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ग्रामीण डाकघर भी कोर बैंकिंग से जुड़ेंगे
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हरदोई। डाकघरों एवं उप डाकघरों को कोर बैैंकिंग सेवाओं (सीबीएस) से जोड़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के शाखा डाकघरों को भी कोर बैंकिंग से जोड़ने की योजना पर जल्द काम शुरू होने के बाद इनकी तकदीर बदलने के साथ ही बैंकिंग की भी तस्वीर बदल जाएगी।
इससे सीबीएस होने से लाखों लोगों को शहरी क्षेत्रों के डाकघरों की तरह बैंकिंग सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। जिले में दो हजार राजस्व गांवों की 1307 ग्राम पंचायतें हैं, जिनकी करीब तीन सौ न्याय पंचायतें हैं।
कमोवेश न्याय पंचायत स्तर पर एक ग्रामीण डाकघर शाखा है। यह ग्रामीण डाकघर शाखा अपने निकटतम उप डाकघर से जुड़ी होती है।
वहीं उप-डाकघर अपने निकटतम मुख्य डाकघर या प्रधान डाकघर से जुड़े होते हैं, जबकि सभी डाकघर उप-डाकघर आदि जिला मुख्यालय के प्रधान डाकघर से जुड़े होते हैं।
जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर के अलावा शहर के कई मोहल्लों में उप डाकघर हैं। इसके अलावा संडीला में मुख्य डाकघर के अलावा सभी पालिका एवं नगर पंचायतों व ब्लाक तहसील मुख्यालयों पर उपडाकघर संचालित हो रहे हैं।
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इस तरह से जिले में एक प्रधान डाकघर व एक मुख्य डाकघर के अलावा 35 उप डाकघर व 296 ग्रामीण शाखा डाक घर कार्यरत हैं। इन डाकघरों में कई योजनाओं के एक करोड़ से अधिक खाते हैं।
जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर में तीन साल पहले शुरू हुई इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ब्रांच के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघरों को संजीवनी मिल गई।
इन ग्रामीण शाखा डाकघरों में कार्यरत ग्रामीण डाक सेवकों ने मोबाइल फोन एवं ऑनलाइन डिवाइस से बंदी की कगार पर पहुंच रहे ग्रामीण शाखाओं से फिर से जोड़ने का काम किया।
कोरोनाकाल में घर-घर पेेमेंट करने से लेकर तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं में भागीदारी करते हुए लाखों लोगों को जोड़ने का कार्य किया है।
अब इन ग्रामीण शाखा डाकघरों को कोर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की योजना परवान चढ़ने पर गांव के लोगों को डाकघर की सभी योजनाओं को त्वरित गति से लाभ मिल सकेगा।
पांच वर्ष पूर्व शुरू हुई थी कोर बैंकिंग
करीब पांच वर्ष पूर्व डाक विभाग में बैंकों की तर्ज पर कोर बैंकिंग सेवाओं की शुरुआत हुई थी। इसके तहत पहले प्रधान डाकघर व मुख्य डाकघर एवं बाद में उप डाकघरों को जोड़ने की योजना चली थी।
पाली, शाहाबाद, पिहानी, माधौगंज, मल्लावां, संडीला और हरदोई शहर स्थित प्रधान डाकघर कंप्यूटरीकृत थे, जिससे शहर स्थित प्रधान डाकघर व संडीला के मुख्य डाकघर सहित शाहाबाद के डाकघर को कोर बैंकिंग सेवा से जोड़ दिया गया था।
इसके बाद अहिरोरी, बघौली, बरबन, बेहटागोकुल, गोपामऊ, हरियावां, हरपालपुर, सहादतनगर, सांडी, बेहंदर, बेनीगंज, भरावन, बिलग्राम, ढिकुन्नी, गौसगंज, कछौना, पूरा बहादुर, पुवायां, बिलग्राम बीएस, शाहाबाद बीएस, हरदोई रेलवे स्टेशन
हरदोई कचहरी, नई बस्ती, लखनऊ रोड, मुन्नेमिया चौराहा, ऊंचा थोक, बंशीनगर, वैटगंज समेत अन्य उपडाकघरों को कंप्यूटरीकृत करते हुए कोर बैंकिंग सेवा से जोड़ा जा चुका है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघर शाखाओं को कोर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की आस जगी है।
ये है कोर बैंकिंग सेवा
कोर बैंकिंग सेवा यानी सीबीएस से जुड़ने के बाद किसी भी डाकघर, उप-डाकघर, ग्रामीण डाकघर शाखा के खाताधारकों को देेशभर में कहीं से भी किसी भी डाकघर से खातों के संचालन की सुविधा मिल जाएगी।
अभी यह सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हैं और वहां पर उप-डाकघरों के माध्यम से और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के लिए डिवाइस से ग्रामीण डाक सेवक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघर शाखाओं को सीबीएस से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर कंप्यूटरीकरण के साथ आफिस मेनटेन कराने का टास्क डाक विभाग के सामने होगा।
सरकार द्वारा सभी डाकघरों को कोर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की योजना से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शाखाओं को जोड़ने के लिए कार्ययोजना शासन की गाइडलाइन के अनुसार बनाई जाएगी।
