फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Registration in government hospital, forced to deliver in nursing home

Hardoi News: पंजीकरण सरकारी अस्पताल में, प्रसव नर्सिंगहोम में कराने के लिए मजबूर

Fri, 05 Dec 2025 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Dec 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
Registration in government hospital, forced to deliver in nursing home
जननी सुरक्षा योजना का हाल...संस्थागत प्रसवों पर नहीं दिख रहा जोर, ऑपरेशन भी नहीं बढ़े
विज्ञापन

62,051 प्रसव कराने का था लक्ष्य. अभी तक सरकारी अस्पतालों में संस्थागत 34,090 प्रसव हुए
संसाधन और स्टाफ की कमी के चलते परिजन निजी अस्पताल के लिए होते हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण भले ही सरकारी अस्पतालों में होता है, लेकिन प्रसव के समय सरकारी चिकित्सालयों में संसाधन और स्टाफ की कमी के चलते परिजन निजी अस्पताल चले जाते हैं। एक तरफ अधिकारी सरकारी अस्पताल में प्रसव बढ़ाने पर जोर तो दे रहे हैं, लेकिन जिला महिला अस्पताल को छोड़ कर जिले भर की सीएचसी पर लक्ष्य के सापेक्ष भी प्रसव नहीं हो रहे हैं।
जिले के सरकारी चिकित्सालयों में संसाधन और सुविधाएं होने के बाद भी गर्भवतियों को लाभ नहीं मिल पा रहा। जिले के एफआरयू पर जहां सिजेरियन प्रसव लक्ष्य के मुताबिक नहीं हो रहे हैं, वहीं संस्थागत प्रसवों पर भी जोर नहीं दिख रहा है। ऐसे में गर्भवती सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने के बजाए निजी अस्पतालों पर अधिक भरोसा जता रही हैं।
विज्ञापन

अप्रैल से अक्तूबर तक सरकारी अस्पताल में पंजीकरण के मुताबिक 62,051 प्रसव कराने का लक्ष्य मिला। इनमें अभी तक सरकारी अस्पतालों में संस्थागत 34,090 प्रसव हुए हैं जबकि 1163 सिजेरियन प्रसव कराए गए हैं। जिला महिला चिकित्सालय और चार एफआरयू अस्पताल में सिजेरियन की सुविधा है। इसके बावजूद सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है और गर्भवतियों को परेशान होना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



जांच के लिए भटकती हैं गर्भवती
जिले के सरकारी चिकित्सालयों पर गर्भवती को जांच की सुविधा का लाभ भी नहीं मिल पाता है। बीते कई माह से भुगतान न होने की वजह से महिलाओं को निजी क्लीनिकों पर ही अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा था। जिला महिला अस्पताल में भी गर्भवतियों को लाभ मिलने की वजह से निजी सेंटरों पर ही जाना पड़ रहा है।

वर्जन

जननी सुरक्षा योजना महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को लेकर है। सरकारी चिकित्सालयों में सामान्य व सिजेरियन प्रसव के आंकड़े बढ़ाने को लेकर लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। एएनएम को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। इससे प्रसव लगातार बढ़ रहे हैं। नवंबर माह में एएनएम ने 65 प्रसव कराए हैं।-डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरदोई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed