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सुस्ती: पंजीकरण के लिए आवेदन 1443, सत्यापित केवल 85
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हरदोई। धान बेचने के लिए पोर्टल पर किसान पंजीकरण की प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। सितंबर से शुरू हो चुकी प्रक्रिया के तहत अब तक मात्र 1443 किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इसमें भी अधिकारियों की सुस्ती के कारण मात्र 85 पंजीकरण ही सत्यापित किए जा सके हैं। जबकि 1358 आवेदन अलग-अलग कारणों से लंबित पड़े हैं।
जनपद में हर साल औसतन सवा लाख से डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की जाती है। लघु सीमांत किसानों की संख्या भी करीब चार लाख है। एक अक्तूबर से जनपद में धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। खरीद के लिए इस बार जनपद में 54 क्रय केंद्र खोले गए हैं। केंद्र पर धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण सितंबर से शुरू करा दिए गए थे, लेकिन किसान इसमें खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
अब तक मात्र 1443 किसानों ने पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। आवेदन करने में जहां किसान सुस्त हैं। वहीं प्रशासन आवेदनों के सत्यापन में उससे ज्यादा सुस्ती बरत रहा है। नतीजतन अभी तक पांचों तहसीलों में मात्र 85 किसानों के पंजीकरण पूर्ण रूप से सत्यापित किए जा सके हैं। जबकि 1358 पंजीकण अलग अलग कारण से पोर्टल पर लंबित शो कर रहे हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आवक शुरू होने के बाद भी अपेक्षित संख्या में किसान केंद्र पर धान नहीं बेंच पाएंगे।
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- खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शाहाबाद में अब तक 503 किसानों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। यहां केवल 21 पंजीकरण सत्यापित हो सके हैं। जबकि खतौनी में नाम मिसमैच होने, खतौनी में भूमि सत्यापित न हो पाने व बैंक खाता सत्यापित न हो पाने के कारण 482 आवेदन लंबित हैं।
- सवायजपुर में 88 पंजीकरण में से मात्र सात सत्यापित किए जा सके हैं। यहां कुल 81 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं।
- हरदोई तहसील में कुल 460 आवेदन आए हैं। यहां 10 आवेदन सत्यापित किए गए हैं।
- बिलग्राम में 104 में से मात्र 40 पंजीकरण सत्यापित किए जा सके हैं। यहां 64 आवेदन लंबित हैं।
- संडीला में 288 पंजीकरण आवेदनों में से मात्र सात सत्यापित हो सके हैं। यहां 281 आवेदन अलग-अलग कारणों से लंबित हैं।
धान बेचने के लिए किसानों द्वारा कराए जा रहे ऑनलाइन पंजीकरणों को सत्यापित करने में प्रशासन काफी सुस्त है। हरदोई के साथ ही अन्य जनपदों में भी समीक्षा के दौरान स्थिति खराब मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। अपर आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग अनिल कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर सत्यापन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
सभी एसडीएम को ऑनलाइन प्राप्त हो रहे पंजीकरणों के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं सत्यापन की समीक्षा कर रहीं हैं। प्रयास रहेगा कि अकारण किसी भी किसान का पंजीकरण सत्यापन लंबित न रहे। - वंदना त्रिवेदी, एडीएम, हरदोई
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जनपद में हर साल औसतन सवा लाख से डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की जाती है। लघु सीमांत किसानों की संख्या भी करीब चार लाख है। एक अक्तूबर से जनपद में धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। खरीद के लिए इस बार जनपद में 54 क्रय केंद्र खोले गए हैं। केंद्र पर धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण सितंबर से शुरू करा दिए गए थे, लेकिन किसान इसमें खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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अब तक मात्र 1443 किसानों ने पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। आवेदन करने में जहां किसान सुस्त हैं। वहीं प्रशासन आवेदनों के सत्यापन में उससे ज्यादा सुस्ती बरत रहा है। नतीजतन अभी तक पांचों तहसीलों में मात्र 85 किसानों के पंजीकरण पूर्ण रूप से सत्यापित किए जा सके हैं। जबकि 1358 पंजीकण अलग अलग कारण से पोर्टल पर लंबित शो कर रहे हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आवक शुरू होने के बाद भी अपेक्षित संख्या में किसान केंद्र पर धान नहीं बेंच पाएंगे।
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- खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शाहाबाद में अब तक 503 किसानों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। यहां केवल 21 पंजीकरण सत्यापित हो सके हैं। जबकि खतौनी में नाम मिसमैच होने, खतौनी में भूमि सत्यापित न हो पाने व बैंक खाता सत्यापित न हो पाने के कारण 482 आवेदन लंबित हैं।
- सवायजपुर में 88 पंजीकरण में से मात्र सात सत्यापित किए जा सके हैं। यहां कुल 81 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं।
- हरदोई तहसील में कुल 460 आवेदन आए हैं। यहां 10 आवेदन सत्यापित किए गए हैं।
- बिलग्राम में 104 में से मात्र 40 पंजीकरण सत्यापित किए जा सके हैं। यहां 64 आवेदन लंबित हैं।
- संडीला में 288 पंजीकरण आवेदनों में से मात्र सात सत्यापित हो सके हैं। यहां 281 आवेदन अलग-अलग कारणों से लंबित हैं।
धान बेचने के लिए किसानों द्वारा कराए जा रहे ऑनलाइन पंजीकरणों को सत्यापित करने में प्रशासन काफी सुस्त है। हरदोई के साथ ही अन्य जनपदों में भी समीक्षा के दौरान स्थिति खराब मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। अपर आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग अनिल कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर सत्यापन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
सभी एसडीएम को ऑनलाइन प्राप्त हो रहे पंजीकरणों के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं सत्यापन की समीक्षा कर रहीं हैं। प्रयास रहेगा कि अकारण किसी भी किसान का पंजीकरण सत्यापन लंबित न रहे। - वंदना त्रिवेदी, एडीएम, हरदोई