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Hardoi News: किराया पूरा, सुविधा नाकाफी
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हरदोई। स्थानीय स्टेशन से विभिन्न मार्गों पर दौड़ रही कई बसों में यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, किसी की खिड़की से शीशे गायब हैं, तो किसी में फर्स्ट ऐड बॉक्स नहीं है। कई में अग्निशमन यंत्र भी नहीं है। इससे यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय स्टेशन के बेडे में 136 बसें शामिल हैं। इनमें से 26 बसें उम्र पूरी करने के कारण वर्कशाप पहुंच गई हैं। उनके स्थान पर विभाग को अनुबंध में 16 बसें मिल चुकी है। प्रतिमाह दो निगम की बसें बढ़ाई जा रही हैं। स्थानीय स्टेशन से प्रतिदिन दस से 12 हजार यात्री यात्रा करते हैं। स्टेशन से हर मार्ग के लिए बसों का संचालन होता है। रोडवेज के बेडे में शामिल कई बसों में यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं है। बसों की सीटें बदहाल हैं, कई को वेल्डिंग करके जोड़ा गया है। जो बस चलने पर हिलती रहती है। बारिश के मौसम में कई बसों में खिड़की के शीशे नहीं है, इससे पानी बस के अंदर पहुंच जाता है।
बसों में नहीं है प्राथमिक उपचार की व्यवस्था
स्थानीय स्टेशन पर खड़ी बसों की पड़ताल की गई तो अधिकांश में फर्स्ट ऐड बॉक्स नहीं था। जिससे आकस्मिक समय में यात्रियों का इलाज किया जा सके।
आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी
रोडवेज बसों में आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगे हैं। चालक की सीटें भी क्षतिग्रस्त है। गेयर बॉक्स की हालत भी ठीक नहीं दिखी।
व्यवस्था को किया जा रहा बेहतर-
रोडवेज बसों की नियमित जांच कराई जाती है, नई बसें बेड़े में शामिल हो रही हैं, जिन बसों में समस्या है, उनको दूर कराया जा रहा है। नई बसों के आने पर पुरानी बसों को हटाए जाने की प्रकिया की जा रही है।
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- हुकुम सिंह, एआरएम, रोडवेज
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स्थानीय स्टेशन के बेडे में 136 बसें शामिल हैं। इनमें से 26 बसें उम्र पूरी करने के कारण वर्कशाप पहुंच गई हैं। उनके स्थान पर विभाग को अनुबंध में 16 बसें मिल चुकी है। प्रतिमाह दो निगम की बसें बढ़ाई जा रही हैं। स्थानीय स्टेशन से प्रतिदिन दस से 12 हजार यात्री यात्रा करते हैं। स्टेशन से हर मार्ग के लिए बसों का संचालन होता है। रोडवेज के बेडे में शामिल कई बसों में यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं है। बसों की सीटें बदहाल हैं, कई को वेल्डिंग करके जोड़ा गया है। जो बस चलने पर हिलती रहती है। बारिश के मौसम में कई बसों में खिड़की के शीशे नहीं है, इससे पानी बस के अंदर पहुंच जाता है।
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बसों में नहीं है प्राथमिक उपचार की व्यवस्था
स्थानीय स्टेशन पर खड़ी बसों की पड़ताल की गई तो अधिकांश में फर्स्ट ऐड बॉक्स नहीं था। जिससे आकस्मिक समय में यात्रियों का इलाज किया जा सके।
आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी
रोडवेज बसों में आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगे हैं। चालक की सीटें भी क्षतिग्रस्त है। गेयर बॉक्स की हालत भी ठीक नहीं दिखी।
व्यवस्था को किया जा रहा बेहतर-
रोडवेज बसों की नियमित जांच कराई जाती है, नई बसें बेड़े में शामिल हो रही हैं, जिन बसों में समस्या है, उनको दूर कराया जा रहा है। नई बसों के आने पर पुरानी बसों को हटाए जाने की प्रकिया की जा रही है।
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- हुकुम सिंह, एआरएम, रोडवेज