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Hardoi News: बेसिक की मान्यता पर चल रहे माध्यमिक विद्यालय, कार्रवाई फाइलों में
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हरदोई। शासन के निर्देशों के बावजूद अमान्य और अवैध रूप से संचालित विद्यालयों पर ताला लगाने का अभियान पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहा है। अमान्य विद्यालयों का संचालन रोकने के लिए जारी किए गए फरमान सिर्फ सरकारी फाइलों में ही कैद होकर रह गए हैं। जिले में धड़ल्ले से बेसिक की मान्यता पर माध्यमिक तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं और जिम्मेदार आंखें मूंदे हैं।
शासन की ओर से अमान्य स्कूलों का संचालन बंद करने के लिए जिला स्तरीय टीम बनाई गई है। इसके अलावा तहसील स्तर पर भी टीमें बनाई गई जिसमें एसडीएम अध्यक्ष, संबंधित थानाध्यक्ष, तहसील क्षेत्र में संचालित ब्लॉक के सभी खंड शिक्षा अधिकारी और सभी ब्लॉक के नोडल राजकीय शिक्षक शामिल हैं। प्रत्येक तहसील में गठित टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर अमान्य विद्यालयों का संचालन बंद कराना था मगर एक भी टीम में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे अमान्य विद्यालयों का संचालन जारी है।
दो विभागों के फेर में फंसी कार्रवाई
विभाग में प्रधानाचार्य परिषद की ओर से अमान्य विद्यालयों की सूची भी विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। यहां बेसिक की मान्यता पर माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। मानकों को ताक पर रखकर नियमों के विरुद्ध चलाए जा रहे इन स्कूलों के कारण हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है। बेसिक की मान्यता लेकर माध्यमिक स्तर की पढ़ाई कराने वाले यह स्कूल न सिर्फ अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं बल्कि छात्रों को फर्जी डिग्री और बोर्ड परीक्षाओं के नाम पर गुमराह भी कर रहे हैं। दोनों विभाग एक दूसरे पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
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अमान्य विद्यालयों के संचालन को रोकने के लिए संयुक्त टीमें बनी हैं। टीमों की समीक्षा की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को बंद कराया जाएगा। -डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक
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शासन की ओर से अमान्य स्कूलों का संचालन बंद करने के लिए जिला स्तरीय टीम बनाई गई है। इसके अलावा तहसील स्तर पर भी टीमें बनाई गई जिसमें एसडीएम अध्यक्ष, संबंधित थानाध्यक्ष, तहसील क्षेत्र में संचालित ब्लॉक के सभी खंड शिक्षा अधिकारी और सभी ब्लॉक के नोडल राजकीय शिक्षक शामिल हैं। प्रत्येक तहसील में गठित टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर अमान्य विद्यालयों का संचालन बंद कराना था मगर एक भी टीम में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे अमान्य विद्यालयों का संचालन जारी है।
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दो विभागों के फेर में फंसी कार्रवाई
विभाग में प्रधानाचार्य परिषद की ओर से अमान्य विद्यालयों की सूची भी विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। यहां बेसिक की मान्यता पर माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। मानकों को ताक पर रखकर नियमों के विरुद्ध चलाए जा रहे इन स्कूलों के कारण हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है। बेसिक की मान्यता लेकर माध्यमिक स्तर की पढ़ाई कराने वाले यह स्कूल न सिर्फ अभिभावकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं बल्कि छात्रों को फर्जी डिग्री और बोर्ड परीक्षाओं के नाम पर गुमराह भी कर रहे हैं। दोनों विभाग एक दूसरे पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
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अमान्य विद्यालयों के संचालन को रोकने के लिए संयुक्त टीमें बनी हैं। टीमों की समीक्षा की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को बंद कराया जाएगा। -डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक