{"_id":"c58f2f9d541e23bd9f65ab59dbbfa14d","slug":"nrega-money-dubaya-in-pond-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब में डूबाया मनरेगा का पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाब में डूबाया मनरेगा का पैसा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 20 Jun 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन की ओर से मनरेगा के तहत तालाब खुदाई करवाने का
विज्ञापन
आदेश है, लेकिन सरकारी मशीनरी उल्टे कदम चल रही है। जिले के टड़ियावां
ब्लाक के ग्राम पंचायत नन्हें में मनरेगा से तालाब खुदवाने के बजाय तालाब
पटवा दिया गया। तालाब पटाई में मनरेगा का पैसा खर्च करने के मामले में
मनरेगा लोकपाल ने जांच के आदेश दिए हैं।
साथ ही ग्राम प्रधान को दोषी ठहराते हुए मुख्य विकास अधिकारी से कार्रवाई की संस्तुति की है। मनरेगा के तहत गांवों में खड़ंजा निर्माण कराने के साथ ही पेयजल के लिए तालाब खुदवाने का भी प्रावधान है। लेकिन विकास खंड टड़ियावां की ग्राम पंचायत नन्हें में में तालाब पाटने मे मनरेगा का पैसा खर्च कर दिया गया।
इसकी जानकारी मिलने पर प्रवेश कुमारी ने मनरेगा लोकपाल राम सागर से शिकायत की। बताया कि गांव का तालाब प्रधान सुंदरी देवी के पति ने मिट्टी डालकर भरवा दिया गया। तालाब में मिट्टी डलवाने में मनरेगा की धनराशि व्यय की गई। इतना हीं नहीं तालाब की भूमि पर प्रधान पति ने गेहूं की बुवाई कर फसल कटवा ली और यूकेलिप्टिस की लगा लिए।
शिकायत की जांच करने पहुंचे मनरेगा लोकपाल ने प्रधान को बुलवाकर पूछताछ की तो उन्हाेंने गड्ढे को पाटने की बात कही। मनरेगा लोकपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट में प्रधान के विरूद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता को रिपोर्ट दी है।
साथ ही ग्राम प्रधान को दोषी ठहराते हुए मुख्य विकास अधिकारी से कार्रवाई की संस्तुति की है। मनरेगा के तहत गांवों में खड़ंजा निर्माण कराने के साथ ही पेयजल के लिए तालाब खुदवाने का भी प्रावधान है। लेकिन विकास खंड टड़ियावां की ग्राम पंचायत नन्हें में में तालाब पाटने मे मनरेगा का पैसा खर्च कर दिया गया।
इसकी जानकारी मिलने पर प्रवेश कुमारी ने मनरेगा लोकपाल राम सागर से शिकायत की। बताया कि गांव का तालाब प्रधान सुंदरी देवी के पति ने मिट्टी डालकर भरवा दिया गया। तालाब में मिट्टी डलवाने में मनरेगा की धनराशि व्यय की गई। इतना हीं नहीं तालाब की भूमि पर प्रधान पति ने गेहूं की बुवाई कर फसल कटवा ली और यूकेलिप्टिस की लगा लिए।
शिकायत की जांच करने पहुंचे मनरेगा लोकपाल ने प्रधान को बुलवाकर पूछताछ की तो उन्हाेंने गड्ढे को पाटने की बात कही। मनरेगा लोकपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट में प्रधान के विरूद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता को रिपोर्ट दी है।