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Hardoi News: तीन साल में सिर्फ सात बार शादी में बुक हुईं रोडवेज बसें
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फोटो- 16- स्थानीय रोडवेज बस स्टेशन पर खड़ी रोडवेज बस। संवाद
- किराया और मानक बन रहे आय बढ़ाने की कवायद में ब्रेकर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। परिवहन निगम ने आय बढ़ाने के लिए शादियों और पिकनिक के लिए रोडवेज बसों को किराए पर देने का निर्णय लिया। मानक ऐसे बनाए कि पिछले तीन साल में सिर्फ सात बार रोडवेज की बस शादी के लिए बुक कराई गईं। दरअसल विभागीय नियमों के मुताबिक 400 किलोमीटर से कम के सफर पर बुकिंग नहीं की जाती है। न्यूनतम किराया 28 हजार रुपये होने से भी बसों की बुकिंग नहीं हो पा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की रोडवेज बसों को शादी ब्याह में बारात ले जाने के लिए बुकिंग की जाती है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर रोडवेज की एसी और नॉन एसी बस की बुकिंग 24 घंटे के लिए की जा सकती है। परिवहन निगम से बसों को बारात या पिकनिक में ले जा सकते हैं।
इसके बावजूद बसों की बुकिंग नहीं हो रही है। बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही बुकिंग कराई जाती है। कारण है कि रोडवेज बस की बुकिंग कम से कम 400 किलोमीटर के लिए की जाएगी। इसका निर्धारित किराया 27,808 रुपये है। परिवहन निगम के निर्देशानुसार इससे कम किलोमीटर पर बुकिंग नहीं ली जा रही है और लोगों को यह कीमत अधिक लगती है। इसी वजह से हरदोई डिपो के अंतर्गत बीते तीन साल में सिर्फ सात बार ही बुकिंग हुई है। इसमें एक बुकिंग इसी वर्ष अप्रैल माह की सहालग में की गई।
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निगम ने कम की बुकिंग की समय सीमा
परिवहन निगम ने बुकिंग योजना में रफ्तार लाने की कोशिश शुरू की है। इसके मुताबिक अब नियमों में बदलाव किया गया है, लेकिन सिर्फ समय सीमा को लेकर। अब एक सप्ताह पहले तक भी बसों की बुकिंग हो सकेगी। पूर्व में कम से कम एक माह पहले बुकिंग करानी होती थी। नियम भले ही बदला हो, लेकिन किराए में कोई छूट न होने से कोई बहुत उम्मीद नजर नहीं आ रही।
वर्जन
रोडवेज बसों की बुकिंग संबंधी दिशा निर्देश परिवहन निगम मुख्यालय से तय किए गए हैं। जो मानक हैं, उन्हीं के आधार पर बुकिंग होती है। बसें बुक होती हैं, लेकिन संख्या काफी कम है। लाेगों का मानना है कि किराया अधिक है।-रमेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक सेवा
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- किराया और मानक बन रहे आय बढ़ाने की कवायद में ब्रेकर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। परिवहन निगम ने आय बढ़ाने के लिए शादियों और पिकनिक के लिए रोडवेज बसों को किराए पर देने का निर्णय लिया। मानक ऐसे बनाए कि पिछले तीन साल में सिर्फ सात बार रोडवेज की बस शादी के लिए बुक कराई गईं। दरअसल विभागीय नियमों के मुताबिक 400 किलोमीटर से कम के सफर पर बुकिंग नहीं की जाती है। न्यूनतम किराया 28 हजार रुपये होने से भी बसों की बुकिंग नहीं हो पा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की रोडवेज बसों को शादी ब्याह में बारात ले जाने के लिए बुकिंग की जाती है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर रोडवेज की एसी और नॉन एसी बस की बुकिंग 24 घंटे के लिए की जा सकती है। परिवहन निगम से बसों को बारात या पिकनिक में ले जा सकते हैं।
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इसके बावजूद बसों की बुकिंग नहीं हो रही है। बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही बुकिंग कराई जाती है। कारण है कि रोडवेज बस की बुकिंग कम से कम 400 किलोमीटर के लिए की जाएगी। इसका निर्धारित किराया 27,808 रुपये है। परिवहन निगम के निर्देशानुसार इससे कम किलोमीटर पर बुकिंग नहीं ली जा रही है और लोगों को यह कीमत अधिक लगती है। इसी वजह से हरदोई डिपो के अंतर्गत बीते तीन साल में सिर्फ सात बार ही बुकिंग हुई है। इसमें एक बुकिंग इसी वर्ष अप्रैल माह की सहालग में की गई।
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निगम ने कम की बुकिंग की समय सीमा
परिवहन निगम ने बुकिंग योजना में रफ्तार लाने की कोशिश शुरू की है। इसके मुताबिक अब नियमों में बदलाव किया गया है, लेकिन सिर्फ समय सीमा को लेकर। अब एक सप्ताह पहले तक भी बसों की बुकिंग हो सकेगी। पूर्व में कम से कम एक माह पहले बुकिंग करानी होती थी। नियम भले ही बदला हो, लेकिन किराए में कोई छूट न होने से कोई बहुत उम्मीद नजर नहीं आ रही।
वर्जन
रोडवेज बसों की बुकिंग संबंधी दिशा निर्देश परिवहन निगम मुख्यालय से तय किए गए हैं। जो मानक हैं, उन्हीं के आधार पर बुकिंग होती है। बसें बुक होती हैं, लेकिन संख्या काफी कम है। लाेगों का मानना है कि किराया अधिक है।-रमेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक सेवा