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Hardoi News: बहन की गाली देने पर गेरुआ वस्त्रधारी ने कर दी युवक की हत्या
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फोटो-20- मृतक की मां शिवदेवी से जानकारी लेते सीओ लक्ष्मीकांत गौतम व कोतवाल अतुल सिंह। संवाद
बेनीगंज। कोतवाली क्षेत्र के अतरौली-कोथावां मार्ग पर शेरबहादुरपुर में दुकानों के बाहर बने बरामदे में गेरुआ वस्त्रधारी युवक की हत्या दूसरे गेरुआ वस्त्रधारी युवक ने कुल्हाड़ी और ईंट से चेहरा कूंचकर कर दी। दावा है कि घटना से पहले दोनों ने शराब पी थी और इस दौरान बहन की गाली दिए जाने पर विवाद हुआ था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। मौके से कुल्हाड़ी, उसका बेंत, आरोपी की साइकिल व शराब के पाउच बरामद किए गए।
जीयनखेड़ा निवासी बाबूलाल उर्फ बबलू (32) ने चार साल पहले लखनऊ के बुद्धेश्वर स्थित एक मंदिर में दीक्षा ली थी। इसके बाद उसने गेरुआ वस्त्र पहनना शुरू कर दिया था। बीते दो अक्तूबर को बबलू बुद्धेश्वर मंदिर गया था। शनिवार सुबह उसने अपनी मां शिवदेवी को फोन कर रात तक घर आने की बात कही थी। इस बीच रविवार सुबह लगभग छह बजे शेरबहादुरपुर निवासी यादवेंद्र सिंह की दुकानों के बाहर बरामदे में बबलू का शव पड़ा मिला। सिर पर पीछे की तरफ कुल्हाड़ी की चोटों के निशान थे और चेहरा ईंट से कूंचा गया था। मौके पर ही पाही निवासी मुंशीलाल बैठा हुआ था।
चौकीदार की सूचना पर पहुंचे बेनीगंज कोतवाल अतुल सिंह ने मुंशीलाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में मुंशीलाल ने पुलिस को बताया कि रात में उसने और बबलू ने साथ में शराब पी थी। इस दौरान बबलू ने उसे बहन की गाली दे दी। इसी से नाराज होकर उसने अपनी कुल्हाड़ी के पिछले हिस्से (धार की दूसरी तरफ का हिस्सा) से बबलू के सिर पर पीछे से वार कर दिया। इसके बाद उसके शरीर पर कई जगह कुल्हाड़ी मार दी। कुछ देर बाद बबलू के कराहने की आवाज आई तो मुंशीलाल ने ईंट से उसका चेहरा कूच डाला।
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इस बीच रविवार सुबह लगभग छह बजे ग्रामीणों ने घटना की जानकारी चौकीदार को दी। चौकीदार ने पुलिस को घटना के बारे में बताया। घटना का पता चलने पर एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम, सीओ लक्ष्मीकांत गौतम भी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी जरूरी नमूने जुटाए। आरोपी को हिरासत में लिया गया। मौके से खून से सनी ईंट, कुल्हाड़ी और उसका बेंत, मृतक का एक बैग, कुछ बर्तन, आरोपी की साइकिल और उस पर रखी सोलर प्लेट भी बरामद की गई। कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि मृतक के चाचा उजागर लाल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बेटे की हत्या का पता चलने पर बदहवास हुई मां
मृतक बबलू चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उससे बड़े दो भाइयों की मौत हो चुकी है। एक बहन है जो अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ में रहती है। परिवार में पिता सियाराम और मां शिवदेवी हैं। शिवदेवी शनिवार रात बबलू के घर आने का इंतजार कर रही थीं लेकिन वह नहीं पहुंचा। बबलू मोबाइल नहीं रखता था इसलिए उससे संपर्क भी नहीं हो पाया। गांव से तीन किलोमीटर दूर बबलू की हत्या होने की जानकारी रविवार सुबह शिवदेवी को मिली तो वह बदहवास हो गईं।
