फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   positive news

बंदी महिलाओं की कढ़ाई देख इंग्लैंड प्रोफेसर बोलीं-बहुत बढ़िया

Mon, 30 Dec 2019 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2019 12:33 AM IST
विज्ञापन
positive news
हरदोई। नॉटिंघम विश्वविद्यालय इंग्लैंड की प्रोफेसर मैडम एलुनेड एडवर्ड ने जिले के सर्वोदय आश्रम व गांधी भवन का भ्रमण कर बंदियों व जरूरतमंद महिलाओं द्वारा तैयार की गई कढ़ाई व शिल्प कार्य को गहनता से देखा। उन्होंने इसे देख वॉओ (बहुत बढ़िया) शब्द का प्रयोग किया व कहा कि वास्तव में भारत देश प्रतिभाओं का धनी है।
विज्ञापन

दो दिन जिले में रहीं प्रोफेसर एलुनेड ने सर्वोदय आश्रम आकर ऊषा इंटरनेशनल की मदद से संचालित तीन केंद्रों का भ्रमण किया। आश्रम अध्यक्ष उर्मिला श्रीवास्तव ने उन्हें बताया कि आश्रम लगभग 4-5 माह से बंदी बहनों को जेल में कढ़ाई सिखाने का कार्य कर रहा है, जिससे वो कढ़ाई का हुनर सीख कर अपने समय का उपयोग कर सकें। सिलाई सेंटरों के बाबत बताया गया कि ग्रामीण बहनें जिस प्रकार अभावग्रस्त समाज में सिलाई के जरिये खुद स्वावलंबी होकर दूसरों के लिये स्वावलंबन का रास्ता खोल रही हैं। प्रोफेसर ने कहा कि शिल्प की पारंपरिक समृद्धि को समझ कर उसके संरक्षण व संवर्धन के लिए कार्य करना उनके भ्रमण का उद्देश्य था। उन्होंने गांधी भवन जाकर गांधीजी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने बंदी बहनों द्वारा बनाए गए रुमालों में कढ़ाई को देखा। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से भारत देश प्रतिभाओं का धनी देश है। यहां की संस्कृति व सभ्यता उन्हें हमेशा से प्रभावित करती रही है पर अफसोस कि कला व शिल्प भारत ही नहीं हर देश से लुप्त होता जा रहा है। यह कलाएं अब सिर्फ जरूरतमंदों की रोजी-रोटी का ही हिस्सा बनती दिख रहीं हैं। देश दुनिया की सभ्यता संस्कृति के संरक्षण के लिए इन पर लगातार कार्य होना आवश्यक है।
विज्ञापन

सर्वोदय आश्रम की अध्यक्ष ने बताया कि अभी दुनिया में उन हस्त कलाओं पर कई जागरूक लोग व संस्थाएं कार्य कर रही हैं जो पारंपरिक कलाएं जागरूकता के अभाव में, आर्थिक लाभ न दे पाने के कारण व नई पीढ़ी के रुचि न ले सकने के कारण खत्म हो चुकी हैं या लगभग समाप्त प्राय हैं। प्रोफेसर भी उन्हीं में से एक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुनिया की संस्कृति में टेक्सटाइल्स व ड्रेस विषय के लिए काम करने वाली प्रोफेसर एडवर्ड दुनिया का एक बड़ा नाम है, जिनके अंडर में लोग मास्टर्स और शोध करते हैं। इन्होंने बहुत समय तक कच्छ में काम किया है और वहां की संस्कृति को सहेजने में मदद की है। अभी वो फैब्रिक फेथ फैशन इन इंडिया विषय पर एक किताब लिख रही हैं जो लुप्त प्राय कलाओं को जीवनदायी बनाने का कार्य करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed