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Hardoi News: धूमधाम से खुले प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र हो गए बीमार, दवाओं का टोटा
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फोटो-24-सवायजपुर सीएचसी के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में मौंजूद वेेंडर अदिति। संवाद
हरदोई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों को प्रचार-प्रसार के साथ खोला गया था। इसे क्षेत्र की उपलब्धि बताते हुए खूब वाहवाही भी लूटी गई थी। अब हाल यह है कि जन औषधि केंद्रों पर ज्यादातर जेनेरिक दवाएं मिल ही नहीं पा रही हैं। सर्जिकल उपकरण तो खैर दूर की कौड़ी है। जेनेरिक और सस्ती दवाएं मिलने की आस में जन औषधि केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को निराशा ही हाथ लगती है।
जेनेरिक छोड़िए चिकित्सक की लिखी दवा मिलना भी मुश्किल
सवायजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 26 अगस्त को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खुला था। दवाइयां एक अगस्त को ही आ जाने का दावा किया गया था। उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने किया था। दावा यह भी था कि क्षेत्रीय लोगों को जेनेरिक दवाएं सस्ते दामों पर यहां मिल जाएंगी। अब जेनेरिक दवाएं तो छोड़िए सीएचसी के चिकित्सक की लिखी दवाइयां तक यहां नहीं मिल पा रही हैं। एक सैकड़ा से अधिक दवाइयां जो यहां होनी चाहिए थीं वह भी नहीं हैं। सर्जिकल उपकरण भी नाम मात्र के हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. पराग कुमार ने बताया कि जेनेरिक दवाइयां न मिल पाने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। इसका निस्तारण उच्च स्तर से ही संभव है।
सर्जिकल उपकरण हैं नहीं, 100 में से 20 दवाइयां ही मिलतीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर में भी प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। दो अगस्त को क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने इसका उद्घाटन किया था। वेंडर के मुताबिक यहां 100 तरह की दवाइयां उपलब्ध होनी चाहिए थीं। फिलहाल 20 तरह की दवाइयां ही हैं। न तो कोई इंजेक्शन है और न ही सिरप। सर्जिकल उपकरण के नाम पर कुछ भी नहीं है। सीएचसी के डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखते तो हैं लेकिन यहां मिलती नहीं। ऐसे में फिर मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय का दावा है कि सीएचसी में सिर्फ जेनेरिक दवाएं ही लिखी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि दवाइयां उपलब्ध न होने के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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वेंडरों को नहीं मिला मानदेय
हरपालपुर सीएचसी के वेंडर देवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें मानदेय नहीं मिला है। एक माह का मानदेय 15 हजार रुपये तय हुआ था। संबंधित कंपनी ने मानदेय नहीं दिया।
सवायजपुर सीएचसी के वेंडर आदित्य ने बताया कि एक माह से उसे भी मानदेय नहीं मिला है। 15 हजार रुपये मानदेय मिलना था लेकिन फिलहाल कुछ नहीं मिला है।
... और सीएमओ साहब को पता ही नहीं
हरपालपुर और सवायजपुर सीएचसी के अधीक्षक का दावा है कि दवाइयां न होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी हैं। इस पर सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय से बात की गई तो उन्होंने गजब का जवाब दिया। सीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं के अधीक्षकों से पूछ लीजिए।
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जेनेरिक छोड़िए चिकित्सक की लिखी दवा मिलना भी मुश्किल
सवायजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 26 अगस्त को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खुला था। दवाइयां एक अगस्त को ही आ जाने का दावा किया गया था। उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने किया था। दावा यह भी था कि क्षेत्रीय लोगों को जेनेरिक दवाएं सस्ते दामों पर यहां मिल जाएंगी। अब जेनेरिक दवाएं तो छोड़िए सीएचसी के चिकित्सक की लिखी दवाइयां तक यहां नहीं मिल पा रही हैं। एक सैकड़ा से अधिक दवाइयां जो यहां होनी चाहिए थीं वह भी नहीं हैं। सर्जिकल उपकरण भी नाम मात्र के हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. पराग कुमार ने बताया कि जेनेरिक दवाइयां न मिल पाने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। इसका निस्तारण उच्च स्तर से ही संभव है।
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सर्जिकल उपकरण हैं नहीं, 100 में से 20 दवाइयां ही मिलतीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर में भी प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। दो अगस्त को क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने इसका उद्घाटन किया था। वेंडर के मुताबिक यहां 100 तरह की दवाइयां उपलब्ध होनी चाहिए थीं। फिलहाल 20 तरह की दवाइयां ही हैं। न तो कोई इंजेक्शन है और न ही सिरप। सर्जिकल उपकरण के नाम पर कुछ भी नहीं है। सीएचसी के डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखते तो हैं लेकिन यहां मिलती नहीं। ऐसे में फिर मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय का दावा है कि सीएचसी में सिर्फ जेनेरिक दवाएं ही लिखी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि दवाइयां उपलब्ध न होने के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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वेंडरों को नहीं मिला मानदेय
हरपालपुर सीएचसी के वेंडर देवेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें मानदेय नहीं मिला है। एक माह का मानदेय 15 हजार रुपये तय हुआ था। संबंधित कंपनी ने मानदेय नहीं दिया।
सवायजपुर सीएचसी के वेंडर आदित्य ने बताया कि एक माह से उसे भी मानदेय नहीं मिला है। 15 हजार रुपये मानदेय मिलना था लेकिन फिलहाल कुछ नहीं मिला है।
... और सीएमओ साहब को पता ही नहीं
हरपालपुर और सवायजपुर सीएचसी के अधीक्षक का दावा है कि दवाइयां न होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी हैं। इस पर सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय से बात की गई तो उन्होंने गजब का जवाब दिया। सीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं के अधीक्षकों से पूछ लीजिए।

फोटो-24-सवायजपुर सीएचसी के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में मौंजूद वेेंडर अदिति। संवाद