बेटी के गृहप्रवेश में गया था पिता, वहीं मिली बेटे की मौत की खबर
मृतक बबलू के पिता सियाराम खेती और मजदूरी करते हैं। उनकी बेटी श्रीमती ने लुधियाना में नया मकान बनवाया है। नवरात्र के पहले दिन रविवार को वहां गृहप्रवेश होना था। इसमें शामिल होने के लिए सियाराम बेटी के घर गए हुए थे। वहीं रविवार सुबह उन्हें घटना की जानकारी दी गई। परिजन ने बताया कि वह लुधियाना से हरदोई के लिए निकल चुके हैं।
शराब, रुपये और बर्तन निकले मृतक के बैग से
मौके पर बबलू का बैग भी मिला। परिजन के आने पर बैग खोला गया। इसमें शराब के पाउच, एक कटोरी, एक गिलास, 200 के दो और 100 की एक नोट बरामद हुई। इसके अलावा कुछ कपड़े व अन्य सामान भी मिला। सूत्र बताते हैं कि गांव जाने के लिए बबलू शनिवार रात किसी वाहन से शेरबहादुरपुर चौराहा पहुंचा था। यहां से पैदल जा रहा था। गेरुए वस्त्र देखकर उसे मुंशीलाल ने बुलाया था। मुंशीलाल भी गेरुए वस्त्र पहने था। इस पर दोनों वहीं बैठ गए और इसके बाद हुए विवाद के दौरान बबलू की हत्या हो गई।
पाही से भगाया गया था मुंशीलाल
ग्रामीणों ने बताया कि मुंशीलाल पाही गांव स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में रहता था। वह अक्सर शराब पी लेता था। इस वजह से मंदिर की देखरेख करने वाली वृद्धा पुजारिन ने शनिवार को उसकी शिकायत ग्रामीणों से की थी। नाराजगी जताने पर ग्रामीणों ने उसे गांव से जाने को कहा था। उसने शराब छोड़ देने पर वापस आने की बात कही थी। इस पर मुंशीलाल साइकिल से नैमिषारण्य जाने को निकला था लेकिन रास्ते में ही घटना कर दी।
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जीयनखेड़ा निवासी बाबूलाल उर्फ बबलू (32) ने चार साल पहले लखनऊ के बुद्धेश्वर स्थित एक मंदिर में दीक्षा ली थी। इसके बाद उसने गेरुआ वस्त्र पहनना शुरू कर दिया था। बीते दो अक्तूबर को बबलू बुद्धेश्वर मंदिर गया था। शनिवार सुबह उसने अपनी मां शिवदेवी को फोन कर रात तक घर आने की बात कही थी। इस बीच रविवार सुबह लगभग छह बजे शेरबहादुरपुर निवासी यादवेंद्र सिंह की दुकानों के बाहर बरामदे में बबलू का शव पड़ा मिला। सिर पर पीछे की तरफ कुल्हाड़ी की चोटों के निशान थे और चेहरा ईंट से कूंचा गया था। मौके पर ही पाही निवासी मुंशीलाल बैठा हुआ था।
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चौकीदार की सूचना पर पहुंचे बेनीगंज कोतवाल अतुल सिंह ने मुंशीलाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में मुंशीलाल ने पुलिस को बताया कि रात में उसने और बबलू ने साथ में शराब पी थी। इस दौरान बबलू ने उसे बहन की गाली दे दी। इसी से नाराज होकर उसने अपनी कुल्हाड़ी के पिछले हिस्से (धार की दूसरी तरफ का हिस्सा) से बबलू के सिर पर पीछे से वार कर दिया। इसके बाद उसके शरीर पर कई जगह कुल्हाड़ी मार दी। कुछ देर बाद बबलू के कराहने की आवाज आई तो मुंशीलाल ने ईंट से उसका चेहरा कूच डाला।
