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‘पावर ज्योति’ एकाउंट देगा लाभ
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 24 May 2015 12:36 AM IST
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फाइन डिपाजिट स्कीम के तहत जिला जज नरेश जैन ने स्टेट बैंक की मुख्य शाखा
में पावर ज्योति एकाउंट सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर एक वादी के मामले
का निस्तारण भी किया गया।
उन्होंने कहा कि इस सेवा से छोटे-मोटे मामलों के वादकारियों को राहत मिलेगी और इस एकाउंट में जुर्माने की राशि जमा कर मामले का निस्तारण हो जाएगा। यह सेवा और सुविधा एसबीआई की सभी शाखाओं से मिलेगी। कहा कि वादकारी अपने ऊपर आरोपित अर्थदंड को इस एकाउंट में जमा कर देगा तो बैंक द्वारा उसकी सूचना कोर्ट को दी जाएगी और मामला समाप्त हो जाएगा।
इससे मामलों के निस्तारण में गति आने के साथ ही वादकारियों को काफी राहत मिलेगी और समय एवं धन की बचत होगी। योजना के नोडल अधिकारी एसीजेएम पंचम जहेंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत प्रथम चरण में अभी मोटर वाहन एक्ट, पुलिस एक्ट के चालान, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत एक्ट आदि के मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
बताया कि इन मामलों में वादकारी को विशेष समन व चालान भेजा जाएगा। जिसमें मुकदमे का पूरा विवरण व अर्थदंड की धनराशि का उल्लेख किया जाएगा। वादकारी अर्थदंड की राशि एसबीआई की किसी भी शाखा में इस एकाउंट में जमा करेगा तो उसका वाद समाप्त हो जाएगा।
बैंक शाखा के मुख्य प्रबंधक अशोक चंद्रा ने कहा कि बैंक के लिए गर्व की बात है कि न्याय पालिका ने इस कार्य के लिए एसबीआई का चयन किया है। उन्होंने कहा कि बैंक इस योजना के तहत अपनी जिम्मेदारी सजगता के साथ निभाने का प्रयास करेगा। इससे पहले सहायक प्रबंधक मो. शेख उजेहर, मनोज कुमार, राजेश सिंह ने सभी न्यायिक अफसरों का स्वागत किया।
इस मौके पर न्यायिक अधिकारी हरिहर प्रसाद यादव, सूबा सिंह, अलका श्रीवास्तव, विशंभर प्रसाद, रामकुमार, रामसागर मिर्धा, विजेंद्र कुमार, जगन्नाथ मिश्रा, रामकरन, श्याम शंकर, अफशान, अभय प्रताप सिंह, अनुराधा पुंडीर, पूनम राजपूत, प्रभानाथ त्रिपाठी, यशपाल, महेंद्र कुमार, कोर्ट मैनेजर अरविंद श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि इस सेवा से छोटे-मोटे मामलों के वादकारियों को राहत मिलेगी और इस एकाउंट में जुर्माने की राशि जमा कर मामले का निस्तारण हो जाएगा। यह सेवा और सुविधा एसबीआई की सभी शाखाओं से मिलेगी। कहा कि वादकारी अपने ऊपर आरोपित अर्थदंड को इस एकाउंट में जमा कर देगा तो बैंक द्वारा उसकी सूचना कोर्ट को दी जाएगी और मामला समाप्त हो जाएगा।
इससे मामलों के निस्तारण में गति आने के साथ ही वादकारियों को काफी राहत मिलेगी और समय एवं धन की बचत होगी। योजना के नोडल अधिकारी एसीजेएम पंचम जहेंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत प्रथम चरण में अभी मोटर वाहन एक्ट, पुलिस एक्ट के चालान, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत एक्ट आदि के मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
बताया कि इन मामलों में वादकारी को विशेष समन व चालान भेजा जाएगा। जिसमें मुकदमे का पूरा विवरण व अर्थदंड की धनराशि का उल्लेख किया जाएगा। वादकारी अर्थदंड की राशि एसबीआई की किसी भी शाखा में इस एकाउंट में जमा करेगा तो उसका वाद समाप्त हो जाएगा।
बैंक शाखा के मुख्य प्रबंधक अशोक चंद्रा ने कहा कि बैंक के लिए गर्व की बात है कि न्याय पालिका ने इस कार्य के लिए एसबीआई का चयन किया है। उन्होंने कहा कि बैंक इस योजना के तहत अपनी जिम्मेदारी सजगता के साथ निभाने का प्रयास करेगा। इससे पहले सहायक प्रबंधक मो. शेख उजेहर, मनोज कुमार, राजेश सिंह ने सभी न्यायिक अफसरों का स्वागत किया।
इस मौके पर न्यायिक अधिकारी हरिहर प्रसाद यादव, सूबा सिंह, अलका श्रीवास्तव, विशंभर प्रसाद, रामकुमार, रामसागर मिर्धा, विजेंद्र कुमार, जगन्नाथ मिश्रा, रामकरन, श्याम शंकर, अफशान, अभय प्रताप सिंह, अनुराधा पुंडीर, पूनम राजपूत, प्रभानाथ त्रिपाठी, यशपाल, महेंद्र कुमार, कोर्ट मैनेजर अरविंद श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।