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Hardoi Nikay Chunav 2023: जिताऊ-टिकाऊ नहीं, चहेतों को टिकट दिलाने में लगे नेता
Sat, 15 Apr 2023 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:21 AM IST
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नगरीय निकाय चुनाव
- फोटो : सोशल मीडिया
नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजने के बाद सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा सक्रियता भाजपा और सपा में दिख रही है। एक-एक सीट पर टिकट मांगने वालों की संख्या 35 से अधिक है। भले ही उन्हें टिकट देने का मानक पार्टी का टिकाऊ और जिताऊ के नाम पर विचार करना हो, किंतु दोनों मानकों को दरकिनार कर जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी चहेतों को टिकट दिलाने के लिए लगे हुए हैं।
जिले में एक नगर पालिका परिषद और 13 नगर पंचायतों के चुनाव के लिए चार मई को वोट डाले जाएंगे। साल 2017 के निकाय चुनाव में केवल एक सीट पर भाजपा जीती थी। इसके अलावा अन्य सीटों पर सपा और निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। इस बार परिसीमन के बाद शाहाबाद नगर पालिका का चुनाव काफी रोमांचक होने की उम्मीद है। सभी स्थानों पर प्रत्याशी उतारने के लिए कवायद तो लंबे समय से चल रही है। अब अंतिम दौर में प्रत्येक सीट पर प्रत्याशियों के पैनल तैयार किए जा रहे हैं। इन्हीं पैनलों में दिए जाने वाले नामों पर अंतिम मुहर लगनी है।
अभी तक जो तस्वीर सामने उभर कर आई है उसमें गुटबाजी हावी दिख रही है। सपा और भाजपा में जितनी भीड़ है नेताओं की उतनी चांदी। अपनी परिक्रमा कराने के साथ ही उनके सामने खूब आश्वासन दे रहे हैं। कई जगह देखने को मिल रहा है कि पार्टी के टिकाऊ और जिताऊ उम्मीदवार की जगह कौन सबसे ज्यादा अपना चहेता और दल के विरोधी के खिलाफ रहेगा उसी का नाम आगे कर रहे हैं। भाजपा में पैनल प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दे रहा है। सपा में भी बैठकों का दौर चल रहा है। इनमें किसका नाम जुड़ा किसका कटा कौन पदाधिकारी और कौन जनप्रतिनिधि किसके पक्ष में है इसकी चर्चाएं भी कारणों सहित खूब हो रही हैं।
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कौन कितना इस खेल में सफल होगा यह दलों की सूची आने के बाद ही स्पष्ट होगा। किंतु इसके लिए लखनऊ में बैठे बड़े आकाओं के यहां दौड़ शुरू हो गई है। कांग्रेस में 15 तक आवेदन मांगे गए हैं। बसपा और आप भी अपने उम्मीदवारों की तलाश में लगे हुए हैं। े
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जिले में एक नगर पालिका परिषद और 13 नगर पंचायतों के चुनाव के लिए चार मई को वोट डाले जाएंगे। साल 2017 के निकाय चुनाव में केवल एक सीट पर भाजपा जीती थी। इसके अलावा अन्य सीटों पर सपा और निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। इस बार परिसीमन के बाद शाहाबाद नगर पालिका का चुनाव काफी रोमांचक होने की उम्मीद है। सभी स्थानों पर प्रत्याशी उतारने के लिए कवायद तो लंबे समय से चल रही है। अब अंतिम दौर में प्रत्येक सीट पर प्रत्याशियों के पैनल तैयार किए जा रहे हैं। इन्हीं पैनलों में दिए जाने वाले नामों पर अंतिम मुहर लगनी है।
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अभी तक जो तस्वीर सामने उभर कर आई है उसमें गुटबाजी हावी दिख रही है। सपा और भाजपा में जितनी भीड़ है नेताओं की उतनी चांदी। अपनी परिक्रमा कराने के साथ ही उनके सामने खूब आश्वासन दे रहे हैं। कई जगह देखने को मिल रहा है कि पार्टी के टिकाऊ और जिताऊ उम्मीदवार की जगह कौन सबसे ज्यादा अपना चहेता और दल के विरोधी के खिलाफ रहेगा उसी का नाम आगे कर रहे हैं। भाजपा में पैनल प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दे रहा है। सपा में भी बैठकों का दौर चल रहा है। इनमें किसका नाम जुड़ा किसका कटा कौन पदाधिकारी और कौन जनप्रतिनिधि किसके पक्ष में है इसकी चर्चाएं भी कारणों सहित खूब हो रही हैं।
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कौन कितना इस खेल में सफल होगा यह दलों की सूची आने के बाद ही स्पष्ट होगा। किंतु इसके लिए लखनऊ में बैठे बड़े आकाओं के यहां दौड़ शुरू हो गई है। कांग्रेस में 15 तक आवेदन मांगे गए हैं। बसपा और आप भी अपने उम्मीदवारों की तलाश में लगे हुए हैं। े