{"_id":"6ac28e490f33c523650da594","slug":"pnr-series-for-the-new-delhi-lucknow-mail-changed-it-will-now-begin-with-new-digits-hardoi-news-c-213-1-hra1004-157844-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: नई दिल्ली-लखनऊ मेल की बदली पीएनआर सीरीज, अब नए अंकों से होगी शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: नई दिल्ली-लखनऊ मेल की बदली पीएनआर सीरीज, अब नए अंकों से होगी शुरू
विज्ञापन
हरदोई। रेलवे ने ट्रेनों के पीएनआर नंबर की सीरीज में बदलाव शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत अब 10 अंकों के पीएनआर नंबर के शुरुआती तीन नंबर 500 या फिर 700 के अतिरिक्त 1, 3, 5 और 7 अंकों से शुरू हो सकते हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हरदोई में ठहराने वाली नई दिल्ली- लखनऊ मेल में पीएनआर नंबर की सीरीज में बदलाव कर दिया गया है। दिसंबर तक सभी ट्रेनों की पीएनआर सीरीज में बदलाव कर दिया जाएगा।
रेलवे ने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) को आधुनिक नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम में अपग्रेड किया है। ऐसे में अब वर्षों से चली आ रही पीएनआर नंबरों की सीरीज में बदलाव किया जा रहा है। इसके क्रम में नई दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 12230 का पीएनआर नंबर बदल गया है। वरिष्ठ मंडल रेल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि इस ट्रेन का नंबर अब 500 या 700 के अलावा अन्य नंबरों से शुरू हो सकता है।
बता दें कि वर्ष 1986 में कंप्यूटरीकृत आरक्षण व्यवस्था शुरू होने के बाद पीएनआर 10 अंकों का होता है। इसके शुरुआती तीन अंकों से ट्रेन के जोन और क्षेत्र की पहचान होती है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) के चार डेटाबेस सेंटर दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में स्थापित हैं। ऐसे में हरदोई स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट बनवाने पर टिकट पर पीआरएस सेंटर के तौर पर नई दिल्ली अंकित होता है।
विज्ञापन
अब तक दिल्ली डेटा बेस सेंटर से जुड़ी ट्रेनों के पीएनआर 2, कोलकाता के 6, मुंबई के 8 और चेन्नई सेंटर की ट्रेनों के पीएनआर 4 अंक से शुरू होते थे। लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस में 17 नवंबर से और पुष्पक एक्सप्रेस के पीएनआर दो दिसंबर से बदल जाएंगे। यदि, टिकट पुराने सिस्टम की तारीख में लिया गया है और यात्रा की तिथि में बदलाव नए सिस्टम के अंतर्गत किया गया तो टिकट निरस्त कराकर उसे दोबारा बनाना होगा।
इसलिए पड़ी बदलाव की जरूरत
पीआरएस को नए नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम में अपग्रेड होने के बाद अब रेल आरक्षण कार्य की गति बढ़ गई है। काउंटर पर टिकट बनाते समय एप्लीकेशन में नाम गलत होने पर उसमें संशोधन करने, एक ही बार में ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता, किराया, निचली सहित अन्य बर्थ की पोजीशन जैसी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। इस सिस्टम में पुरानी श्रृंखला के नंबर बाधा बन रहे थे। इसी कारण से रेलवे ने पुराने पीएनआर को नए नंबरों में माइग्रेट करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
रेलवे ने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) को आधुनिक नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम में अपग्रेड किया है। ऐसे में अब वर्षों से चली आ रही पीएनआर नंबरों की सीरीज में बदलाव किया जा रहा है। इसके क्रम में नई दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 12230 का पीएनआर नंबर बदल गया है। वरिष्ठ मंडल रेल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि इस ट्रेन का नंबर अब 500 या 700 के अलावा अन्य नंबरों से शुरू हो सकता है।
विज्ञापन
बता दें कि वर्ष 1986 में कंप्यूटरीकृत आरक्षण व्यवस्था शुरू होने के बाद पीएनआर 10 अंकों का होता है। इसके शुरुआती तीन अंकों से ट्रेन के जोन और क्षेत्र की पहचान होती है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) के चार डेटाबेस सेंटर दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में स्थापित हैं। ऐसे में हरदोई स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट बनवाने पर टिकट पर पीआरएस सेंटर के तौर पर नई दिल्ली अंकित होता है।
विज्ञापन
अब तक दिल्ली डेटा बेस सेंटर से जुड़ी ट्रेनों के पीएनआर 2, कोलकाता के 6, मुंबई के 8 और चेन्नई सेंटर की ट्रेनों के पीएनआर 4 अंक से शुरू होते थे। लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस में 17 नवंबर से और पुष्पक एक्सप्रेस के पीएनआर दो दिसंबर से बदल जाएंगे। यदि, टिकट पुराने सिस्टम की तारीख में लिया गया है और यात्रा की तिथि में बदलाव नए सिस्टम के अंतर्गत किया गया तो टिकट निरस्त कराकर उसे दोबारा बनाना होगा।
इसलिए पड़ी बदलाव की जरूरत
पीआरएस को नए नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम में अपग्रेड होने के बाद अब रेल आरक्षण कार्य की गति बढ़ गई है। काउंटर पर टिकट बनाते समय एप्लीकेशन में नाम गलत होने पर उसमें संशोधन करने, एक ही बार में ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता, किराया, निचली सहित अन्य बर्थ की पोजीशन जैसी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। इस सिस्टम में पुरानी श्रृंखला के नंबर बाधा बन रहे थे। इसी कारण से रेलवे ने पुराने पीएनआर को नए नंबरों में माइग्रेट करने का निर्णय लिया है।