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शिवरात्रि कल, तैयारियां जोरों पर

Wed, 22 Feb 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Wed, 22 Feb 2017 11:44 PM IST
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Shivaratri yesterday, preparations in full swing
शहर स्थित विश्वनाथ मंदिर में साफ सफाई करते पुजारी। - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़ती। सच्चे मन से और विधि विधान से किया गया पूजन अर्चन ही श्रद्धालु को उनकी कृपा का पात्र बना सकता है लेकिन किसी खास मौके पर उनका पूजन अर्चन करना और भी ज्यादा भक्तों के लिए शुभ हो जाता है। महाशिवरात्रि भी उन्हीं में से एक है। 24 फरवरी को महाशिवरात्रि पूरे उल्लास व भक्तिभाव के बीच मनाई जाएगी।

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शास्त्री सनत मिश्रा का कहना है कि भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है।  हर वर्ष फाल्गुन माह में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान शिवलिंग स्वरूप में प्रकट हुए  थे। यह खास मौका है कि जब भक्तगण महादेव की विशेष पूजन अर्चना कर उनकी कृपा पा सकते हैं। भगवान शिव का पूरा जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। इनके जीवन चरित्र से हमें जीवन के कई अनमोल सूत्र मिलते हैं जो वर्तमान समय के  लिए बेहद जरूरी है। इन्हीं सूत्रों को अपने जीवन से जोड़कर भक्त भी कामयाबी पा सकते हैं। भगवान शिव की आराधना सबसे सरल व सीधी मानी जाती है। भगवान शिव का नाम ही भोले नाथ है। जो अपने भक्तों को कभी भी निराश नहीं करते और न ही अपने भक्तों पर कृपा करने के लिए बहुत ज्यादा उन्हें इंतजार ही करवाते हैं। यह कहना कतई गलत न होगा कि उनकी आराधना सबसे जल्दी फल देने वाली होती है।
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पूजन के वक्त दिशाओं का रखें ध्यान
हरदोई। शास्त्रों के जानकार शास्त्री उमाकांत अवस्थी कहते हैं कि शिव भक्ति संयम व मर्यादा, मन को पवित्र कर वैचारिक और व्यवहारिक रूप से बुरे कामों से दूर रहकर सुख दरिद्रता से बचाते हैं। मान्यता है कि शिव की भक्ति के बिना इंसान शव के समान हो जाता है। उनकी कृपा पाने के लिए शिवरात्रि में तरह तरह के मंत्र व स्तुतियां शास्त्रों में बताई गई हैं लेकिन सिर्फ पूजन के वक्त दिशाओं का ही ध्यान रखा जाए तो कष्टों का निवारण काफी हद तक दूर हो जाते हैं। शिव की आराधना रात में उत्तर दिशा में, सुबह पूर्व दिशा में एवं शाम को पश्चिम दिशा में करने से लाभ मिलता है।

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