{"_id":"605cc84d8ebc3ec3982c91f9","slug":"lieutenant-in-the-indian-army-became-the-daughter-of-the-district-hardoi-news-knp6198974176","type":"story","status":"publish","title_hn":"ारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनी जिले की बिटिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनी जिले की बिटिया
विज्ञापन
फोटो-13 -भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुई जिले की दिव्या सिंह चौहान। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। क्षेत्र कोई भी क्यों न हो, जिले की बिटिया ने हुनर से जिले का गौरव बढ़ाया है। इस बार शहर की दिव्या सिंह चौहान ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर बालिकाओं के सामने एक मिसाल कायम की है।
धर्मशाला रोड स्थित मोहल्ला नवीपुरवा निवासी राजेश सिंह की बड़ी बेटी दिव्या सिंह चौहान का चयन वर्ष 2016 में मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) कोर में लेफ्टिनेंट (नर्सिंग ऑफिसर) के पद पर हुआ था। चयन के बाद 5 वर्ष का प्रशिक्षण मुंबई स्थित अश्वनी कॉलेज आफ नर्सिंग में सफलता पूर्वक पूर्ण किया।
18 मार्च को पासिंग आउट परेड हुई और 23 मार्च को 7 एयर फोर्स हॉस्पिटल कानपुर में लेफ्टिनेंट (नर्सिंग ऑफिसर) के पद पर कार्यभार ग्रहण करके देश की सेवा प्रारंभ की है।
विज्ञापन
पिता राजेश सिंह ने बताया कि वे लखनऊ रोड उप डाकघर में सब पोस्टमास्टर पद पर व पत्नी पूनम सिंह ब्रांच पोस्टमास्टर के पद पर कौढ़ा में कार्यरत हैं। उनकी पुत्री दिव्या बचपन से ही मेधावी थी। मात्र चार वर्ष की उम्र में ही बेहतर पढ़ाई के लिए अपनी बुआ रजनी चौहान के पास कोचीन चली गई थी, जहां पर उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की।
पिता ने बताया कि इसके बाद उसने एयर फोर्स ठाणे (महाराष्ट्र) स्थित केंद्रीय विद्यालय में इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। आकाश इंस्टीट्यूट से सीपीएमटी की परीक्षा की तैयारी की।
डॉ. हरिशंकर मिश्र महाविद्यालय, मलिहामऊ से बायोलोजी से बीएससी की डिग्री हासिल की और पहली बार में ही एमएनएस की परीक्षा में सफलता के पावदान पर पहुंचीं और अपने परिवार के साथ जिले का भी नाम का रोशन किया है। पुत्री दिव्या सिंह ने इस सफलता का श्रेय अपनी बहन रजनी चौहान व अपने माता पिता को दिया है।
विज्ञापन
धर्मशाला रोड स्थित मोहल्ला नवीपुरवा निवासी राजेश सिंह की बड़ी बेटी दिव्या सिंह चौहान का चयन वर्ष 2016 में मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) कोर में लेफ्टिनेंट (नर्सिंग ऑफिसर) के पद पर हुआ था। चयन के बाद 5 वर्ष का प्रशिक्षण मुंबई स्थित अश्वनी कॉलेज आफ नर्सिंग में सफलता पूर्वक पूर्ण किया।
विज्ञापन
18 मार्च को पासिंग आउट परेड हुई और 23 मार्च को 7 एयर फोर्स हॉस्पिटल कानपुर में लेफ्टिनेंट (नर्सिंग ऑफिसर) के पद पर कार्यभार ग्रहण करके देश की सेवा प्रारंभ की है।
विज्ञापन
पिता राजेश सिंह ने बताया कि वे लखनऊ रोड उप डाकघर में सब पोस्टमास्टर पद पर व पत्नी पूनम सिंह ब्रांच पोस्टमास्टर के पद पर कौढ़ा में कार्यरत हैं। उनकी पुत्री दिव्या बचपन से ही मेधावी थी। मात्र चार वर्ष की उम्र में ही बेहतर पढ़ाई के लिए अपनी बुआ रजनी चौहान के पास कोचीन चली गई थी, जहां पर उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की।
पिता ने बताया कि इसके बाद उसने एयर फोर्स ठाणे (महाराष्ट्र) स्थित केंद्रीय विद्यालय में इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। आकाश इंस्टीट्यूट से सीपीएमटी की परीक्षा की तैयारी की।
डॉ. हरिशंकर मिश्र महाविद्यालय, मलिहामऊ से बायोलोजी से बीएससी की डिग्री हासिल की और पहली बार में ही एमएनएस की परीक्षा में सफलता के पावदान पर पहुंचीं और अपने परिवार के साथ जिले का भी नाम का रोशन किया है। पुत्री दिव्या सिंह ने इस सफलता का श्रेय अपनी बहन रजनी चौहान व अपने माता पिता को दिया है।