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कोरोना से ज्यादा हादसों में गई जान

Thu, 03 Mar 2022 10:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 10:17 PM IST
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More lives lost in accidents than Corona
हरदोई। जनपद में पिछले दो वर्ष में कोरोना से तीन गुना अधिक सड़क हादसों में लोगों ने जान गवाईं है।
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वह भी तब जब इन दो वर्ष में कई माह संपूर्ण लॉकडाउन के चलते वाहनों की आवाजाही बंद रही। अगर वाहनों की आवाजाही जारी होती तो सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या और अधिक हो सकती थी।
खास बात यह है कि जिस तरह से केंद्र और राज्य सरकार ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए जिला प्रशासन को अलर्ट रखा, यदि उसी तरह सड़क हादसों में हो रहीं मौतों को संज्ञान में लेकर अलर्ट रहें, तो कोरोना की तरह ही हादसों की संख्या और इनमें मरने वालों की संख्या को कम किया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार इस बात को लेकर बेपरवाह नजर आते हैं।
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जनपद में कोरोना और सड़क हादसों में मरने वालों की बात करें तो आंकड़ों में कई गुना अंतर है। कोरोना से दो वर्ष में जहां पहली और दूसरी लहर में 339 लोगों की मौत हुई, जबकि जिलेभर के अलग-अलग थानों में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या इससे तीन गुना अधिक है।
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पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दो वर्ष में तकरीबन दो हजार हादसे हुुए हैं। इनमें 989 लोगों की मौत हुई है।
गौरतलब बात यह है कि कोरोना महामारी से बड़ा संकट बने सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन के पास कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं।
इससे आम जनमानस को खुद सतर्कता बरतने व यातायात नियमों का पालन करने की जरूरत है। इससे खुद व दूसरों की अनमोल जिंदगी बचा सकेंगे।
कोरोना से हुईं मौतें
पहली लहर-113
दूूसरी लहर- 226
सड़क हादसे में गईं जानें
वर्ष 2020-451 मौत
2021-538
कुल मौतें-989
दो वर्षों में हुए हादसों में घायल
वर्ष-2020-466 घायल
2021-514
कुल घायल- 980
दरियापुर मोड़ बनी मौत की डगर
पाली थाना क्षेत्र में शाहाबाद मार्ग पर दरियापुर मोड़ मौत की डगर बन चुकी है। यहां पर आए दिन हादसों में लोगों की जान जा रही, लेकिन विभाग ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है।
लोगों की मानें तो अंधा मोड़ झाड़ियों से ढका है, जिससे सामने से आ रहे वाहन चालकों को रास्ता नहीं नजर आता और वाहन चालकों की जान चली जाती है। यहां पर संकेतक चिन्ह न होना सबसे जानलेवा बन रहा है।
खतरनाक मोड़, परिवार रहा तोड़
हरपालपुर थाना क्षेत्र से कटरा-बिल्हौर हाईवे गुजरा है। यहां पर हाईवे पर ककरा मोड़ है। इस मोड़ पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिनमें लोगों को जान माल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस मोड़ पर हो रहे हादसों को लेकर क्षेत्रीय लोग कई बार समस्या का समाधान कराने की स्थानीय स्तर पर मांग उठा चुके हैं। इसके बाद भी अब तक सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में लोगों को हादसों में जान माल का नुकसान भुगताना पड़ रहा है।

हाईवे व अन्य सड़कों पर लगातार मरम्मत और झाड़ियों की सफाई का कार्य होता रहता है। इसके साथ मुख्य मार्गों की मोड़ पर संकेतक लगाए जा रहे हैं। हाईवे के अवैध कट बंद कराए जाएंगे।
-अखिलेश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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