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Hardoi News: 10 साल में मेडिकल कॉलेज की एमसीएच विंग ने नहीं ली अग्निशमन की एनओसी

Wed, 08 Jul 2026 11:02 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:02 PM IST
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Medical college's MCH wing has not obtained fire safety NOC in 10 years.
फोटो-01- महिला चिकित्सालय। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज परिसर में एक दशक से संचालित 100 बेड की मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग में अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों की आवाजाही वाले इस भवन के लिए अब तक फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं ली गई। भवन में अग्निसुरक्षा बंदोबस्त पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वहीं मेडिकल कॉलेज की तरफ से भी करीब डेढ़ साल से अन्य भवनों के लिए भी एनओसी नहीं ली गई हैं। न तो यह भवन निर्माणाधीन है और न ही हैंडओवर की प्रक्रिया में है।
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करीब 10 साल पहले वर्ष 2014-15 में 100 बेड का एमसीएच विंग स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर हो चुका है। उसी समय से एमसीएच विंग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं प्रसव सहित उपचार और जांच के लिए वाह्य रोगी अनुभाग और अंत: रोगी अनुभाग (आईपीडी) में भर्ती की जाती हैं। साथ ही नवजात शिशु, तीमारदार, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी भी 24 घंटे भवन में रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निसुरक्षा मानकों का पालन अतिमहत्वपूर्ण माना जाता है।
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बताया गया कि फायर एनओसी मिलने से पहले भवन में अग्निशमन उपकरण, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा, पानी की उपलब्धता और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किए जाने का प्रावधान है। इसमें यह तय किया जाता है कि आग लगने जैसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा और नुकसान को कम से कम किया जा सकता है।
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गौराडांडा स्थित मेडिकल कॉलेज की भी सात माह पहले समाप्त हो गई थी एनओसी
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय गौराडांडा में संचालित हैं। यहां पर मेडिकल के विद्यार्थियों की पढ़ाई होती है। अभी हाल ही में मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर चिकित्सक बने विद्यार्थियों का एक बैच पूरा हो गया है। यहां एक नवंबर 2025 को फायर एनओसी समाप्त हो गई थी। करीब सात माह हो गए लेकिन अभी तक एनओसी लिया जाना प्रक्रियाधीन है। गनीमत है कि सब कुछ ठीक चल रहा है, हादसे के समय यह सब याद आता है।
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16 निजी चिकित्सालय भी नहीं पूरे करते अग्निशमन के मानक
लखनऊ स्थित कोचिंग संस्थान में आग की घटना में 15 छात्रों की मौत के बाद शासन की व्यवस्था पर प्रशासन ने निजी चिकित्सालयों की भी जांच कराई। प्रशासन की संयुक्त टीम की जांच में शहर में संचालित 50 निजी चिकित्सालय, नर्सिंगहोम और पैथोलॉजी लैब में से 34 ही संस्थानों में अग्निशमन के मानक पूरे मिले जबकि 16 संस्थानों में अग्निशमन के मानक पूरे नहीं हैं। वहीं यहां पर संचालित एक निजी ब्लड बैंक में भी भवन के मानका पूरे नहीं हैं।
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स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में भी अग्निशमन मानकों की जांच की गई। इसमें मानक पूरे न करने वालीं संस्थाओं के संचालकों को नोटिस दिया गया है। सभी से जवाब मांगा गया है, परीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी। सरकारी संस्थानों के लिए उनके जिम्मेदार अधिकारियों को प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। -संजय कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट

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मेडिकल कॉलेज के 17-18 भवन जो बन रहे हैं, उनकी एनओसी नहीं है। दावा किया कि जो संचालित हैं उनकी एनओसी है। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय
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मीटिंग में हूं, अभी कोई जानकारी नहीं दे पाऊंगा।
- डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमओ
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