फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Note aroused was to change banks surge

नोट बदलने के लिए बैंकों में उमड़ा रेला

Thu, 10 Nov 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Thu, 10 Nov 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
Note aroused was to change banks surge
बैंक ऑफ इंडिया शाखा में लगी भीड़ । - फोटो : अमर उजाला

हरदोई।  चलने से बाहर हुए 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए गुरुवार को जिले की सभी बैंकों और पोस्ट आफिसों में रेला उमड़ पड़ा। सुबह 8 बजे से ही महिला, पुरुषों की लाइनें बैंकों के बाहर लग गई थीं। देर शाम तक लेन-देन चलता रहा। 

विज्ञापन


जिले में बैंक ऑफ इंडिया, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, एसबीआई, पीएनबी, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंकों आदि बैंकों की करीब 260 शाखाएं हैं। बैंकों पर 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए सुबह 8 बजे से ही लोग बैंकों के बाहर लाइन में लग गए।

विज्ञापन

 

10 बजे तक सभी बैंकों में ग्राहकों का मेला लग चुका था । जिसके चलते नोट एक्सचेंज काउंटर व सामान्य लेन देन के काउंटरों पर काम का प्रेशर काफी अधिक रहा । लोगों को भी घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ा ।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

शहर में सबसे ज्यादा भीड़ भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में रही हांलाकि अन्य एसबीआई शाखाओं व बैंक शाखाओं में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना भीड़ रही ।

 

कसबों और गांवों में स्थित बैंक शाखाओ में भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। सवायजपुर में सभी बैंकों में भीड़ रही। मल्लावां में भीड़ के चलते पुलिस तैनात की गई थी। बिलग्राम, गोपामऊ,कद्दौना, प्रताप नगर, बेनीगंज, हरपालपुर, भरखनी, बावन, टोडरपुर, शाहाबाद में भी बैंकों में शाम तक लाइनें लगीं रहीं। 


ज्यादातर बैंकों में नोट एक्सचेंज को  लेकर मनमाना रुख अपनाया गया और  किसी के निर्धारित सीमा चार हजार तक नोट बदले तो किसी का एक हजार बदला गया ।  ज्यादातर बैंक शाखाओं में नोट एक्सचेंज के लिए एक ही काउंटर चलाया गया और कई बैंक शाखाओं में खाते में जमा एवं भुगतान के लिए सामान्य दिनों की तरह एक ही काउंटर चलाया गया । जिससे लोगों को घंटों लाइन लगानी पड़ी । 

एसबीआई मेन ब्रांच हेड राकेश चंद्र ने बताया कि नोट एक्सचेंज के लिए निर्धारित सीमा का भुगतान दो कांउटर फिर एक और काउंटर बढ़ाकर कराया गया । लोगों ने एक्सचेंज फार्म भरकर और आईडी प्रूफ देकर नोट बदले । भीड़ के चलते लाइन लगना स्वाभाविक था। अफरा-तफरी न हो इसके लिए पुलिस बल तैनात रहा। 

राष्ट्रीय ग्रामीण एवं कृषि विकास बैंक (नाबार्ड) के डीडीएम राजीव मोहन  ने कहा कि कोई भी नई व्यवस्था होती है तो दो चार दिन दिक्कत आती है। इसमें हड़बड़ाने एवं किसी के बरगलाने में आने की जरूरत नहीं है । फाइनेंस एडवाइजर अजय ने कहा कि किसी दूसरे के पैसा न तो एक्सचेंज करें और न दूसरे का पैसा अपने खाते में जमा करें । अपने नोटों को स्वयं अपने बैंक खाते या फिर अपनी आईडी के जरिए बैंक से बदल लें । अपने नोट को कहीं भी कम कीमत पर चलाने की न सोचें न और न ही किसी भ्रम में आए । 


