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Hardoi News: 93 गांवों में आरआरसी अधूरे, खातों में 4.54 करोड़ डंप
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हरदोई। गांवों में कूड़ा निस्तारण के लिए बनवाए जा रहे रिकवरी रिर्सोस सेंटर (आरआरसी) के काम में गांवों के जिम्मेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। 93 गांवों के आरआरसी अभी पूरी तरह से नहीं बन सके हैं। इन गांवों में काम पूरा न होने से सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (एसएलडब्ल्यूएम) का सही प्रकार से काम नहीं हो पा रहा है। काम शेष होने से आरआरसी अपने उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं वहीं, इन गांवों के खातों में 4.54 करोड़ से अधिक की राशि डंप भी है।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम-ग्रामीण) फेस-2 के तहत वर्ष 2022-23 में एसएलडब्ल्यूएम में 116 गांवों को चयनित किया गया। चयनित गांवों में आरआरसी निर्माण के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से 34,31,53,806 रुपये की क्रेडिट लिमिट जारी की गई थी। जिसमें अभी तक करीब 88 प्रतिशत राशि खर्च हो सकी है और 23 गांवों में आरआरसी पूरे भी कराए गए हैं। 93 गांवों के जिम्मेदारों ने आरआरसी को पूरा कराने में रुचि नहीं ली। इन गांवों में कुछ न कुछ काम होना शेष हैं और आरआरसी अधूरी श्रेणी में प्रदर्शित हो रहे हैं।
आरआरसी के लिए जारी राशि में से 93 गांवों के खातों में 4,54,36,817 रुपये खातों में डंप हैं। काम पूरा न होने से आरआरसी न तो उद्देश्य में सार्थक साबित हो पाए हैं और न ही गांवों में निकलने वाले कूड़ा का सही प्रकार से निस्तारण हो पा रहा है।
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संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को गांववार खातों में लिमिट में बची राशि का ब्योरा दिया गया है। कहा गया है कि एसबीएम ग्रामीण फेज-2 के सभी आरआरसी के शेष कामों को जनवरी में ही पूरा करा लिया जाए। जिससे काम पूरा हो सके और गांवों के कूड़ा निस्तारण भी नियमित होने लगे व शासन को रिपोर्ट प्राप्त कराई जा सके।
विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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पंचायतीराज विभाग के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम-ग्रामीण) फेस-2 के तहत वर्ष 2022-23 में एसएलडब्ल्यूएम में 116 गांवों को चयनित किया गया। चयनित गांवों में आरआरसी निर्माण के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से 34,31,53,806 रुपये की क्रेडिट लिमिट जारी की गई थी। जिसमें अभी तक करीब 88 प्रतिशत राशि खर्च हो सकी है और 23 गांवों में आरआरसी पूरे भी कराए गए हैं। 93 गांवों के जिम्मेदारों ने आरआरसी को पूरा कराने में रुचि नहीं ली। इन गांवों में कुछ न कुछ काम होना शेष हैं और आरआरसी अधूरी श्रेणी में प्रदर्शित हो रहे हैं।
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आरआरसी के लिए जारी राशि में से 93 गांवों के खातों में 4,54,36,817 रुपये खातों में डंप हैं। काम पूरा न होने से आरआरसी न तो उद्देश्य में सार्थक साबित हो पाए हैं और न ही गांवों में निकलने वाले कूड़ा का सही प्रकार से निस्तारण हो पा रहा है।
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संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को गांववार खातों में लिमिट में बची राशि का ब्योरा दिया गया है। कहा गया है कि एसबीएम ग्रामीण फेज-2 के सभी आरआरसी के शेष कामों को जनवरी में ही पूरा करा लिया जाए। जिससे काम पूरा हो सके और गांवों के कूड़ा निस्तारण भी नियमित होने लगे व शासन को रिपोर्ट प्राप्त कराई जा सके।
विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी