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बंदर कूदने से ढहा छज्जा, किशोर की मौत
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घटना स्थल पर पड़ा छज्जे का मलबा और टूटी चारपाई। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। कासिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दिवारी में बंदर के कूदने से छज्जा ढह गया। मलबे में दबकर किशोर की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन और ताई गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दिवारी निवासी रमेश गांव में ही मजदूरी और खेती करता है। रविवार रात उसका पुत्र नितिन (14) आंगन में चारपाई पर लेटा था। पास में ही दूसरी चारपाई पर रमेश की पुत्री सुहानी (8) और भाभी किशाना (55) भी लेटी थीं। सोमवार सुबह छह बजे आंगन के निकट बने छज्जे पर बंदर कूद पड़ा। बंदर के कूदने से कमजोर छज्जा ढह गया।
मलबे में नितिन, सुहानी और किशाना दब गए। चीख पुकार सुनकर परिजन मौके पर आ गए और ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाकर तीनों लोगों को बाहर निकाला। तब तक नितिन की मौत हो चुकी थी। सुहानी और किशाना को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंहदर भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर बता जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रमेश ने बताया कि वह चंडीगढ़ में परिवार के साथ रहकर एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। लगभग दो माह पहले कोरोना संक्रमण के चलते परिवार सहित वापस आ गया था।
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दिवारी निवासी रमेश गांव में ही मजदूरी और खेती करता है। रविवार रात उसका पुत्र नितिन (14) आंगन में चारपाई पर लेटा था। पास में ही दूसरी चारपाई पर रमेश की पुत्री सुहानी (8) और भाभी किशाना (55) भी लेटी थीं। सोमवार सुबह छह बजे आंगन के निकट बने छज्जे पर बंदर कूद पड़ा। बंदर के कूदने से कमजोर छज्जा ढह गया।
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मलबे में नितिन, सुहानी और किशाना दब गए। चीख पुकार सुनकर परिजन मौके पर आ गए और ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाकर तीनों लोगों को बाहर निकाला। तब तक नितिन की मौत हो चुकी थी। सुहानी और किशाना को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंहदर भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर बता जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रमेश ने बताया कि वह चंडीगढ़ में परिवार के साथ रहकर एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। लगभग दो माह पहले कोरोना संक्रमण के चलते परिवार सहित वापस आ गया था।
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