंकटहरण मंदिर सकाहा। संवाद
हरदोई। श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा का सुंदरीकरण कराया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। शासन ने पर्यटन विकास के उद्देश्य से काम कराने के लिए 1.66 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा शहर से 17 किलोमीटर एनएच-731 पर है। मंदिर का पौराणिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि नाम के अनुसार भगवान शिव अपने श्रद्धालुओं के संकट को हर लेते हैं। सावन माह ही नहीं, 12 महीनों सकाहा मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन विकास के उद्देश्य से श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा में काम कराने के लिए उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड ने कार्ययोजना तैयार की थी। 1,83,38,000 रुपये की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेजी गई। शासन स्तर पर तकनीकी और वित्तीय समिति ने इसमें कटौती की है।
शासन ने श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा के सुंदरीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा और सहूलियत के काम कराने के लिए 1,66,06,000 रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। शासन के उप सचिव संजीव कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में पत्र भी जारी किया है। इसमें सकाहा मंदिर के सुंदरीकरण के साथ ही यहां पर यात्री विश्राम गृह, यात्री शेड, पाथवे, आरसीसी बेंच, सोलर स्ट्रीट लाइट, पेयजल सुविधा, टॉयलेट, डस्टबिन, उद्यानीकरण, भित्तिचित्र दीवार और ड्रेनेज सिस्टम के काम को कराया जाना प्रस्तावित है। भित्तिचित्र दीवार मंदिर की पौराणिकता और आध्यात्मिकता को बताएगी। उप सचिव ने काम के लिए अलग-अलग मदवार रुपये भी तय किए हैं। काम कराने की जिम्मेदारी उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को सौंपी गई है।
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श्रीशिव संकटहरण मंदिर धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से प्राचीन है। जिले के ही नहीं आसपास के जनपदों के लोगों की भी आस्था जुड़ी है। श्रद्धालुओं की आस्था और संख्या को देखते हुए वहां पर सुविधा और सहूलियत का काम भी कराया जाना प्रशासन की प्राथमिकता में है। पर्यटन विकास के उद्देश्य से काम कराने की स्वीकृति की जानकारी है। इसके लिए कार्यदायी संस्था उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि वह समय से निविदा प्रक्रिया पूरी कराते हुए काम शुरू कराएं ताकि काम गुणवत्तापरक और समय से पूरा हो सके। -अनुनय झा, जिलाधिकारी
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श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा शहर से 17 किलोमीटर एनएच-731 पर है। मंदिर का पौराणिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि नाम के अनुसार भगवान शिव अपने श्रद्धालुओं के संकट को हर लेते हैं। सावन माह ही नहीं, 12 महीनों सकाहा मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन विकास के उद्देश्य से श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा में काम कराने के लिए उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड ने कार्ययोजना तैयार की थी। 1,83,38,000 रुपये की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेजी गई। शासन स्तर पर तकनीकी और वित्तीय समिति ने इसमें कटौती की है।
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शासन ने श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा के सुंदरीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा और सहूलियत के काम कराने के लिए 1,66,06,000 रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। शासन के उप सचिव संजीव कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में पत्र भी जारी किया है। इसमें सकाहा मंदिर के सुंदरीकरण के साथ ही यहां पर यात्री विश्राम गृह, यात्री शेड, पाथवे, आरसीसी बेंच, सोलर स्ट्रीट लाइट, पेयजल सुविधा, टॉयलेट, डस्टबिन, उद्यानीकरण, भित्तिचित्र दीवार और ड्रेनेज सिस्टम के काम को कराया जाना प्रस्तावित है। भित्तिचित्र दीवार मंदिर की पौराणिकता और आध्यात्मिकता को बताएगी। उप सचिव ने काम के लिए अलग-अलग मदवार रुपये भी तय किए हैं। काम कराने की जिम्मेदारी उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को सौंपी गई है।
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श्रीशिव संकटहरण मंदिर धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से प्राचीन है। जिले के ही नहीं आसपास के जनपदों के लोगों की भी आस्था जुड़ी है। श्रद्धालुओं की आस्था और संख्या को देखते हुए वहां पर सुविधा और सहूलियत का काम भी कराया जाना प्रशासन की प्राथमिकता में है। पर्यटन विकास के उद्देश्य से काम कराने की स्वीकृति की जानकारी है। इसके लिए कार्यदायी संस्था उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि वह समय से निविदा प्रक्रिया पूरी कराते हुए काम शुरू कराएं ताकि काम गुणवत्तापरक और समय से पूरा हो सके। -अनुनय झा, जिलाधिकारी

फोटो 20: श्रीशिवसंकटहरण मंदिर सकाहा। संवाद