जिले में ग्रामीण डाक सेवक घर-घर सेवाएं पहुंचा रहे और ग्रामीण क्षेत्रों में कोर बैंकिंग सेवाओं के पहुंचने से सभी डाकघरों की कोर बैंकिंग सेवा कनेक्टिविटी होने के साथ ग्रामीण बैंकिंग क्षेत्र की तस्वीर बहुत बेहतर एवं मजबूत हो जाएगी।
- एसके जैन, डाक अधीक्षक
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इससे सीबीएस होने से लाखों लोगों को शहरी क्षेत्रों के डाकघरों की तरह बैंकिंग सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। जिले में दो हजार राजस्व गांवों की 1307 ग्राम पंचायतें हैं, जिनकी करीब तीन सौ न्याय पंचायतें हैं।
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कमोवेश न्याय पंचायत स्तर पर एक ग्रामीण डाकघर शाखा है। यह ग्रामीण डाकघर शाखा अपने निकटतम उप डाकघर से जुड़ी होती है।
वहीं उप-डाकघर अपने निकटतम मुख्य डाकघर या प्रधान डाकघर से जुड़े होते हैं, जबकि सभी डाकघर उप-डाकघर आदि जिला मुख्यालय के प्रधान डाकघर से जुड़े होते हैं।
जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर के अलावा शहर के कई मोहल्लों में उप डाकघर हैं। इसके अलावा संडीला में मुख्य डाकघर के अलावा सभी पालिका एवं नगर पंचायतों व ब्लाक तहसील मुख्यालयों पर उपडाकघर संचालित हो रहे हैं।
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इस तरह से जिले में एक प्रधान डाकघर व एक मुख्य डाकघर के अलावा 35 उप डाकघर व 296 ग्रामीण शाखा डाक घर कार्यरत हैं। इन डाकघरों में कई योजनाओं के एक करोड़ से अधिक खाते हैं।
जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर में तीन साल पहले शुरू हुई इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ब्रांच के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघरों को संजीवनी मिल गई।
इन ग्रामीण शाखा डाकघरों में कार्यरत ग्रामीण डाक सेवकों ने मोबाइल फोन एवं ऑनलाइन डिवाइस से बंदी की कगार पर पहुंच रहे ग्रामीण शाखाओं से फिर से जोड़ने का काम किया।
कोरोनाकाल में घर-घर पेेमेंट करने से लेकर तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं में भागीदारी करते हुए लाखों लोगों को जोड़ने का कार्य किया है।
अब इन ग्रामीण शाखा डाकघरों को कोर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की योजना परवान चढ़ने पर गांव के लोगों को डाकघर की सभी योजनाओं को त्वरित गति से लाभ मिल सकेगा।
पांच वर्ष पूर्व शुरू हुई थी कोर बैंकिंग
करीब पांच वर्ष पूर्व डाक विभाग में बैंकों की तर्ज पर कोर बैंकिंग सेवाओं की शुरुआत हुई थी। इसके तहत पहले प्रधान डाकघर व मुख्य डाकघर एवं बाद में उप डाकघरों को जोड़ने की योजना चली थी।
पाली, शाहाबाद, पिहानी, माधौगंज, मल्लावां, संडीला और हरदोई शहर स्थित प्रधान डाकघर कंप्यूटरीकृत थे, जिससे शहर स्थित प्रधान डाकघर व संडीला के मुख्य डाकघर सहित शाहाबाद के डाकघर को कोर बैंकिंग सेवा से जोड़ दिया गया था।
इसके बाद अहिरोरी, बघौली, बरबन, बेहटागोकुल, गोपामऊ, हरियावां, हरपालपुर, सहादतनगर, सांडी, बेहंदर, बेनीगंज, भरावन, बिलग्राम, ढिकुन्नी, गौसगंज, कछौना, पूरा बहादुर, पुवायां, बिलग्राम बीएस, शाहाबाद बीएस, हरदोई रेलवे स्टेशन
हरदोई कचहरी, नई बस्ती, लखनऊ रोड, मुन्नेमिया चौराहा, ऊंचा थोक, बंशीनगर, वैटगंज समेत अन्य उपडाकघरों को कंप्यूटरीकृत करते हुए कोर बैंकिंग सेवा से जोड़ा जा चुका है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघर शाखाओं को कोर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की आस जगी है।
ये है कोर बैंकिंग सेवा
कोर बैंकिंग सेवा यानी सीबीएस से जुड़ने के बाद किसी भी डाकघर, उप-डाकघर, ग्रामीण डाकघर शाखा के खाताधारकों को देेशभर में कहीं से भी किसी भी डाकघर से खातों के संचालन की सुविधा मिल जाएगी।
अभी यह सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हैं और वहां पर उप-डाकघरों के माध्यम से और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के लिए डिवाइस से ग्रामीण डाक सेवक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघर शाखाओं को सीबीएस से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर कंप्यूटरीकरण के साथ आफिस मेनटेन कराने का टास्क डाक विभाग के सामने होगा।
सरकार द्वारा सभी डाकघरों को कोर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की योजना से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शाखाओं को जोड़ने के लिए कार्ययोजना शासन की गाइडलाइन के अनुसार बनाई जाएगी।
जिले में ग्रामीण डाक सेवक घर-घर सेवाएं पहुंचा रहे और ग्रामीण क्षेत्रों में कोर बैंकिंग सेवाओं के पहुंचने से सभी डाकघरों की कोर बैंकिंग सेवा कनेक्टिविटी होने के साथ ग्रामीण बैंकिंग क्षेत्र की तस्वीर बहुत बेहतर एवं मजबूत हो जाएगी।
- एसके जैन, डाक अधीक्षक