{"_id":"64a70d6bc613c453d4002f54","slug":"rs-500-fine-after-11-years-in-case-of-assault-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-283-2023-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: मारपीट के मामले में 11 साल बाद 500 रुपये की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: मारपीट के मामले में 11 साल बाद 500 रुपये की सजा
विज्ञापन
हरदोई। मारपीट के 11 साल पुराने मामले में सीजेएम लाल बहादुर गोंड ने दोषी को 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर सात दिन का कारावास भुगतना होगा।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के सहादतनगर गांव निवासी सर्वेश ने न्यायालय में वाद दायर कर बताया था कि गांव के ही रोशनलाल,उनके बेटे विनोद व रामू और श्यामलाल ,उनके बेटे छोटा घटना के साथ कुछ दिन पूर्व सर्वेश विवाद हो गया था। इसके कारण पांचों आरोपी सर्वेश से रंजिश मानते थे।
25 नवंबर 2011 को पांचों आरोपी एक राय होकर लाठी-डंडा लेकर उसके घर के बाहर आ गए और गालियां देने लगे। गाली देने से मना करने पर पांचों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद उसने थाने में तहरीर दी थी कार्रवाई न होने पर न्यायालय में न्याय की गुहार लगाई थी। इसकी सुनवाई करते हुए सीजेएम ने पांचों आरोपियों को न्यायालय में तलब किया था। गुरुवार को रोशन लाल ने न्यायालय में उपस्थित होकर अपना जुर्म इकबाल करते हुए कहा कि वह अत्यंत गरीब एवं बीमार है। वह मुकदमा लड़ने की स्थिति में नहीं है। उसे जुर्म के आधार पर कम से कम सजा दी जाए। वह भविष्य में कभी भी कोई अपराध नहीं करेगा। अभियोजन अधिकारी ने कहा कि दोषी को अधिक से अधिक सजा दी जाए। इसकी सुनवाई करते हुए सीजेएम ने अपना फैसला सुनाया है। दौरान मुकदमा श्यामलाल की मौत हो गई है। अन्य तीन आरोपी जमानत पर बाहर हैं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
पिहानी कोतवाली क्षेत्र के सहादतनगर गांव निवासी सर्वेश ने न्यायालय में वाद दायर कर बताया था कि गांव के ही रोशनलाल,उनके बेटे विनोद व रामू और श्यामलाल ,उनके बेटे छोटा घटना के साथ कुछ दिन पूर्व सर्वेश विवाद हो गया था। इसके कारण पांचों आरोपी सर्वेश से रंजिश मानते थे।
विज्ञापन
25 नवंबर 2011 को पांचों आरोपी एक राय होकर लाठी-डंडा लेकर उसके घर के बाहर आ गए और गालियां देने लगे। गाली देने से मना करने पर पांचों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद उसने थाने में तहरीर दी थी कार्रवाई न होने पर न्यायालय में न्याय की गुहार लगाई थी। इसकी सुनवाई करते हुए सीजेएम ने पांचों आरोपियों को न्यायालय में तलब किया था। गुरुवार को रोशन लाल ने न्यायालय में उपस्थित होकर अपना जुर्म इकबाल करते हुए कहा कि वह अत्यंत गरीब एवं बीमार है। वह मुकदमा लड़ने की स्थिति में नहीं है। उसे जुर्म के आधार पर कम से कम सजा दी जाए। वह भविष्य में कभी भी कोई अपराध नहीं करेगा। अभियोजन अधिकारी ने कहा कि दोषी को अधिक से अधिक सजा दी जाए। इसकी सुनवाई करते हुए सीजेएम ने अपना फैसला सुनाया है। दौरान मुकदमा श्यामलाल की मौत हो गई है। अन्य तीन आरोपी जमानत पर बाहर हैं। (संवाद)
विज्ञापन