{"_id":"e1df10422970f960069fcf2be41cb6d2","slug":"shedding-tears-over-the-plight-tejipur-village-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्दशा पर आंसू बहा रहा तेजीपुर गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्दशा पर आंसू बहा रहा तेजीपुर गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 14 Feb 2015 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श ग्राम
विज्ञापन
योजना के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार स्तर से करीब 50 योजनाएं बनाई जा चुकी
हैं, पर भाजपा सांसद अंजू बाला ने जिस गांव को गोद लिया वहां की स्थिति
बदहाल है।
आलम यह है कि न तो सांसद ने अपनी निधि से इस गांव को फूटी कौड़ी दी न ही सरकारी स्तर पर इस गांव पर ध्यान दिया जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि इस गांव मेें सड़कें दलदल में तब्दील हो रही हैं, पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
विकास खंड मल्लावां की ग्राम सभा तेजीपुर की आबादी करीब 8 हजार है। इस गांव में अर्से से गलियां गंदी पड़ी हैं और नालियां चोंक हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। गांव को जोड़ने वाली पट्टी तेजीपुर मार्ग का निर्माण करीब 10 साल पहले हुआ था।
उस समय सड़क निर्माण में मानकोें की अनदेखी की शिकायत हुई, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिससे सड़क बनने के बाद उखड़ गई। आज यह सड़क गड्ढों में तब्दील है। गांव की अन्य गलियों से डामर गिट्टी गायब हो चुकी। गड्ढेदार सड़क पर लोगों का निकलना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
गांव में सफाई कर्मियों की तैनाती को लेकर प्रधान विष्णुकांती सिंह ने कई बार एडीओ पंचायत को पत्र लिखा। पर, कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों को गंदगी में रहने को विवश होना पड़ रहा है। गांव मेें खेत की सिंचाई के लिए दो नलकूप हैं, पर उनकी नालियां टूटी पड़ी हैं, जिससे सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा।
कोटेदार की मनमानी से जूझ रहे ग्रामीणोें को उम्मीद थी कि सांसद द्वारा गांव को गोद लेने के बाद व्यवस्था में सुधार होगा, पर स्थिति जस की तस है। गांव के विकास में सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी फूटी कौड़ी नहीं दी।
आलम यह है कि न तो सांसद ने अपनी निधि से इस गांव को फूटी कौड़ी दी न ही सरकारी स्तर पर इस गांव पर ध्यान दिया जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि इस गांव मेें सड़कें दलदल में तब्दील हो रही हैं, पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
विकास खंड मल्लावां की ग्राम सभा तेजीपुर की आबादी करीब 8 हजार है। इस गांव में अर्से से गलियां गंदी पड़ी हैं और नालियां चोंक हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। गांव को जोड़ने वाली पट्टी तेजीपुर मार्ग का निर्माण करीब 10 साल पहले हुआ था।
उस समय सड़क निर्माण में मानकोें की अनदेखी की शिकायत हुई, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिससे सड़क बनने के बाद उखड़ गई। आज यह सड़क गड्ढों में तब्दील है। गांव की अन्य गलियों से डामर गिट्टी गायब हो चुकी। गड्ढेदार सड़क पर लोगों का निकलना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
गांव में सफाई कर्मियों की तैनाती को लेकर प्रधान विष्णुकांती सिंह ने कई बार एडीओ पंचायत को पत्र लिखा। पर, कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों को गंदगी में रहने को विवश होना पड़ रहा है। गांव मेें खेत की सिंचाई के लिए दो नलकूप हैं, पर उनकी नालियां टूटी पड़ी हैं, जिससे सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा।
कोटेदार की मनमानी से जूझ रहे ग्रामीणोें को उम्मीद थी कि सांसद द्वारा गांव को गोद लेने के बाद व्यवस्था में सुधार होगा, पर स्थिति जस की तस है। गांव के विकास में सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी फूटी कौड़ी नहीं दी।