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इस बीच रविवार सुबह लगभग छह बजे ग्रामीणों ने घटना की जानकारी चौकीदार को दी। चौकीदार ने पुलिस को घटना के बारे में बताया। घटना का पता चलने पर एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम, सीओ लक्ष्मीकांत गौतम भी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी जरूरी नमूने जुटाए। आरोपी को हिरासत में लिया गया। मौके से खून से सनी ईंट, कुल्हाड़ी और उसका बेंत, मृतक का एक बैग, कुछ बर्तन, आरोपी की साइकिल और उस पर रखी सोलर प्लेट भी बरामद की गई। कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि मृतक के चाचा उजागर लाल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बेटे की हत्या का पता चलने पर बदहवास हुई मां
मृतक बबलू चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उससे बड़े दो भाइयों की मौत हो चुकी है। एक बहन है जो अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ में रहती है। परिवार में पिता सियाराम और मां शिवदेवी हैं। शिवदेवी शनिवार रात बबलू के घर आने का इंतजार कर रही थीं लेकिन वह नहीं पहुंचा। बबलू मोबाइल नहीं रखता था इसलिए उससे संपर्क भी नहीं हो पाया। गांव से तीन किलोमीटर दूर बबलू की हत्या होने की जानकारी रविवार सुबह शिवदेवी को मिली तो वह बदहवास हो गईं।
बेटी के गृहप्रवेश में गया था पिता, वहीं मिली बेटे की मौत की खबर
मृतक बबलू के पिता सियाराम खेती और मजदूरी करते हैं। उनकी बेटी श्रीमती ने लुधियाना में नया मकान बनवाया है। नवरात्र के पहले दिन रविवार को वहां गृहप्रवेश होना था। इसमें शामिल होने के लिए सियाराम बेटी के घर गए हुए थे। वहीं रविवार सुबह उन्हें घटना की जानकारी दी गई। परिजन ने बताया कि वह लुधियाना से हरदोई के लिए निकल चुके हैं।
शराब, रुपये और बर्तन निकले मृतक के बैग से
मौके पर बबलू का बैग भी मिला। परिजन के आने पर बैग खोला गया। इसमें शराब के पाउच, एक कटोरी, एक गिलास, 200 के दो और 100 की एक नोट बरामद हुई। इसके अलावा कुछ कपड़े व अन्य सामान भी मिला। सूत्र बताते हैं कि गांव जाने के लिए बबलू शनिवार रात किसी वाहन से शेरबहादुरपुर चौराहा पहुंचा था। यहां से पैदल जा रहा था। गेरुए वस्त्र देखकर उसे मुंशीलाल ने बुलाया था। मुंशीलाल भी गेरुए वस्त्र पहने था। इस पर दोनों वहीं बैठ गए और इसके बाद हुए विवाद के दौरान बबलू की हत्या हो गई।
पाही से भगाया गया था मुंशीलाल
ग्रामीणों ने बताया कि मुंशीलाल पाही गांव स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में रहता था। वह अक्सर शराब पी लेता था। इस वजह से मंदिर की देखरेख करने वाली वृद्धा पुजारिन ने शनिवार को उसकी शिकायत ग्रामीणों से की थी। नाराजगी जताने पर ग्रामीणों ने उसे गांव से जाने को कहा था। उसने शराब छोड़ देने पर वापस आने की बात कही थी। इस पर मुंशीलाल साइकिल से नैमिषारण्य जाने को निकला था लेकिन रास्ते में ही घटना कर दी।

फोटो-20- मृतक की मां शिवदेवी से जानकारी लेते सीओ लक्ष्मीकांत गौतम व कोतवाल अतुल सिंह। संवाद

फोटो-20- मृतक की मां शिवदेवी से जानकारी लेते सीओ लक्ष्मीकांत गौतम व कोतवाल अतुल सिंह। संवाद