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मानकविहीन स्वेटर बांटने से इनकार, रिपोर्ट भेजी
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फोटो-17-कुछ इस तरह के स्वेटर आए हैं वितरण को। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। विद्यार्थियों को वितरित करने के लिए भेजे गए मानकविहीन स्वेटर बांटने से कछौना के जिम्मेदारों ने इनकार कर दिया। संडीला के तहसीलदार और कछौना के खंड शिक्षा अधिकारी ने वितरण के लिए आए स्वेटर मानकविहीन बताते हुए पूरी रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी है।
परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को निशुल्क स्वेटर वितरित किए जाते हैं। स्वेटर वितरण के लिए फर्म का चयन जेम पोर्टल के जरिए होने वाली निविदा प्रक्रिया से किया जाता है। निविदा आमंत्रित किए जाने के दौरान ही स्वेटर के सभी मानक भी स्पष्ट कर दिए जाते हैं। डीएम अविनाश कुमार स्वेटरों की गुणवत्ता को लेकर बेहद गंभीर हैं और किसी भी हाल में मानक विहीन स्वेटर की आपूर्ति न लिए जाने के निर्देश दे चुके हैं। कछौना विकास खंड के अंतर्गत संचालित परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वितरित करने के लिए स्वेटर संबंधित फर्म ने खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेजे थे। इसके बाद उपलब्ध कराए गए स्वेटरों का मानक के मुताबिक परीक्षण सत्यापन समिति ने किया। इस दौरान पता चला कि उपलब्ध कराए गए स्वेटर निर्धारित मानकों के विपरीत हैं। इस पर सत्यापन समिति के सदस्यों (तहसीलदार संडीला, बीईओ कछौना और बीडीओ कछौना) ने पूरी आख्या जहां एक ओर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव को भेज दी, वहीं मानकविहीन स्वेटर वितरित कराने से भी इनकार कर दिया।
भेजे गए थे 13400 स्वेटर
विभागीय सूत्र बताते हैं कि कछौना विकास खंड के 15 हजार 900 विद्यार्थियों को स्वेटर वितरित किए जाने थे। इसके सापेक्ष 13400 स्वेटरों की आपूर्ति ब्लॉक के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिली थी। स्वेटर मानकविहीन निकले, तो फिर इनका वितरण नहीं हुआ।
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यह है मानक
स्वेटरों की आपूर्ति चार साइजों में की जाती है। 26, 28, 30 और 32 नंबर। शासनादेश के मुताबिक 26 नंबर के स्वेटर का वजन 245 ग्राम, 28 नंबर के स्वेटर का वजन 265 ग्राम, 30 नंबर के स्वेटर का वजन 285 ग्राम और 32 नंबर के स्वेटर का वजन 305 ग्राम होना चाहिए।
दो सौ रुपये का स्वेटर 164.80 रुपये में हो रहा वितरित
शासन ने प्रत्येक स्वेटर की कीमत दो सौ रुपये तय की थी। इसी मूल्य के आधार पर टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। जनपद में टेंडर प्रक्रिया में जीत हासिल करने वाली फर्म 164.80 रुपये मेें प्रति स्वेटर उपलब्ध करा रही है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी हाल में गुणवत्ताहीन सामग्री न खरीदी जाए। साथ ही साथ मानकों का उल्लंघन न किए जाने के निर्देश भी शासन ने दे रखे हैं।
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परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को निशुल्क स्वेटर वितरित किए जाते हैं। स्वेटर वितरण के लिए फर्म का चयन जेम पोर्टल के जरिए होने वाली निविदा प्रक्रिया से किया जाता है। निविदा आमंत्रित किए जाने के दौरान ही स्वेटर के सभी मानक भी स्पष्ट कर दिए जाते हैं। डीएम अविनाश कुमार स्वेटरों की गुणवत्ता को लेकर बेहद गंभीर हैं और किसी भी हाल में मानक विहीन स्वेटर की आपूर्ति न लिए जाने के निर्देश दे चुके हैं। कछौना विकास खंड के अंतर्गत संचालित परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वितरित करने के लिए स्वेटर संबंधित फर्म ने खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेजे थे। इसके बाद उपलब्ध कराए गए स्वेटरों का मानक के मुताबिक परीक्षण सत्यापन समिति ने किया। इस दौरान पता चला कि उपलब्ध कराए गए स्वेटर निर्धारित मानकों के विपरीत हैं। इस पर सत्यापन समिति के सदस्यों (तहसीलदार संडीला, बीईओ कछौना और बीडीओ कछौना) ने पूरी आख्या जहां एक ओर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव को भेज दी, वहीं मानकविहीन स्वेटर वितरित कराने से भी इनकार कर दिया।
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भेजे गए थे 13400 स्वेटर
विभागीय सूत्र बताते हैं कि कछौना विकास खंड के 15 हजार 900 विद्यार्थियों को स्वेटर वितरित किए जाने थे। इसके सापेक्ष 13400 स्वेटरों की आपूर्ति ब्लॉक के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिली थी। स्वेटर मानकविहीन निकले, तो फिर इनका वितरण नहीं हुआ।
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यह है मानक
स्वेटरों की आपूर्ति चार साइजों में की जाती है। 26, 28, 30 और 32 नंबर। शासनादेश के मुताबिक 26 नंबर के स्वेटर का वजन 245 ग्राम, 28 नंबर के स्वेटर का वजन 265 ग्राम, 30 नंबर के स्वेटर का वजन 285 ग्राम और 32 नंबर के स्वेटर का वजन 305 ग्राम होना चाहिए।
दो सौ रुपये का स्वेटर 164.80 रुपये में हो रहा वितरित
शासन ने प्रत्येक स्वेटर की कीमत दो सौ रुपये तय की थी। इसी मूल्य के आधार पर टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। जनपद में टेंडर प्रक्रिया में जीत हासिल करने वाली फर्म 164.80 रुपये मेें प्रति स्वेटर उपलब्ध करा रही है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी हाल में गुणवत्ताहीन सामग्री न खरीदी जाए। साथ ही साथ मानकों का उल्लंघन न किए जाने के निर्देश भी शासन ने दे रखे हैं।