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महिला समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास
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हरदोई। अवैध संबंधों के चलते सात साल पहले युवक की हत्या के मामले में मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश सुधाकर दुबे ने पत्नी समेत चार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया।
मामला मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गोवर्धनपुर गांव का 11 मार्च 2015 का है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पीके सिंह ने बताया कि वादी अनिल ने 12 मार्च 2015 को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें अनिल ने बताया था कि 11 मार्च को रात नौ बजे उसका भाई सुनील खेत पर फसल की रखवाली करने के लिए ट्यूबवेल पर गया था। देर रात तक वह वापस नहीं आया।
इस पर पर अनिल परिवार वालों के साथ खेत पर पहुंचा, जहां सुनील का शव कुएं में पड़ा मिला था। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
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बताया कि जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनील की पत्नी मंजू, लखीमपुर के आफिसर्स कालोनी निवासी शुभम शर्मा
लखीमपुर के बेगमबाग निवासी प्रदीप कुमार और लखीमपुर के शिकठिया निवासी रानू उर्फ कुंवर सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही दोषियाें पर एक लाख 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से 75 प्रतिशत मृतक के पुत्र को देने के आदेश दिए।
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मामला मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गोवर्धनपुर गांव का 11 मार्च 2015 का है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पीके सिंह ने बताया कि वादी अनिल ने 12 मार्च 2015 को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसमें अनिल ने बताया था कि 11 मार्च को रात नौ बजे उसका भाई सुनील खेत पर फसल की रखवाली करने के लिए ट्यूबवेल पर गया था। देर रात तक वह वापस नहीं आया।
इस पर पर अनिल परिवार वालों के साथ खेत पर पहुंचा, जहां सुनील का शव कुएं में पड़ा मिला था। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
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बताया कि जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनील की पत्नी मंजू, लखीमपुर के आफिसर्स कालोनी निवासी शुभम शर्मा
लखीमपुर के बेगमबाग निवासी प्रदीप कुमार और लखीमपुर के शिकठिया निवासी रानू उर्फ कुंवर सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही दोषियाें पर एक लाख 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से 75 प्रतिशत मृतक के पुत्र को देने के आदेश दिए।