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हत्या में सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास
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हरदोई। न्यायालय सत्र न्यायाधीश राज कुमार सिंह ने आठ वर्ष पुराने सुनील सिंह हत्याकांड में दो सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा
शाहबाद थाना क्षेत्र के ग्राम वारिपुर निवासी मुन्ना सिंह पुत्र रामपाल सिंह ने अपनी तहरीर में बताया था कि पचदेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम दयौरा निवासी उसकी बुआ लल्लन देवी पत्नी धर्मेंद्र के यहां 11 फरवरी 2014 को गांव के कल्लू सिंह, जितेंद्र सिंह गए थे।
इन दोनों ने लल्लन देवी से 2,000 रुपये फर्जी दरोगा बनकर ले लिए थे। जब इसकी जानकारी हुई तो कल्लू सिंह का विरोध किया और रुपये वापस करने का दबाव बनाया।
इन लोगों ने रुपये देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर 28 फरवरी 2014 को उसका भाई सुनील सिंह, गांव के रामविलास के घर के सामने कल्लू सिंह, अजयवीर सिंह ,जितेंद्र सिंह से रुपये वाली बात कर रहा था।
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कल्लू सिंह के पास जितेंद्र सिंह की लाइसेंसी बंदूक थी। बातचीत में अजयवीर सिंह ने गालियां देते हुए कल्लू से कहा कि इसको गोली मार दो। कल्लू सिंह ने सुनील को गोली मार दी। गोली लगते ही उसका भाई सुनील घायल होकर गिर गया था।
मौके पर ही सुनील की मौत हो गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। जिसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता सूरज पाल सिंह, सत्येंद्र सिंह ने पीड़ित पक्ष की पैरवी की।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज राजकुमार सिंह ने अपना फैसला सुनाया है। दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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शाहबाद थाना क्षेत्र के ग्राम वारिपुर निवासी मुन्ना सिंह पुत्र रामपाल सिंह ने अपनी तहरीर में बताया था कि पचदेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम दयौरा निवासी उसकी बुआ लल्लन देवी पत्नी धर्मेंद्र के यहां 11 फरवरी 2014 को गांव के कल्लू सिंह, जितेंद्र सिंह गए थे।
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इन दोनों ने लल्लन देवी से 2,000 रुपये फर्जी दरोगा बनकर ले लिए थे। जब इसकी जानकारी हुई तो कल्लू सिंह का विरोध किया और रुपये वापस करने का दबाव बनाया।
इन लोगों ने रुपये देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर 28 फरवरी 2014 को उसका भाई सुनील सिंह, गांव के रामविलास के घर के सामने कल्लू सिंह, अजयवीर सिंह ,जितेंद्र सिंह से रुपये वाली बात कर रहा था।
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कल्लू सिंह के पास जितेंद्र सिंह की लाइसेंसी बंदूक थी। बातचीत में अजयवीर सिंह ने गालियां देते हुए कल्लू से कहा कि इसको गोली मार दो। कल्लू सिंह ने सुनील को गोली मार दी। गोली लगते ही उसका भाई सुनील घायल होकर गिर गया था।
मौके पर ही सुनील की मौत हो गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। जिसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता सूरज पाल सिंह, सत्येंद्र सिंह ने पीड़ित पक्ष की पैरवी की।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज राजकुमार सिंह ने अपना फैसला सुनाया है। दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।