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Hardoi News: नौ वर्षीय बालिका की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
Thu, 02 Mar 2023 10:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Thu, 02 Mar 2023 10:40 PM IST
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- आठ साल पहले हुई थी घटना, एएसजे (पॉक्सो कोर्ट) ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। न्यायालय सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) ने आठ वर्ष पूर्व हुई नौ वर्षीय बालिका की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मल्लावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 2 मई 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि उनकी बेटी 28 अप्रैल 2015 को गांव में आई एक बरात देखने गई थी। इसके बाद घर वापस नहीं लौटी। देर रात तक खोजबीन करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला था। दो मई 2015 को गांव के बाहर खेत की झाड़ियों में बेटी की लाश मिली थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान गवाह तथा वादी मुकदमा का बयान लेने के बाद दोषी नन्हक्कू उर्फ शिशुपाल पाल के खिलाफ हत्या व दुष्कर्म के तहत पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
इसकी सुनवाई न्यायालय सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज अबुल कैश ने नन्हक्कू को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया।
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सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। न्यायालय सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) ने आठ वर्ष पूर्व हुई नौ वर्षीय बालिका की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मल्लावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 2 मई 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि उनकी बेटी 28 अप्रैल 2015 को गांव में आई एक बरात देखने गई थी। इसके बाद घर वापस नहीं लौटी। देर रात तक खोजबीन करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला था। दो मई 2015 को गांव के बाहर खेत की झाड़ियों में बेटी की लाश मिली थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान गवाह तथा वादी मुकदमा का बयान लेने के बाद दोषी नन्हक्कू उर्फ शिशुपाल पाल के खिलाफ हत्या व दुष्कर्म के तहत पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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इसकी सुनवाई न्यायालय सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज अबुल कैश ने नन्हक्कू को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया।
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सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया है।