{"_id":"4185a405650fde1142a9e4dda67c81c2","slug":"protesting-against-cm-saeed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम सईद के खिलाफ नारेबाजी, पुतला फूंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम सईद के खिलाफ नारेबाजी, पुतला फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 13 Mar 2015 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री पर राष्ट्रद्रोह का आरोप
विज्ञापन
लगा शिवसेना के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में न सिर्फ
प्रदर्शन किया, बल्कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री का पुतला फूंक आक्रोश
जताया।
इस बाबत राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंपकर जम्मू कश्मीर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान राज्य सचिव अवनीश श्रीवास्तव ने बताया कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने आतंकी सरगना मसर्रत आलम को रिहा कर राष्ट्रद्रोह का कार्य किया है।
जम्मू कश्मीर सरकार को बर्खाश्त कर मुख्यमंत्री पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने आतंकवादी मसर्रत आलम को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। इस दौरान शिवसेना के पदाधिकारियों ने उनका पुतला भी फूंका। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंप उचित कदम उठाने की मांग की।
इस दौरान रामनरेश अर्कवंशी, राजेश मिश्रा, छोटेलाल गौतम, गयाबक्श, सर्वेश कश्यप, दिवाकर मिश्रा, नरवीर गौतम, दिनेश गौतम और जगरूप गौतम आदि मौजूद थे।
इस बाबत राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंपकर जम्मू कश्मीर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान राज्य सचिव अवनीश श्रीवास्तव ने बताया कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद ने आतंकी सरगना मसर्रत आलम को रिहा कर राष्ट्रद्रोह का कार्य किया है।
जम्मू कश्मीर सरकार को बर्खाश्त कर मुख्यमंत्री पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने आतंकवादी मसर्रत आलम को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। इस दौरान शिवसेना के पदाधिकारियों ने उनका पुतला भी फूंका। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को सौंप उचित कदम उठाने की मांग की।
इस दौरान रामनरेश अर्कवंशी, राजेश मिश्रा, छोटेलाल गौतम, गयाबक्श, सर्वेश कश्यप, दिवाकर मिश्रा, नरवीर गौतम, दिनेश गौतम और जगरूप गौतम आदि मौजूद थे।