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मनसा झील में दिखेगा डल झील सा नजारा
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
Updated Mon, 20 Apr 2015 12:25 AM IST
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प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री जल बचाव अभियान के तहत जिले में भी तालाबों
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को संरक्षित करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया। मुख्यमंत्री जल बचाव
अभियान से गर्मियों में भी जिले के तालाब पानी से लबालब होंगे। जिससे लोगों
को पानी का संकट नहीं होगा। भू-जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के लिए
प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर ही है।
इसी के तहत शहर से सटी एक मृतप्राय झील को पर्यटन स्थल के रूप में बनाने की तैयारी की जा रही है। शहर की सीमा से सात किलोमीटर पहले नयागांव मुबारकपुर में प्राकृतिक झील है जो मौजूदा समय में सूखी पड़ी है।
हालांकि राजस्व अभिलेखों में अभी भी वह झील में दर्ज है लेकिन उस जमीन पर झील का स्वरूप सिर्फ बारिश के दिनों में ही नजर आता है।
साल के बाकी मौसम में छोटे-छोटे तालाब गड्ढे के रूप में दिखते हैं। प्रशासन अब नयागांव मुबारकपुर की मनसा झील को अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य भी शुरू करा दिया।
मनसा झील को संरक्षित करने के साथ ही पूरे साल पानी से लबालब रखने के लिए ड्रेन के माध्यम से नदी की धारा से जोड़ा जाएगा। जिसके बाद झील का गहरीकरण कर उसे पानी से भरा जाएगा।
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ड्रेन बनाने का काम शुरू हो गया है। झील से करीब दो किलोमीटर सई नदी को जुड़ने वाली एक प्राकृतिक ड्रेन है। जिससे झील को जोड़ने के लिए ड्रेन बनाई जाएगी।
जिसके लिए खुदाई का कार्य शुरू करवा दिया गया। पानी से भर जाने के बाद झील का सुंदरीकरण कर पिकनिक स्पॉट बनाने की योजना है।
ताकि शहर के लोगों को यहां पर आने से खूबसूरत दृश्य और शांति मिले। हालांकि यह झील शहर से अधिक दूर भी नहीं है ऐसे में प्रशासन ईमानदारी से काम करता है तो शहर के लिए लोगों के लिए एक अनूठा तोहफा होगा। जिसके बाद मनसा झील का भी पर्यटन के मानचित्र पर नाम दर्ज हो सकता है।
शहर से सात किलोमीटर दूर मनसा झील चार ग्राम पंचायतों की सीमाओं से लगी है। जिसमें दो ग्राम पंचायतें प्रमुख हैं। अहिरोरी विकास खंड की ग्राम पंचायत नयागांव में यह झील रकबा नंबर 15.28 पर है जबकि खेतुई ग्राम पंचायत में यह 27 हेक्टेयर में है।
इसके अलावा सुरसा विकास खंड की ग्राम पंचायत घोसार और ग्राम पंचायत मेहुना से भी झील का कुछ भाग जुड़ा है। इस प्रकार यह झील करीब डेढ़ से पौने दो किलोमीटर में फैली है।
शहर से सटी मनसा झील को पानी से भरने के लिए ड्रेन का निर्माण कराया जा रहा है। जिस स्थान से ड्रेन का निर्माण कराया जा रहा है वह क्षेत्र ऊसर है और आसपास के किसानों को अपने खेतों की सिंचाई करने के लिए परेशान होना पड़ता है। जब इस स्थान पर ड्रेन का निर्माण हो जाएगा तो किसानों को सिंचाई के पानी के लिए अधिक परेशान नहीं होना होगा।
जिला प्रशासन की मंशा तो यही है कि मनसा झील का सौंदर्यीकरण कर उसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करे। झील में पानी आने के बाद चारो ओर कटीले तार लगाकर पौधे लगाए जाएंगे। वहां बैठने के लिए सीटें भी बनायी जाएंगी। प्रशासन ने झील के लिए ड्रेन बनाकर सुंदरीकरण कराने की समय सीमा बारिश से पहले तय की है।
मनसा झील के सुंदरीकरण के लिए ग्राम पंचायतों से मनरेगा से कार्य कराया जाएगा। झील की सीमाएं चार ग्राम पंचायत अहिरोरी की नयागांव व खेतुई से तथा सुरसा के घोसार और मेहुना से जुड़ी है। ऐसे में चारों ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे हैं। ग्राम पंचायतों से मनरेगा की राशि से कार्य कराया जाना प्रस्तावित है।
