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नारद मोह लीला का मंचन
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फोटो-18- रासलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : HARDOI
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बेहटा गोकुल। कस्बा मानपुर में चल रहे विष्णु महायज्ञ व रासलीला मेें शुक्रवार को वृंदावन से आए कलाकारों ने नारद मोह का मंचन किया। कलाकारों ने मंचन कर दिखाया कि एक बार माता पार्वती के कहने पर भगवान शिव ने नारद मोह की कथा सुनाई।
शिव ने कथा सुनाते हुए कहा कि एक बार नारद मुनि ने काम पर विजय प्राप्त कर ली। भगवान शिव ने नारद मुनि से कहा कि नारद जी यह कथा आप भगवान विष्णु को मत सुनाइएगा। भगवान शिव का यह सुझाव नारद मुनि को अच्छा नहीं लगा। नारद ने सोचा कि भगवान शिव उनकी तपस्या को कम आंक रहे हैं, इसलिए ऐसा कह रहे हैं।
इसके बाद वे सीधे भगवान विष्णु के पास पहुंचे और काम पर विजय की कथा सुनाने लगे। भगवान विष्णु कथा सुनने के बाद यह समझ गए कि नारद मुनि को मोह उत्पन्न हो गया है। उनका मोह दूर करने के लिए उन्होंने माया से एक नगरी का निर्माण किया। नारद मुनि विश्व मोहिनी के मोह में फंस गये।
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मोह में फंसे नारद मुनि विश्वमोहिनी को रिझाने की मंशा से भगवान विष्णु के पास सुंदरता मांगने चले गए। भगवान विष्णु ने उन्हें वानर का चेहरा दे दिया। इस पर जब नारद मुनि की जगहसांई हुई तो उन्होंने भगवान विष्णु को श्राप दिया कि जिस तरह वे वियोग की आग में जले हैं, आप के साथ भी ऐसा होगा। आप वानर से सहायता मांगेंगे। इसी श्राप के फलस्वरूप विष्णु भगवान राम के रूप में जन्म लेते हैं। विमल सिंह, मोहित गुप्ता, रोहित गुप्ता व दीपक गुप्ता भी मौजूद रहे।
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शिव ने कथा सुनाते हुए कहा कि एक बार नारद मुनि ने काम पर विजय प्राप्त कर ली। भगवान शिव ने नारद मुनि से कहा कि नारद जी यह कथा आप भगवान विष्णु को मत सुनाइएगा। भगवान शिव का यह सुझाव नारद मुनि को अच्छा नहीं लगा। नारद ने सोचा कि भगवान शिव उनकी तपस्या को कम आंक रहे हैं, इसलिए ऐसा कह रहे हैं।
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इसके बाद वे सीधे भगवान विष्णु के पास पहुंचे और काम पर विजय की कथा सुनाने लगे। भगवान विष्णु कथा सुनने के बाद यह समझ गए कि नारद मुनि को मोह उत्पन्न हो गया है। उनका मोह दूर करने के लिए उन्होंने माया से एक नगरी का निर्माण किया। नारद मुनि विश्व मोहिनी के मोह में फंस गये।
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मोह में फंसे नारद मुनि विश्वमोहिनी को रिझाने की मंशा से भगवान विष्णु के पास सुंदरता मांगने चले गए। भगवान विष्णु ने उन्हें वानर का चेहरा दे दिया। इस पर जब नारद मुनि की जगहसांई हुई तो उन्होंने भगवान विष्णु को श्राप दिया कि जिस तरह वे वियोग की आग में जले हैं, आप के साथ भी ऐसा होगा। आप वानर से सहायता मांगेंगे। इसी श्राप के फलस्वरूप विष्णु भगवान राम के रूप में जन्म लेते हैं। विमल सिंह, मोहित गुप्ता, रोहित गुप्ता व दीपक गुप्ता भी मौजूद रहे।