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Hardoi News: लेखाकार, ग्राम सचिव और फर्म संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Wed, 15 Nov 2023 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 15 Nov 2023 11:33 PM IST
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हरदोई। माधौगंज विकास खंड में ग्राम सचिव के भाई की फर्म को भुगतान किए जाने के मामले में डीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी की तहरीर पर ग्राम विकास अधिकारी, फर्म और उसके प्रोपराइटर, लेखाकार को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई है। कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई है। दर्ज हुए मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक खुद करेंगे।
अमर उजाला ने खुलासा किया था कि माधौगंज विकास खंड में तैनात एक ग्राम सचिव के भाई की फर्म को 50 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। डीएम एमपी सिंह ने खबर को संज्ञान में लेकर पूरे मामले की जांच तीन सदस्यीय समिति से कराई। इस दौरान पता चला कि माधौगंज क्षेत्र पंचायत और माधौगंज की ही विभिन्न ग्राम पंचायतों से ग्राम सचिव ब्रजेंद्र पाल सिंह के भाई सतेंद्र कुमार की फर्म मेसर्स नवप्रभात कंस्ट्रक्शन को गत और चालू वित्तीय वर्ष में लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। शासनादेश के मुताबिक पंचायत राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के किसी भी कर्मचारी या संविदाकर्मी अथवा उनके रिश्तेदारों की फर्म को न तो काम दिया जा सकता है और न ही भुगतान। जांच रिपोर्ट में पता चला था कि शासनादेश का उल्लंघन कर सुनियोजित ढंग से खेल किया गया है।
डीएम एमपी सिंह ने इस मामले में एफआईआर कराने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह की तहरीर पर ग्राम सचिव ब्रजेंद्र पाल सिंह, तत्कालीन लेखाकार सचिन रस्तोगी, मेसर्स नवप्रभात कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर सतेंद्र कुमार को नामजद करते हुए अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई र्है। प्रभारी निरीक्षक ध्रुव कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़ा, जालसाजी, नियम विरुद्ध कार्य आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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ब्लाक प्रमुख के बेटे की फर्म को भुगतान की जांच अटकी
माधौगंज की ब्लाक प्रमुख लौंग श्री के बेटे शैलेंद्र कुमार की फर्म को भी लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का खुलासा अमर उजाला ने किया था। 12 अक्तूबर को किए गए इस खुलासे को संज्ञान में लेकर डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में जिला विकास अधिकारी, ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक और व्यापार कर के उपायुक्त शामिल हैं। जांच रिपोर्ट 15 दिन में मांगी गई थी, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ और डीएम को नहीं दी है। अनौपचारिक बातचीत में एक अफसर का कहना है कि व्यस्तता के चलते जांच नहीं हो पाई, लेकिन जल्द ही जांच रिपोर्ट भी दी जाएगी और कार्रवाई भी होगी।
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अमर उजाला ने खुलासा किया था कि माधौगंज विकास खंड में तैनात एक ग्राम सचिव के भाई की फर्म को 50 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। डीएम एमपी सिंह ने खबर को संज्ञान में लेकर पूरे मामले की जांच तीन सदस्यीय समिति से कराई। इस दौरान पता चला कि माधौगंज क्षेत्र पंचायत और माधौगंज की ही विभिन्न ग्राम पंचायतों से ग्राम सचिव ब्रजेंद्र पाल सिंह के भाई सतेंद्र कुमार की फर्म मेसर्स नवप्रभात कंस्ट्रक्शन को गत और चालू वित्तीय वर्ष में लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। शासनादेश के मुताबिक पंचायत राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के किसी भी कर्मचारी या संविदाकर्मी अथवा उनके रिश्तेदारों की फर्म को न तो काम दिया जा सकता है और न ही भुगतान। जांच रिपोर्ट में पता चला था कि शासनादेश का उल्लंघन कर सुनियोजित ढंग से खेल किया गया है।
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डीएम एमपी सिंह ने इस मामले में एफआईआर कराने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह की तहरीर पर ग्राम सचिव ब्रजेंद्र पाल सिंह, तत्कालीन लेखाकार सचिन रस्तोगी, मेसर्स नवप्रभात कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर सतेंद्र कुमार को नामजद करते हुए अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई र्है। प्रभारी निरीक्षक ध्रुव कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़ा, जालसाजी, नियम विरुद्ध कार्य आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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ब्लाक प्रमुख के बेटे की फर्म को भुगतान की जांच अटकी
माधौगंज की ब्लाक प्रमुख लौंग श्री के बेटे शैलेंद्र कुमार की फर्म को भी लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का खुलासा अमर उजाला ने किया था। 12 अक्तूबर को किए गए इस खुलासे को संज्ञान में लेकर डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में जिला विकास अधिकारी, ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक और व्यापार कर के उपायुक्त शामिल हैं। जांच रिपोर्ट 15 दिन में मांगी गई थी, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ और डीएम को नहीं दी है। अनौपचारिक बातचीत में एक अफसर का कहना है कि व्यस्तता के चलते जांच नहीं हो पाई, लेकिन जल्द ही जांच रिपोर्ट भी दी जाएगी और कार्रवाई भी होगी।