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Hardoi News: चौखट लांघकर लोगों को घर पर ऑनलाइन सेवाएं देकर बनीं आत्मनिर्भर
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हरदोई। गांव की महिला ने घर की चौखट लांघकर आत्मनिर्भर बनने की कहानी लिखी है।
विद्युत सखी बनकर गांवों के लोगों को घर पर ही बिजली बिल ऑनलाइन जमा किए जाने की सुविधा के साथ ही स्वयं भी आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। ऐसी ही कहानी विकास खंड सुरसा की ग्राम पंचायत म्योनी के मजरा निबहरा गांव की रहने वाली रोली दीक्षित, बंधिया की संगीता यादव और कन्हईपुरवा की शबाना ने लिखी है।
रोली, संगीता और शबाना घर की चौखट लांघकर पहले स्वयं सहायता से जुड़ीं। स्वयं सहायता समूह में अच्छा काम करने के साथ ही पढ़े-लिखे होने का भी लाभ मिला। उन लोगों ने समूह के साथ ही विद्युत सखी भी बनने का काम किया। निबहरा की रोली दीक्षित ने बताया कि साल 2018 में महिलाओं को जोड़कर एकता स्वयं समूह का गठन किया। इसमें रामदेवी को अध्यक्ष बनाया और खुद सचिव पद की जिम्मेदारी संभाली। साल 2020-21 में विद्युत सखी बन गईं।
बताया कि विद्युत सखी बनने पर शुरूआत में तो ऑनलाइन बिजली बिल जमा किए जाने में कुछ दिक्कतें आईं और लोगों का भरोसा भी जीतने में समय लगा। हिम्मत नहीं हारी और लोगों को बताया कि ऑनलाइन बिजली बिल जमा किए जाने के बाद उन पर कोई बकाया नहीं आएगा, जो रसीद मिलेगी वह मान्य होगी।
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बताया कि अब एक माह में औसतन एक करोड़ से अधिक के बिजली बिल जमा किए जा रहे हैं। बताया कि 33 केवीए सब स्टेशन सुरसा में नियमित रूप से काउंटर पर बिल जमा किए जाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। बिल जमा किए जाने पर उन्हें कमीशन मिलता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थित मजबूत हुई है, साथ ही वह आत्मनिर्भर भी बनी हैं।
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विद्युत सखी बनकर गांवों के लोगों को घर पर ही बिजली बिल ऑनलाइन जमा किए जाने की सुविधा के साथ ही स्वयं भी आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। ऐसी ही कहानी विकास खंड सुरसा की ग्राम पंचायत म्योनी के मजरा निबहरा गांव की रहने वाली रोली दीक्षित, बंधिया की संगीता यादव और कन्हईपुरवा की शबाना ने लिखी है।
रोली, संगीता और शबाना घर की चौखट लांघकर पहले स्वयं सहायता से जुड़ीं। स्वयं सहायता समूह में अच्छा काम करने के साथ ही पढ़े-लिखे होने का भी लाभ मिला। उन लोगों ने समूह के साथ ही विद्युत सखी भी बनने का काम किया। निबहरा की रोली दीक्षित ने बताया कि साल 2018 में महिलाओं को जोड़कर एकता स्वयं समूह का गठन किया। इसमें रामदेवी को अध्यक्ष बनाया और खुद सचिव पद की जिम्मेदारी संभाली। साल 2020-21 में विद्युत सखी बन गईं।
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बताया कि विद्युत सखी बनने पर शुरूआत में तो ऑनलाइन बिजली बिल जमा किए जाने में कुछ दिक्कतें आईं और लोगों का भरोसा भी जीतने में समय लगा। हिम्मत नहीं हारी और लोगों को बताया कि ऑनलाइन बिजली बिल जमा किए जाने के बाद उन पर कोई बकाया नहीं आएगा, जो रसीद मिलेगी वह मान्य होगी।
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बताया कि अब एक माह में औसतन एक करोड़ से अधिक के बिजली बिल जमा किए जा रहे हैं। बताया कि 33 केवीए सब स्टेशन सुरसा में नियमित रूप से काउंटर पर बिल जमा किए जाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। बिल जमा किए जाने पर उन्हें कमीशन मिलता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थित मजबूत हुई है, साथ ही वह आत्मनिर्भर भी बनी हैं।