500 एवं 1000 की करेंसी के परिवर्तन, निकासी एवं धन जमा करने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था के कारणों के चलते एसपी राजीव मेहरोत्रा  ने जिला जज जयशील पाठक  को  गुरुवा को पत्र लिखा। एसपी ने पत्र में अनुरोध किया कि बड़े पैमाने पर फोर्स बैंकों व एटीएम आदि की सुरक्षा व कानून व्यवस्था में लगी है।

 

इसलिए जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को कारागार से जिला न्यायलय  पेशी पर लाना संभव नहीं हो पा रहा। जिला जज ने एसपी के पत्र का संज्ञान लेते हुए एडीजे चतुर्थ विसंभर प्रसाद को सत्र न्यायालय में विचारणीय मुकदमों का एवं एसीजेएम चतुर्थ ब्रजेश कुमार यादव को लोअर कोर्ट में विचारणीय वादों के बंदियों का  रिमांड लेने के लिये अधिकृत किया। जेलर एल पी सिंह ने बताया कि गुरुवार को कोई भी बंदी पेशी पर नहीं गया। सभी की पेशी जिला कारागार में ही न्यायिक अधिकारियों के सामने हुई। 

कसबे में 500,1000 रुपये के नोट बदलने के लिए सुबह से ही बैंकों में लाइनें लग गईं। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक पर महिलाओं को अलग कतार नहीं होने से परेशानी का सामना पड़ा। बैंक आफ इंडिया की पिहानी, टंडौन शाखा पर भीर सुबह से ही लाइन लग गई। यही हालत गांवों में स्थित विभिन्न बैंकों पर रही। बाजार में लगभग सन्नाटा रहा। इससे लाखों का कारोबार प्रभावित हुआ। हरियाली पेट्रोल पंप पर दूसरे दिन पेट्रोल डीजल खत्म होने से लोग परेशान रहे। अन्य पंपों पर एक हजार और पांच सौ का ही पेट्रोल दिया गया। नोट बदलने की सिफारिश के लिए कई लोग बैंककर्मियों के घर तक पहुंच गए। 

कस्बे में गुरूवार को ज्यादातर खाद की दुकानें बंद रहीं। इससे किसानों को डीएपी व यूरिया खरीदने के लिए भटकना पड़ा। खाद दुकानों पर लगभग एक हजार रुपये डीएपी और लगभग चार सौ रुपये की यूरिया खरीद को ज्यादातर किसान एक हजार और पांच सौ के नोट लेकर पहुंच रहे थे। किसानों मोहम्मद शकील, गजोधर लाल, सुरेश, बशीरूद्दीन व श्रीचंद आदि  के अनुसार सुबह 11 से शाम चार बजे तक खाद की दुकानें बंद रहने से खाद खरीदने का संकट रहा।

 

लोगों का अनुमान था कि शायद एक हजार और पांच सौ के नोट लेने से बचने के लिए ये दुकानें बंद रखी गईं।
रेलवे स्टेशन पर भी टिकट वितरण केंद्र में यात्रियों से 500 व 1000 रुपये के नोट नहीं लिए गए। मोहल्ला आजाद नगर निवासी शबनम को लखनऊ जाना था। टिकट लिया था पांच सौ का नोट दिया। टिकट वितरणकर्मी ने पांच सौ का नोट लेने से इंकार कर दिया और 100 के नोट या फिर नए नोट लाने को कहा।

 

इसी तरह नन्हें को बरेली जाना था। टिकट खिड़की पर बैठे कर्मचारी ने टिकट देने से पहले ही पांच सौ व एक हजार के नोट लेने से मना कर दिया। उनक ो छुट्टे रुपये नहीं मिले। इसके  बाद उन्होंने घर से भाई को बुलाकर रुपये मंगाए। इसके बाद टिकट लिया और रवाना हुए। इसी तरह बिलग्राम निवासी नीरज व महोलिया शिवपार निवासी रघुनाथ के पास भी पांच सौ का नोट था। इसके चलते उनको टिकट खिड़की के पास पहुंचने के बाद वापस होना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed