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नितिन के नामांकन दाखिल करते ही समर्थकों में उमड़ा जोश
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-नितिन अग्रवाल। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक पूर्व मंत्री नितिन अग्रवाल का विधानसभा उपाध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया है। रविवार को नितिन अग्रवाल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। जनपद में उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर बधाई का सिलसिला भी खूब चला।
सदर विधायक नितिन अग्रवाल कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल के पुत्र हैं। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में नरेश अग्रवाल सदर सीट से चुनाव जीते थे, लेकिन उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में 2008 में बसपा के टिकट पर नितिन अग्रवाल विधायक चुने गए थे। वर्ष 2012 में नितिन अग्रवाल दूसरी बार सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
सपा की सरकार में वह स्वास्थ्य राज्यमंत्री रहने के बाद स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री भी बनाए गए थे। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जनपद की आठ सीटों मेें से सपा प्रत्याशी के रूप में सिर्फ नितिन अग्रवाल ही विधायक चुने गए थे। वर्ष 2018 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे, लेकिन तकनीकी रूप से वह सपा के ही विधायक थे। अमर उजाला ने सबसे पहले नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी का खुलासा किया था। अब उनका विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है।
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चुनाव की स्थिति भी बनती है, तो भाजपा संख्या बल के मामले में विपक्ष से कहीं अधिक मजबूत है। नितिन के नामांकन के साथ ही उनके समर्थकों में भी खुशी की लहर दौड़ गई।
नितिन के नामांकन में शामिल होने के लिए हरदोई से भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, अहिरोरी के ब्लाक प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने भी पहुंचे। नामांकन दौरान नितिन के पिता पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल के साथ ही सदर सांसद जय प्रकाश, मिश्रिख सांसद अशोक रावत, शाहाबाद विधायक रजनी तिवारी, बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा, संडीला विधायक राज कुमार अग्रवाल, सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू भी मौजूद रहे।
तो जिले में दूसरी बार आएगा विधानसभा उपाध्यक्ष का पद
विधानसभा उपाध्यक्ष का पद जनपद में नितिन अग्रवाल के निर्वाचन के साथ ही दूसरी बार आ सकता है। इससे पहले वर्ष 1992 में तत्कालीन मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामाआसरे वर्मा भी विधानसभा उपाध्यक्ष चुने गए थे। रामआसरे वर्मा कम्युनिस्ट विचारधारा के थे और मल्लावां सीट से चार बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वह समता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे। कुल मिलाकर 29 वर्ष बाद यह पद दोबारा जिले में आ रहा है।
विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे इस नेता का भी जिले से रहा गहरा नाता
80 के दशक में विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे बाबू जगन्नाथ प्रसाद का भी जनपद से गहरा नाता रहा है। हालांकि बाबू जगन्नाथ प्रसाद लखीमपुर जनपद की तत्कालीन मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बाद विधानसभा के उपाध्यक्ष बने थे, लेकिन हरदोई से उनका गहरा लगाव रहा। यही वजह रही कि बाद में उनके पुत्र जयप्रकाश हरदोई सीट से संसदीय राजनीति में उतरे। मौजूदा समय में भी जयप्रकाश सदर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।
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सदर विधायक नितिन अग्रवाल कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल के पुत्र हैं। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में नरेश अग्रवाल सदर सीट से चुनाव जीते थे, लेकिन उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में 2008 में बसपा के टिकट पर नितिन अग्रवाल विधायक चुने गए थे। वर्ष 2012 में नितिन अग्रवाल दूसरी बार सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
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सपा की सरकार में वह स्वास्थ्य राज्यमंत्री रहने के बाद स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री भी बनाए गए थे। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जनपद की आठ सीटों मेें से सपा प्रत्याशी के रूप में सिर्फ नितिन अग्रवाल ही विधायक चुने गए थे। वर्ष 2018 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे, लेकिन तकनीकी रूप से वह सपा के ही विधायक थे। अमर उजाला ने सबसे पहले नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी का खुलासा किया था। अब उनका विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है।
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चुनाव की स्थिति भी बनती है, तो भाजपा संख्या बल के मामले में विपक्ष से कहीं अधिक मजबूत है। नितिन के नामांकन के साथ ही उनके समर्थकों में भी खुशी की लहर दौड़ गई।
नितिन के नामांकन में शामिल होने के लिए हरदोई से भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, अहिरोरी के ब्लाक प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने भी पहुंचे। नामांकन दौरान नितिन के पिता पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल के साथ ही सदर सांसद जय प्रकाश, मिश्रिख सांसद अशोक रावत, शाहाबाद विधायक रजनी तिवारी, बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा, संडीला विधायक राज कुमार अग्रवाल, सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू भी मौजूद रहे।
तो जिले में दूसरी बार आएगा विधानसभा उपाध्यक्ष का पद
विधानसभा उपाध्यक्ष का पद जनपद में नितिन अग्रवाल के निर्वाचन के साथ ही दूसरी बार आ सकता है। इससे पहले वर्ष 1992 में तत्कालीन मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामाआसरे वर्मा भी विधानसभा उपाध्यक्ष चुने गए थे। रामआसरे वर्मा कम्युनिस्ट विचारधारा के थे और मल्लावां सीट से चार बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वह समता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे। कुल मिलाकर 29 वर्ष बाद यह पद दोबारा जिले में आ रहा है।
विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे इस नेता का भी जिले से रहा गहरा नाता
80 के दशक में विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे बाबू जगन्नाथ प्रसाद का भी जनपद से गहरा नाता रहा है। हालांकि बाबू जगन्नाथ प्रसाद लखीमपुर जनपद की तत्कालीन मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बाद विधानसभा के उपाध्यक्ष बने थे, लेकिन हरदोई से उनका गहरा लगाव रहा। यही वजह रही कि बाद में उनके पुत्र जयप्रकाश हरदोई सीट से संसदीय राजनीति में उतरे। मौजूदा समय में भी जयप्रकाश सदर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।