रमेश मिश्र, जिलाधिकारी ने कहा ‘नयागांव मुबारकपुर की झील को गहरी कर सुंदरीकरण कराने के निर्देश दिए हैं और ग्राम पंचायत द्वारा कार्य भी शुरू करवा दिया गया। झील दोबारा विकसित हो जाएगी तो जिले को ही फायदा मिलेगा। साथ ही भूगर्भ जल के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। झील पर हो रहे कार्य का समय समय पर निरीक्षण कराया जाएगा’।
इसी के तहत शहर से सटी एक मृतप्राय झील को पर्यटन स्थल के रूप में बनाने की तैयारी की जा रही है। शहर की सीमा से सात किलोमीटर पहले नयागांव मुबारकपुर में प्राकृतिक झील है जो मौजूदा समय में सूखी पड़ी है।
हालांकि राजस्व अभिलेखों में अभी भी वह झील में दर्ज है लेकिन उस जमीन पर झील का स्वरूप सिर्फ बारिश के दिनों में ही नजर आता है।
साल के बाकी मौसम में छोटे-छोटे तालाब गड्ढे के रूप में दिखते हैं। प्रशासन अब नयागांव मुबारकपुर की मनसा झील को अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य भी शुरू करा दिया।
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मनसा झील को संरक्षित करने के साथ ही पूरे साल पानी से लबालब रखने के लिए ड्रेन के माध्यम से नदी की धारा से जोड़ा जाएगा। जिसके बाद झील का गहरीकरण कर उसे पानी से भरा जाएगा।
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ड्रेन बनाने का काम शुरू हो गया है। झील से करीब दो किलोमीटर सई नदी को जुड़ने वाली एक प्राकृतिक ड्रेन है। जिससे झील को जोड़ने के लिए ड्रेन बनाई जाएगी।
जिसके लिए खुदाई का कार्य शुरू करवा दिया गया। पानी से भर जाने के बाद झील का सुंदरीकरण कर पिकनिक स्पॉट बनाने की योजना है।
ताकि शहर के लोगों को यहां पर आने से खूबसूरत दृश्य और शांति मिले। हालांकि यह झील शहर से अधिक दूर भी नहीं है ऐसे में प्रशासन ईमानदारी से काम करता है तो शहर के लिए लोगों के लिए एक अनूठा तोहफा होगा। जिसके बाद मनसा झील का भी पर्यटन के मानचित्र पर नाम दर्ज हो सकता है।
शहर से सात किलोमीटर दूर मनसा झील चार ग्राम पंचायतों की सीमाओं से लगी है। जिसमें दो ग्राम पंचायतें प्रमुख हैं। अहिरोरी विकास खंड की ग्राम पंचायत नयागांव में यह झील रकबा नंबर 15.28 पर है जबकि खेतुई ग्राम पंचायत में यह 27 हेक्टेयर में है।
इसके अलावा सुरसा विकास खंड की ग्राम पंचायत घोसार और ग्राम पंचायत मेहुना से भी झील का कुछ भाग जुड़ा है। इस प्रकार यह झील करीब डेढ़ से पौने दो किलोमीटर में फैली है।
शहर से सटी मनसा झील को पानी से भरने के लिए ड्रेन का निर्माण कराया जा रहा है। जिस स्थान से ड्रेन का निर्माण कराया जा रहा है वह क्षेत्र ऊसर है और आसपास के किसानों को अपने खेतों की सिंचाई करने के लिए परेशान होना पड़ता है। जब इस स्थान पर ड्रेन का निर्माण हो जाएगा तो किसानों को सिंचाई के पानी के लिए अधिक परेशान नहीं होना होगा।
जिला प्रशासन की मंशा तो यही है कि मनसा झील का सौंदर्यीकरण कर उसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करे। झील में पानी आने के बाद चारो ओर कटीले तार लगाकर पौधे लगाए जाएंगे। वहां बैठने के लिए सीटें भी बनायी जाएंगी। प्रशासन ने झील के लिए ड्रेन बनाकर सुंदरीकरण कराने की समय सीमा बारिश से पहले तय की है।
मनसा झील के सुंदरीकरण के लिए ग्राम पंचायतों से मनरेगा से कार्य कराया जाएगा। झील की सीमाएं चार ग्राम पंचायत अहिरोरी की नयागांव व खेतुई से तथा सुरसा के घोसार और मेहुना से जुड़ी है। ऐसे में चारों ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे हैं। ग्राम पंचायतों से मनरेगा की राशि से कार्य कराया जाना प्रस्तावित है।
रमेश मिश्र, जिलाधिकारी ने कहा ‘नयागांव मुबारकपुर की झील को गहरी कर सुंदरीकरण कराने के निर्देश दिए हैं और ग्राम पंचायत द्वारा कार्य भी शुरू करवा दिया गया। झील दोबारा विकसित हो जाएगी तो जिले को ही फायदा मिलेगा। साथ ही भूगर्भ जल के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। झील पर हो रहे कार्य का समय समय पर निरीक्षण कराया जाएगा’।