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Hardoi News: तड़पी गर्भवती, डॉक्टर बोले कल ड्यूटी कर चुके, आज नहीं आएंगे
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हरदोई। स्वास्थ्य महकमे की दशा में सुधार की कोशिशों को विभागीय चिकित्सक ही पलीता लगा रहे हैं। आलम यह है कि सरकारी अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सक ही गैरहाजिर मिलते हैं।
उन्हें ड्यूटी पर बुलाएं तो वह कल आए थे आज नहीं आ पाएंगे कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। बुधवार को ऐसा ही एक मामला बिलग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में सामने आया है।
डाभा निवासी एक गर्भवती सीएचसी की एफआरयू में पहुंची, लेकिन यहां निष्चेतक मौजूद नहीं थे। इसके बाद ओटी टेक्नीशियन ने फोन कर डॉक्टर को सिजेरियन होने की सूचना दी। डॉक्टर ने कहा मंगलवार को इमजरेंसी ड्यूटी की है इसलिए अब आज नहीं आएंगे।
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जनपद में तीन एफआरयू हैं। संंडीला, बिलग्राम और पिहानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हैं। एफआरयू में आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन से प्रसव की व्यवस्था रहती है। प्रत्येक एफआरयू में न्यूनतम पांच सिजेरियन हर माह करने का लक्ष्य रहता है।
बिलग्राम सीएचसी के एफआरयू में यह लक्ष्य इस वर्ष अब तक किसी भी माह में पूरा ही नहीं हुआ। इसके कारण सीएमओ डा. रोहताश कुमार ने निष्चेतक चिकित्सक (मरीज को बेहोश करने वाले चिकित्सक) डॉ. सतेंद्र कुमार गौतम, यहीं तैनात डॉ. स्मिता और ओटी टेक्नीशियन विपिन कुशवाहा का वेतन भी रोक रखा है।
इसके बाद अधीक्षक और डॉ. स्मिता ने भी कॉल की, लेकिन वह नहीं आए। अब पूरे मामले की जानकारी अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने सीएमओ के साथ ही अपर निदेशक को भी दी।
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उन्हें ड्यूटी पर बुलाएं तो वह कल आए थे आज नहीं आ पाएंगे कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। बुधवार को ऐसा ही एक मामला बिलग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में सामने आया है।
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डाभा निवासी एक गर्भवती सीएचसी की एफआरयू में पहुंची, लेकिन यहां निष्चेतक मौजूद नहीं थे। इसके बाद ओटी टेक्नीशियन ने फोन कर डॉक्टर को सिजेरियन होने की सूचना दी। डॉक्टर ने कहा मंगलवार को इमजरेंसी ड्यूटी की है इसलिए अब आज नहीं आएंगे।
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जनपद में तीन एफआरयू हैं। संंडीला, बिलग्राम और पिहानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हैं। एफआरयू में आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन से प्रसव की व्यवस्था रहती है। प्रत्येक एफआरयू में न्यूनतम पांच सिजेरियन हर माह करने का लक्ष्य रहता है।
बिलग्राम सीएचसी के एफआरयू में यह लक्ष्य इस वर्ष अब तक किसी भी माह में पूरा ही नहीं हुआ। इसके कारण सीएमओ डा. रोहताश कुमार ने निष्चेतक चिकित्सक (मरीज को बेहोश करने वाले चिकित्सक) डॉ. सतेंद्र कुमार गौतम, यहीं तैनात डॉ. स्मिता और ओटी टेक्नीशियन विपिन कुशवाहा का वेतन भी रोक रखा है।
इसके बाद अधीक्षक और डॉ. स्मिता ने भी कॉल की, लेकिन वह नहीं आए। अब पूरे मामले की जानकारी अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने सीएमओ के साथ ही अपर निदेशक को भी दी।