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Hardoi News: पशु शेड बना और न ही खोदवाया गया तालाब, निकाला भुगतान
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हरदोई। गांवों में अपनों को लाभ पहुंचाने के लिए जिम्मेदार नियम और कायदे-कानून भी भूल जाते हैं। विकास खंड बिलग्राम की ग्राम पंचायत नेकपुर हातिमपुर में न तो पशु शेड बनवाया गया और न ही खेत तालाब खोदवाया गया। दोनों ही कामों को कराए बिना ही 2,86,023 रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। इतना ही नहीं अन्य कामों भी गड़बड़ी की गई है।
नेकपुर हातिमपुर में बिना काम के भुगतान और जांच में अन्य कामों में गड़बड़ी की पुष्टि पर जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने निवर्तमान प्रधान रामवती और तत्कालीन पंचायत सचिव को नोटिस दी है। डीएम ने यह कार्रवाई गांव निवासी रामाधार के शिकायती पत्र उप निदेशक कृषि और नलकूप खंड के सहायक अभियंता की जांच रिपोर्ट पर शुरू की है।
बताया कि जांच में गिरवर पुत्र दीनदयाल के खेत में तालाब न बनवाकर 1,24,017 रुपये का भुगतान निकाला गया है। ऐसे ही साल 2020-21 में रामपाल के खेत से उमर खेत तक मनरेगा मद में मिट्टी कार्य दिखाकर 1,62,006 रुपये निकाले गए हैं। हेमचंद्र पुत्र बहादुर के नाम से पशु शेड का भुगतान निकाला गया है, जबकि मौके पर पशु शेड नहीं मिला।
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रामवती के मकान के सामने की चारदीवारी पर अंदर की तरफ टिन पड़ी मिली और पशु शेड लिखा था। जांच रिपोर्ट में गांव में खड़ंजा लगवाए जाने के नाम पर भी मनमाने ढंग से भुगतान निकाला गया है। डीएम ने निवर्तमान प्रधान रामवती और तत्कालीन पंचायत सचिव से साक्ष्य सहित 15 दिन के अंदर जवाब मांगे हैं। चेतावनी दी है कि जवाब न आने और संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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नेकपुर हातिमपुर में बिना काम के भुगतान और जांच में अन्य कामों में गड़बड़ी की पुष्टि पर जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने निवर्तमान प्रधान रामवती और तत्कालीन पंचायत सचिव को नोटिस दी है। डीएम ने यह कार्रवाई गांव निवासी रामाधार के शिकायती पत्र उप निदेशक कृषि और नलकूप खंड के सहायक अभियंता की जांच रिपोर्ट पर शुरू की है।
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बताया कि जांच में गिरवर पुत्र दीनदयाल के खेत में तालाब न बनवाकर 1,24,017 रुपये का भुगतान निकाला गया है। ऐसे ही साल 2020-21 में रामपाल के खेत से उमर खेत तक मनरेगा मद में मिट्टी कार्य दिखाकर 1,62,006 रुपये निकाले गए हैं। हेमचंद्र पुत्र बहादुर के नाम से पशु शेड का भुगतान निकाला गया है, जबकि मौके पर पशु शेड नहीं मिला।
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रामवती के मकान के सामने की चारदीवारी पर अंदर की तरफ टिन पड़ी मिली और पशु शेड लिखा था। जांच रिपोर्ट में गांव में खड़ंजा लगवाए जाने के नाम पर भी मनमाने ढंग से भुगतान निकाला गया है। डीएम ने निवर्तमान प्रधान रामवती और तत्कालीन पंचायत सचिव से साक्ष्य सहित 15 दिन के अंदर जवाब मांगे हैं। चेतावनी दी है कि जवाब न आने और संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की जाएगी।