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दवा जलाने वाली सीएचसी में पोस्टर पर लिखी जा रही दवाएं
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फोटो-6- पोस्टर के पीछे ओपीडी का पर्चा बनाता हरियावां सीएचसी का वार्ड ब्वाय। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरियावां। दवाएं फेंकने तो कभी दवाओं को जलाने के लिए चर्चाओं में घिरी सीएचसी में ओपीडी के पर्चों का स्टॉक खत्म हो गया है। पर्चे खत्म हुए तो जिम्मेदारों ने क्षय रोग कार्यक्रम के लिए आए पोस्टर फाड़कर पीछे की ओर दवाएं लिखना शुरू कर दिया। सीएचसी में अव्यवस्था को लेकर खासी चर्चा रही।
हरियावां सीएचसी का निजाम थोड़े-थोड़े अंतराल पर अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चाओं में बना रहता है। बात कुछ दिन पहले की है। यहां रोगियों को बांटने के लिए आईं दवाओं को कूड़े के ढेर पर फेंक दिया गया था। अखबार में खबर छपी और हंगामा हुआ तो अगले रोग स्टॉक में रखा सैनिटाइजर छिडक़र कूड़े में पड़ी दवाओं को जला दिया गया। मामला काफी तूल पकड़ा, लेकिन इसमें कुछ खास नहीं हो सका।
बुधवार को सीएचसी का प्रबंधन फिर एक खास वजह से चर्चा में आ गया। बुधवार को यहां दवा लेने आए रोगी जब चिकित्सक के पास पहुंचे तो हाल जानने के बाद चिकित्सकों ने दवा लिखकर एक लाल रंग का हल्का सा कागज थमा दिया। मरीजों ने गौर से देखा तो पता चला कि यह लाल कागज क्षय रोग की रोकथाम के लिए आए पोस्टर का हिस्सा है।
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यह पोस्टर जागरुकता के लिए गांवों में भेजे जाने थे। रोगियों ने इन लाल कागज के टुकड़ों पर दवा लिखे जाने पर ऐतराज जताया तो चिकित्सकों ने ओपीडी पर्चों का स्टॉक खत्म होने का हवाला दिया और ऐसे ही काम चला लेने की सलाह की।
चिकित्सकों ने समझाया तो रोगी भी एक रुपये का निर्धारित शुल्क चुका कर पोस्टर के फटे हिस्से/लाल कागज के टुकड़े पर लिखे गए प्रेस्क्रिप्शन (पर्चे पर लिखी दवाएं) को लेकर चले गए। यह मामला आस पास चर्चा में रहा। रोगियों व तीमारदारों ने इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। सीएचसी अधीक्षक अखिलेश वाजपेयी ने बताया कि पर्चे समाप्त हो गए हैं, जिसके चलते सादे कागज पर दवा लिख कर दी जा रही है।
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हरियावां सीएचसी का निजाम थोड़े-थोड़े अंतराल पर अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चाओं में बना रहता है। बात कुछ दिन पहले की है। यहां रोगियों को बांटने के लिए आईं दवाओं को कूड़े के ढेर पर फेंक दिया गया था। अखबार में खबर छपी और हंगामा हुआ तो अगले रोग स्टॉक में रखा सैनिटाइजर छिडक़र कूड़े में पड़ी दवाओं को जला दिया गया। मामला काफी तूल पकड़ा, लेकिन इसमें कुछ खास नहीं हो सका।
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बुधवार को सीएचसी का प्रबंधन फिर एक खास वजह से चर्चा में आ गया। बुधवार को यहां दवा लेने आए रोगी जब चिकित्सक के पास पहुंचे तो हाल जानने के बाद चिकित्सकों ने दवा लिखकर एक लाल रंग का हल्का सा कागज थमा दिया। मरीजों ने गौर से देखा तो पता चला कि यह लाल कागज क्षय रोग की रोकथाम के लिए आए पोस्टर का हिस्सा है।
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यह पोस्टर जागरुकता के लिए गांवों में भेजे जाने थे। रोगियों ने इन लाल कागज के टुकड़ों पर दवा लिखे जाने पर ऐतराज जताया तो चिकित्सकों ने ओपीडी पर्चों का स्टॉक खत्म होने का हवाला दिया और ऐसे ही काम चला लेने की सलाह की।
चिकित्सकों ने समझाया तो रोगी भी एक रुपये का निर्धारित शुल्क चुका कर पोस्टर के फटे हिस्से/लाल कागज के टुकड़े पर लिखे गए प्रेस्क्रिप्शन (पर्चे पर लिखी दवाएं) को लेकर चले गए। यह मामला आस पास चर्चा में रहा। रोगियों व तीमारदारों ने इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। सीएचसी अधीक्षक अखिलेश वाजपेयी ने बताया कि पर्चे समाप्त हो गए हैं, जिसके चलते सादे कागज पर दवा लिख कर दी जा रही है।