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Hardoi News: रायबरेली और बाराबंकी के मीटर हरदोई में लगे, बिल न आने पर लगा झटका

Wed, 23 Aug 2023 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Aug 2023 11:09 PM IST
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Meters of Rae Bareilly and Barabanki were installed in Hardoi, shocked when the bill did not come
राजीव शर्मा
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हरदोई। रायबरेली और बाराबंकी के लिए आवंटित बिजली के मीटर जिले के उपभोक्ताओं के मकानों में फर्जी अभिलेखों से कनेक्शन कर लगा दिए गए। कई माह तक बिल न आने पर उपभोक्ता विद्युत उपकेंद्र पहुंचे तो फर्जीवाड़े की बात सामने आना शुरू हुई। जिले में लगभग 500 से अधिक कनेक्शन ऐसे हैं जिनका ब्योरा बिजली विभाग में दर्ज ही नहीं है।
यूं तो बिजली कनेक्शन के लिए अब सारी व्यवस्था ऑनलाइन है, लेकिन फिर भी सामान्य व्यक्ति को कनेक्शन पाने के लिए बेहिसाब चक्कर लाइन मैन से लेकर अवर अभियंता तक के काटने होते हैं। सारे मानक पूरे होने पर ही कनेक्शन जारी करने की बात कही जाती है, लेकिन जिले में ठेकेदारों और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से एक अलग खेल चल रहा है। बिजली कनेक्शन करने का काम तो विभाग करता है, लेकिन मीटर लगाने का काम ठेकेदारों के जरिए किया जाता है।
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एक एक ठेकेदार के पास कई जनपदों में कुछ हिस्से का काम आवंटित होता है। इसका लाभ उठाकर ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। बाराबंकी और रायबरेली के लिए आवंटित किए गए मीटर मोहल्ला आजादनगर और महोलियाशिवपार में लगे पाए जा चुके हैं। जिले में लगभग 500 उपभोक्ताओं के यहां ऐसे ही मीटर लगे हैं। इन मीटर के सहारे उपभोक्ता बिजली चला रहे हैं, लेकिन इसका बिल नहीं दे रहे हैं।
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कुछ उपभोक्ता बिल देना चाहते हैं, लेकिन उनका बिल पहुंच नहीं रहा, जबकि कुछ उपभोक्ता लाइन मैन और मीटर रीडर की सेटिंग के जरिए नाम मात्र का सुविधा शुल्क देकर बिजली चला रहे हैं। बिल न आने की शिकायत अधिशासी अभियंता तक पहुंची, तो उन्होंने अभिलेख जांचे। तब पता चला कि फर्जी अभिलेख उपभोक्ता को दिए गए हैं ओर मीटर भी गलत ही लगा दिया गया है। विभाग की ओर से शुरूआती जांच में 11 मामले पकड़े गए, जो आजाद नगर और महोलिया शिवापार के हैं।
उन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट कर मीटर उतराव लिए गए हैं। मामले की जांच में विभागीय अधिकारियों के अलावा बिजली कनेक्शन देने के कार्य में कई सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आए हैं। विभागीय जांच शुरू होने पर नाम प्रकाश में आने पर विभाग पर जांच को रोकने का दबाव बनाना शुरू किया गया है। अगर सारी जांच हुई, तो इस मामले में विभागीय अधिकारियों के साथ कुछ सफेदपोश भी जेल जा सकते हैं।

करीब पांच सौ से अधिक हैं फर्जी कनेक्शन: विभागीय सूत्रों के मुताबिक शहर के धन्नूपुरवा, मन्नापुरवा, लालपालपुर, इटौली, बावन उपकेंद्र क्षेत्र में करीब पांच सौ से अधिक फर्जी कनेक्शन चल रहे हैं। इसकी जानकारी क्षेत्रीय बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों को भी है। मगर वह मौन स्वीकृत दिए हुए हैं।
इस प्रकार होता रहा खेल: विभागीय कर्मचारियों के संज्ञान में फर्जी कनेक्शन हैं, जब उपभोक्ता का बिल नहीं आता है और मीटर रीडिंग अधिक हो जाती है। तो वह उपभोक्ता से संपर्क कर फर्जी कनेक्शन होने की जानकारी देते हैं और उस कनेक्शन को समाप्त कर नया कनेक्शन जारी कर पुरानी रसीद व मीटर गायब कर देते हैं।

वर्जन

जांच में जो प्रकरण सामने आए हैं, उनके कनेक्शन काट दिए गए है। ऐसे सभी प्रकरणों की जांच हो रही है। जांच पूरी होने पर इस संबंध में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके कार्यकाल में कनेक्शन जारी किए हैं, वह जिसने रसीद दी है। उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
रविंद्र कुमार ढोलका, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय
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