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Hardoi News: फर्जीवाड़ा कर जमीन का मालिकाना हक बदलने में दो सेवानिवृत्त कर्मियों पर रिपोर्ट
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संडीला। तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो और लेखपाल ने फर्जीवाड़ा कर एक शख्स की भूमि को दूसरे के नाम कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर जांच हुई तो फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पुलिस ने पूरे मामले में रजिस्ट्रार कानूनगो और लेखपाल के खिलाफ संडीला कोतवाली में फजीवाड़ा समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
संडीला कोतवाली क्षेत्र के ढिकुन्नी निवासी प्रदीप और अनूप ने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उनकी भूमि तहसील के अभिलेखों में सरवा के मजरा शिवपुरी निवासी मुन्नूलाल के नाम दर्ज कर दी गई है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तहसील के अधिकारियों से इस बारे में आख्या मांगी। पूरे मामले की जांच संडीला तहसीलदार राजीव यादव ने की। जांच के दौरान लेखपाल और कानूनगो ने तहसीलदार को बताया कि 20 मार्च 2018 के आदेशों के क्रम में नाम बदला गया है। इस आदेश की पत्रावली मांगी गई तो कार्यालय में पत्रावली ही नहीं मिली। तत्कालीन कानूनगो उदयवीर और लेखपाल सुरेंद्र पाल को 20 मई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया, लेकिन दोनों ने ही जवाब नहीं दिया।
जांच के दौरान पता चला कि लेखपाल सुरेंद्र पाल की गलत आख्या के आधार पर तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो उदयवीर ने भूमि का मालिकाना हक बदल दिया था। तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने उदयवीर और सुरेंद्र पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। खास बात यह है कि उक्त दोनों कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। संडीला कोतवाल विजेंद्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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संडीला कोतवाली क्षेत्र के ढिकुन्नी निवासी प्रदीप और अनूप ने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उनकी भूमि तहसील के अभिलेखों में सरवा के मजरा शिवपुरी निवासी मुन्नूलाल के नाम दर्ज कर दी गई है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तहसील के अधिकारियों से इस बारे में आख्या मांगी। पूरे मामले की जांच संडीला तहसीलदार राजीव यादव ने की। जांच के दौरान लेखपाल और कानूनगो ने तहसीलदार को बताया कि 20 मार्च 2018 के आदेशों के क्रम में नाम बदला गया है। इस आदेश की पत्रावली मांगी गई तो कार्यालय में पत्रावली ही नहीं मिली। तत्कालीन कानूनगो उदयवीर और लेखपाल सुरेंद्र पाल को 20 मई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया, लेकिन दोनों ने ही जवाब नहीं दिया।
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जांच के दौरान पता चला कि लेखपाल सुरेंद्र पाल की गलत आख्या के आधार पर तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो उदयवीर ने भूमि का मालिकाना हक बदल दिया था। तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने उदयवीर और सुरेंद्र पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। खास बात यह है कि उक्त दोनों कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। संडीला कोतवाल विजेंद्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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