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Hardoi News: हरदोई में भाजपा के लिए मुफीद साबित होता रहा है नरेंद्र मोदी का आना
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हरदोई। हरदोई जिले में नरेंद्र मोदी का आना राजनीतिक लिहाज से हमेशा ही भाजपा के लिए फायदे मंद रहा है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद लोकसभा चुनाव के दौरान हरदोई आए नरेंद्र मोदी की जनसभा ने चुनाव का रुख ही पलट दिया था। इसके बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव और फिर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की जनसभाओं के बाद भाजपा ने जीत की ऐतिहासिक इबारत लिखी।
गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भाजपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था। इसके बाद देशभर में नरेंद्र मोदी ने जनसभाएं की थीं। इसी क्रम में 21 अप्रैल 2014 को नरेंद्र मोदी शहर के आईटीआई कॉलेज के मैदान में भारत विजय रैली को संबोधित करने आए थे। भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र के निर्देशन में हुई इस जनसभा ने सूबे में सपा की सत्ता होने के बाद भी परिणाम बदल दिया था।
हरदोई लोकसभा क्षेत्र से तब भाजपा के अंशुल वर्मा और मिश्रिख से अंजू बाला चुनाव जीतने में कामयाब रही थीं। इसके बाद 16 फरवरी 2017 को उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव से चार दिन पहले नरेंद्र मोदी ने सीएसएन डिग्री कॉलेज के मैदान में जनसभा की थी। उस चुनाव में भी मोदी की जनसभा ने माहौल बदल दिया और जिले की आठ सीटों में से सात पर भाजपा प्रत्याशी जीत गए। सदर सीट से तत्कालीन सपा प्रत्याशी नितिन अग्रवाल जीतने में कामयाब रहे थे।
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इसके बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी 27 अप्रैल को नरेंद्र मोदी ने सीएसएन के मैदान में भाजपा प्रत्याशियों हरदोई से जय प्रकाश और मिश्रिख से अशोक रावत के समर्थन में जनसभा की थी। दोनों ही प्रत्याशी एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल करने में कामयाब रहे थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बीस फरवरी को नरेंद्र मोदी ने सीएसएन डिग्री कॉलेज के मैदान में जनसभा की थी। नतीजा यह रहा कि जिले की आठों सीटों पर भाजपा प्रत्याशी जीत गए। इसकी बड़ी वजह यह भी थी कि 2017 में सपा के टिकट पर जीते नितिन अग्रवाल भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में लड़े थे। अब 2027 का चुनाव करीब आता जा रहा है। इस चुनाव से पहले प्रधानमंत्री की यह जनसभा कहीं न कहीं एंटी इनकंबेंसी को खारिज करने की कवायद साबित हो रही है।
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गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भाजपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था। इसके बाद देशभर में नरेंद्र मोदी ने जनसभाएं की थीं। इसी क्रम में 21 अप्रैल 2014 को नरेंद्र मोदी शहर के आईटीआई कॉलेज के मैदान में भारत विजय रैली को संबोधित करने आए थे। भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र के निर्देशन में हुई इस जनसभा ने सूबे में सपा की सत्ता होने के बाद भी परिणाम बदल दिया था।
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हरदोई लोकसभा क्षेत्र से तब भाजपा के अंशुल वर्मा और मिश्रिख से अंजू बाला चुनाव जीतने में कामयाब रही थीं। इसके बाद 16 फरवरी 2017 को उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव से चार दिन पहले नरेंद्र मोदी ने सीएसएन डिग्री कॉलेज के मैदान में जनसभा की थी। उस चुनाव में भी मोदी की जनसभा ने माहौल बदल दिया और जिले की आठ सीटों में से सात पर भाजपा प्रत्याशी जीत गए। सदर सीट से तत्कालीन सपा प्रत्याशी नितिन अग्रवाल जीतने में कामयाब रहे थे।
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इसके बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी 27 अप्रैल को नरेंद्र मोदी ने सीएसएन के मैदान में भाजपा प्रत्याशियों हरदोई से जय प्रकाश और मिश्रिख से अशोक रावत के समर्थन में जनसभा की थी। दोनों ही प्रत्याशी एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल करने में कामयाब रहे थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बीस फरवरी को नरेंद्र मोदी ने सीएसएन डिग्री कॉलेज के मैदान में जनसभा की थी। नतीजा यह रहा कि जिले की आठों सीटों पर भाजपा प्रत्याशी जीत गए। इसकी बड़ी वजह यह भी थी कि 2017 में सपा के टिकट पर जीते नितिन अग्रवाल भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में लड़े थे। अब 2027 का चुनाव करीब आता जा रहा है। इस चुनाव से पहले प्रधानमंत्री की यह जनसभा कहीं न कहीं एंटी इनकंबेंसी को खारिज करने की कवायद साबित हो रही है।