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हवन कुंड में कूद सती ने त्यागी देह
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नुमाइश मैदान में चल रही श्री राम लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। ऐतिहासिक नुमाइश मैदान में सोमवार को माता सती द्वारा आग में कूद कर शरीर त्याग करने की लीला का मंचन हुआ। वृंदावन से आए कलाकारों ने बड़े ही प्रभावपूर्ण ढंग से लीला मंचन किया। इसको देखकर लोग काफी प्रभावित हुए।
कलाकारों ने लीला में मंचन किया कि महाराज दक्ष ने विशाल यज्ञ का आयोजन किया जिसमें सभी रिश्तेदारों को बुलाया, लेकिन भगवान शिव को न्योता नहीं भेजा।
प्रजापति दक्ष द्वारा न्योता न भेजने के बावजूद माता सती यज्ञ में शामिल होने की जिद करती हैं। भगवान शिव उन्हें यज्ञ में जाने से मना भी करते हैं। इसके बाद भी माता सती यज्ञ में पहुंच जाती हैं। यहां प्रजापति दक्ष उनका और भगवान शिव का बहुत अपमान करते हैं।
क्रोधित आकर माता सती हवन कुंड मे कूद कर अपने प्राण त्याग देती हैं। इससे क्रोधित हो भगवान शिव वीरभद्र को प्रकट करते है। वीरभद्र यज्ञ का विध्वंस कर प्रजापति दक्ष का सिर काट देते हैं।
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भगवान शिव माता सती का शरीर लेकर सभी लोकों में भ्रमण करते हैं। इसके बाद कलाकारों ने पार्वती जन्म लीला का भी मंचन किया गया। इस दौरान राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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कलाकारों ने लीला में मंचन किया कि महाराज दक्ष ने विशाल यज्ञ का आयोजन किया जिसमें सभी रिश्तेदारों को बुलाया, लेकिन भगवान शिव को न्योता नहीं भेजा।
प्रजापति दक्ष द्वारा न्योता न भेजने के बावजूद माता सती यज्ञ में शामिल होने की जिद करती हैं। भगवान शिव उन्हें यज्ञ में जाने से मना भी करते हैं। इसके बाद भी माता सती यज्ञ में पहुंच जाती हैं। यहां प्रजापति दक्ष उनका और भगवान शिव का बहुत अपमान करते हैं।
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क्रोधित आकर माता सती हवन कुंड मे कूद कर अपने प्राण त्याग देती हैं। इससे क्रोधित हो भगवान शिव वीरभद्र को प्रकट करते है। वीरभद्र यज्ञ का विध्वंस कर प्रजापति दक्ष का सिर काट देते हैं।
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भगवान शिव माता सती का शरीर लेकर सभी लोकों में भ्रमण करते हैं। इसके बाद कलाकारों ने पार्वती जन्म लीला का भी मंचन किया गया। इस दौरान राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित आदि मौजूद रहे।