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ओमीक्रोन : न प्रशासन की तैयारियां न लोगों की सावधानियां
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रेलवे के आरक्षण काउंटर पर लगी भीड़। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर सतर्कता नहीं दिख रही है। हाल यह है कि रोडवेज बस अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशन तक पर न तो थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है और न कहीं कोविड हेल्पडेस्क नजर आ रही है। स्थानीय बाशिंदे भी लापरवाही कर रहे हैं और मास्क का इस्तेमाल भी नहीं हो नहीं हो रहा है। विशेषज्ञ लगातार चेता रहे हैं कि अगर कोरोना रोधी वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं, तो भी मास्क का इस्तेमाल जरूरी है। शनिवार को शहर के अलग-अलग स्थानों पर कुछ ऐसा हाल दिखा।
राज्य सड़क परिवहन निगम के बस अड्ड़े पर कोविड हेल्पडेस्क बनी हुई है। डेस्क पर न तो कोई ब्योरा दर्ज किया जा रहा है और न ही किसी कर्मचारी की तैनाती है। अलग-अलग जगहों से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था यहां नहीं है। इतना ही नहीं कोविड प्रोटोकॉल का कोई भी पालन यहां होते नहीं दिख रहा। अलग-अलग स्थानों से आए यात्री भी बेपरवाह दिखे। अधिकांश यात्री बिना मास्क के ही नजर आए। यह हाल तब है जबकि पिछले कई दिनों से ओमिक्रॉन को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन पर भी सतर्कता के नाम पर कुछ नजर नहीं आया। रेलवे आरक्षण काउंटर पर आरक्षण कराने के लिए आए लोग भी सतर्कता बरतते नहीं दिखे। अधिकांश लोगों के पास मास्क नहीं था। आरक्षण काउंटर के आसपास न तो कोविड हेल्पडेस्क नजर आई और न ही थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था। जाहिर सी बात है जब यह सब नहीं है तो फिर आने जाने वालों का ब्योरा भी दर्ज नहीं होगा।
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मुख्य डाकघर के काउंटर से लेकर विकास भवन परिसर तक में स्थानीय लोगों के साथ आने जाने वाले भी मानो निश्चिंत हो चुके हैं। सतर्कता बरतने की अपील इन पर कोई असर नहीं डाल रही। ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए लगातार अपील की जा रही है कि घर से निकलने पर मास्क जरूर लगाएं, लेकिन ग्रामीण इलाकों से लेकर नगरीय इलाकों तक के लोग मास्क नहीं लगा रहे।
डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि सभी को सतर्कता बरतनी चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर जो व्यवस्थाएं की जानी है, उसे लेकर कवायद की जा रही है। अगले दो तीन दिन में पूरी सतर्कता और मुस्तैदी हर जगह दिखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने कोरोनारोधी टीका नहीं लगवाया है, वह लोग टीका जरूर लगवा लें।
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राज्य सड़क परिवहन निगम के बस अड्ड़े पर कोविड हेल्पडेस्क बनी हुई है। डेस्क पर न तो कोई ब्योरा दर्ज किया जा रहा है और न ही किसी कर्मचारी की तैनाती है। अलग-अलग जगहों से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था यहां नहीं है। इतना ही नहीं कोविड प्रोटोकॉल का कोई भी पालन यहां होते नहीं दिख रहा। अलग-अलग स्थानों से आए यात्री भी बेपरवाह दिखे। अधिकांश यात्री बिना मास्क के ही नजर आए। यह हाल तब है जबकि पिछले कई दिनों से ओमिक्रॉन को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं।
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रेलवे स्टेशन पर भी सतर्कता के नाम पर कुछ नजर नहीं आया। रेलवे आरक्षण काउंटर पर आरक्षण कराने के लिए आए लोग भी सतर्कता बरतते नहीं दिखे। अधिकांश लोगों के पास मास्क नहीं था। आरक्षण काउंटर के आसपास न तो कोविड हेल्पडेस्क नजर आई और न ही थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था। जाहिर सी बात है जब यह सब नहीं है तो फिर आने जाने वालों का ब्योरा भी दर्ज नहीं होगा।
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मुख्य डाकघर के काउंटर से लेकर विकास भवन परिसर तक में स्थानीय लोगों के साथ आने जाने वाले भी मानो निश्चिंत हो चुके हैं। सतर्कता बरतने की अपील इन पर कोई असर नहीं डाल रही। ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए लगातार अपील की जा रही है कि घर से निकलने पर मास्क जरूर लगाएं, लेकिन ग्रामीण इलाकों से लेकर नगरीय इलाकों तक के लोग मास्क नहीं लगा रहे।
डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि सभी को सतर्कता बरतनी चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर जो व्यवस्थाएं की जानी है, उसे लेकर कवायद की जा रही है। अगले दो तीन दिन में पूरी सतर्कता और मुस्तैदी हर जगह दिखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने कोरोनारोधी टीका नहीं लगवाया है, वह लोग टीका जरूर लगवा लें।