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खांसी पर टीबी की कराएं जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 25 Mar 2015 12:08 AM IST
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विश्व क्षय रोग दिवस पर जिला अस्पताल में आयोजित
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गोष्ठी में डीएम ने दो सप्ताह तक लगातार खांसी आने पर टीबी की की जांच
कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डाट्स के कार्यक्रम में सभी लोग सहयोग
करें। जिसे इस रोग का निदान किया जा सके।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डीएम रमेश मिश्र ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि, समाज सेवी व सामान्य जन इस पुनीत कार्य में सहयोग दें तथा अपने आस पास उस हर व्यक्त को जिसे दो सप्ताह से अधिक से खांसी की शिकायत है, उसको टीबी की जांच कराने के लिए सरकारी अस्पताल जांच कराने को भेजने को प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर अब डाट्स प्लस सेवाओं का लाभ मरीज उठा सकते है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश को पोलियो मुक्त किया गया उसी तरह से संसाधनों का लाभ उठाते हुए क्षय रोग का निदान किया जाए। सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने कहा कि टीबी माइक्रोबेक्टीरियम टयूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होने वाला रोग है।
टीबी का सही इलाज न होने पर फेफड़ों की टीबी का एक रोगी एक वर्ष में 10 से 15 व्यक्तिओं में टीबी फैला सकता है। जिला क्षय रोग अधिकारी आरपी रावत ने जनपद में चलाए जा रहे कार्यक्रम के विषय में बताया कि जिले में 1.5 से 2.5 लाख की जनसंख्या पर एक टीबी यूनिट का निर्धारण किया जा रहा है।
जनपद में कुल 20 टीबी यूनिट स्थापित हो रहे हैं। इस मौके पर वक्ताओं ने टीबी रोग से बचाव और डाट्स योजना के विषय में विचार व्यक्त किए। इस मौके पर सीएमएस डा. आरके मिश्र, डिप्टी सीएमओ डा. अश्वनी कुमार, डा. विजय कुमार, डा. समरूल हसन, डा. अमर जीत सिंह आजमानी आदि मौजूद थेे।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डीएम रमेश मिश्र ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि, समाज सेवी व सामान्य जन इस पुनीत कार्य में सहयोग दें तथा अपने आस पास उस हर व्यक्त को जिसे दो सप्ताह से अधिक से खांसी की शिकायत है, उसको टीबी की जांच कराने के लिए सरकारी अस्पताल जांच कराने को भेजने को प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर अब डाट्स प्लस सेवाओं का लाभ मरीज उठा सकते है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश को पोलियो मुक्त किया गया उसी तरह से संसाधनों का लाभ उठाते हुए क्षय रोग का निदान किया जाए। सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने कहा कि टीबी माइक्रोबेक्टीरियम टयूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होने वाला रोग है।
टीबी का सही इलाज न होने पर फेफड़ों की टीबी का एक रोगी एक वर्ष में 10 से 15 व्यक्तिओं में टीबी फैला सकता है। जिला क्षय रोग अधिकारी आरपी रावत ने जनपद में चलाए जा रहे कार्यक्रम के विषय में बताया कि जिले में 1.5 से 2.5 लाख की जनसंख्या पर एक टीबी यूनिट का निर्धारण किया जा रहा है।
जनपद में कुल 20 टीबी यूनिट स्थापित हो रहे हैं। इस मौके पर वक्ताओं ने टीबी रोग से बचाव और डाट्स योजना के विषय में विचार व्यक्त किए। इस मौके पर सीएमएस डा. आरके मिश्र, डिप्टी सीएमओ डा. अश्वनी कुमार, डा. विजय कुमार, डा. समरूल हसन, डा. अमर जीत सिंह आजमानी आदि मौजूद थेे।