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मस्तीपुर खलीफा गांव का होगा विकास
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 18 Mar 2015 12:47 AM IST
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राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी द्वारा गोद
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लिए गांव का अब कुछ उद्धार हो सकेगा। डीएम ने सोमवार को रात्रि विश्राम के
दौरान ग्रामीणों संग चौपाल लगाकर गांव के छूटे विकास कार्यों के लिए
बीआरजीएफ से धनराशि स्वीकृत कराने की बात बताई। डीएम ने शौचालय का प्रयोग न
करने वाले लाभार्थी से वसूली की चेतावनी भी दी।
उन्हाेंने राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत गांव में की गई प्रगति की समीक्षा भी की। बावन के ग्राम मस्तीपुर खलीफा को राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने गोद लिया है। जिसको लेकर सोमवार को रात्रि विश्राम कर डीएम ने गांव के विकास कार्य और राज्य पोषण मिशन की प्रगति का जायजा लिया है।
प्राथमिक विद्यालय में चौपाल लगाकर डीएम ने गांव में कराए गए कार्यों और योजनाओं का लाभार्थीवार सत्यापन किया। कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए और गांव के विकास और अधूरे कार्यों के लिए बीआरजीएफ से 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कराने की बात कही।
इंदिरा आवास, लोहिया आवास और शौचालय पूर्ण न होने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और बीडीओ प्रभु दयाल को एक सप्ताह में कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए। उन्हाेंने लाभार्थी द्वारा खिड़की, पल्ले, शौचालय निर्माण और प्रयोग न करने पर लाभार्थी से वसूली कराने के निर्देश दिए।
राज्य पोषण मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने मिशन से कराए गए कार्यों की प्रगति जांची। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि नवजात बच्चों को पहले दो घंटे में ही मां का दूध देना चाहिए। बताया कि गांव में 57 बच्चे अल्प वजन और सात गंभीर अवस्था में थे।
लेकिन अब 57 में से 19 सामान्य श्रेणी में आ गए हैं और अतिकुपोषित बच्चे तीन ही रह गए। गांव में कैंप लगाकर 32 बच्चों का नेत्र परीक्षण, 13 महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच, 33 महिलाओं को दवा वितरण, 39 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच, 11 बालिकाओं व 25 बालकों का टीकाकरण, 18 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा चार नवजात शिशुओं की जांच की गई।
इस दौरान परियोजना निदेशक शंकर लाल त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, उप कृषि निदेशक बृजेश चंद्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके गुप्ता, नायब तहसीलदार शंभूशरण आदि मौजूद थेे।
उन्हाेंने राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत गांव में की गई प्रगति की समीक्षा भी की। बावन के ग्राम मस्तीपुर खलीफा को राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने गोद लिया है। जिसको लेकर सोमवार को रात्रि विश्राम कर डीएम ने गांव के विकास कार्य और राज्य पोषण मिशन की प्रगति का जायजा लिया है।
प्राथमिक विद्यालय में चौपाल लगाकर डीएम ने गांव में कराए गए कार्यों और योजनाओं का लाभार्थीवार सत्यापन किया। कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए और गांव के विकास और अधूरे कार्यों के लिए बीआरजीएफ से 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कराने की बात कही।
इंदिरा आवास, लोहिया आवास और शौचालय पूर्ण न होने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और बीडीओ प्रभु दयाल को एक सप्ताह में कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए। उन्हाेंने लाभार्थी द्वारा खिड़की, पल्ले, शौचालय निर्माण और प्रयोग न करने पर लाभार्थी से वसूली कराने के निर्देश दिए।
राज्य पोषण मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने मिशन से कराए गए कार्यों की प्रगति जांची। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि नवजात बच्चों को पहले दो घंटे में ही मां का दूध देना चाहिए। बताया कि गांव में 57 बच्चे अल्प वजन और सात गंभीर अवस्था में थे।
लेकिन अब 57 में से 19 सामान्य श्रेणी में आ गए हैं और अतिकुपोषित बच्चे तीन ही रह गए। गांव में कैंप लगाकर 32 बच्चों का नेत्र परीक्षण, 13 महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच, 33 महिलाओं को दवा वितरण, 39 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच, 11 बालिकाओं व 25 बालकों का टीकाकरण, 18 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा चार नवजात शिशुओं की जांच की गई।
इस दौरान परियोजना निदेशक शंकर लाल त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, उप कृषि निदेशक बृजेश चंद्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके गुप्ता, नायब तहसीलदार शंभूशरण आदि मौजूद थेे।