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मंत्री बन गए घर के लाल बृजेश
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:14 AM IST
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कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक।
- फोटो : amarujala
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हरदोई। जिले के मल्लावां कसबे के बृजेश पाठक सूबे की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। कांग्रेस, बसपा से होकर पिछले साल ही भाजपा में आए बृजेश के परिवार को दूसरी बार लालबत्ती मिली है। मायावती सरकार में उनकी पत्नी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। एक बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद रह चुके पाठक ने सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत मल्लावां विधानसभा सीट से ही की थी। इसके बाद उन्होंने उन्नाव को राजनीतिक कर्मभूमि बनाया और अब लखनऊ पहुंच गए हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ मंत्रिमंडल मेें मंत्री बनाए गए लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृजेश पाठक मल्लावां कसबे के मोहल्ला गंगारामपुर के निवासी हैं। 25जून 1964 को सुरेश पाठक के घर जन्मे बृजेश ने छात्रनेता के रूप में राजनीति की शुरुआत की। वह 1989 में लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष और 1990 में अध्यक्ष बने। इसके करीब 12 साल बाद बृजेश ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली।
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2002 में मल्लावां सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े पाठक मात्र 130 वोट से चुनाव गए गए थे। बाद में उन्होंने बसपा ज्वाइन कर ली और उन्नाव लोकसभा क्षेत्र से करीब 18 हजार वोट से जीत दर्ज कर सांसद चुने गए। बृजेश पाठक को मायावती ने अपने दल का उपनेता सदन बना दिया। 2009 लोकसभा चुनाव के ऐन पहले बसपा सुप्रीमो ने उन्हें राज्यसभा भेजा और सदन में पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया।
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इसके साथ ही उनकी पत्नी नम्रता पाठक को राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया गया। 2010 में साले अरविंद त्रिपाठी उर्फ गुड्डू सीटी बसपा के समर्थन से उन्नाव-लखनऊ स्थानीय निकाय सीट से एमएलसी चुने गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने नमृता पाठक को उन्नाव सदर विस सीट से टिकट दिया, लेकिन करीब 59 हजार वोट लेकर वह तीसरी नंबर पर सिमट गईं।
2014 के बृजेश फिर उन्नाव लोकसभा सीट से चुनाव लड़े लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे। मायावती के करीबियों में शुमार बृजेश पाठक सूबे में सत्ता परिवर्तन की हवा भांप 22 अगस्त 2016 को भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें लखनऊ मध्यसीट से चुनाव मैदान में उतारा। पार्टी की अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए बृजेश ने सपा सरकार के मंत्री रविदास मेहरोत्रा को पांच हजार से अधिक वोटों से मात दी। अब उन्हें सूबे की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
बृजेश पाठक अपने पिता की सात संतानों में पांचवें नंबर पर हैं। उनके दो बड़े भाई राजेश पाठक और दिनेश पाठक हैं। एमए, एलएलबी बृजेश पाठक के परिवार में पत्नी नम्रता, दो बेटियां दीपिका, सांभवी और एक बेटा कार्तिक है। परिवार लखनऊ में ही शिफ्ट है। बड़े भाई राजेश मल्लावां में रहते हैं। बांगरमऊ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी भी की थी। दूसरे भाई दिनेश लखीमपुर में स्कूल चलाते हैं।
बृजेश पाठक को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने से क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। बृजेश के शपथ लेेते ही कसबे के कार्यकर्ता ढोल लेकर सड़कों पर उतर आए और जमकर डांस किया। इस दौरान आतिशबाजी छुड़ाकर मिठाई भी बांटी गई। खुशी जताने वालों में संजय शुक्ला, लालित, अमितगुप्ता, गोपाल, सोनू पाठक, श्याम सिह, इस्लाम अंसारी, रसीद खान, आरिफ, विवेक लाला और मनोज गुप्ता डब्बू आदि शामिल रहे।
कैबिनेट मंत्री बनाए गए बृजेश पाठक भले ही मूलरूप से हरदोई के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी सियासी कर्मभूमि उन्नाव ही है। यहां से वर्ष 2004 में वह बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए। इसके बाद बसपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा। उन्होंने अपनी पत्नी नमृता पाठक को वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सदर सीट से बसपा के टिकट पर उतारा। लेकिन वह हार गईं। 2014 के चुनाव में भी बसपा ने उन पर भरोसा जताते हुए सांसद का चुनाव लड़ाया।
हालांकि इस चुनाव में भी वह जीत हासिल नहीं कर सके। पिछले साल उन्होंने बसपा को छोड़कर भाजपा का दामन थामा तो पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उन्हें लखनऊ मध्य से चुनावी समर में उतारा। जीत दर्ज करने के बाद रविवार को योगी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उनकी इस उपलब्धि से स्थानीय लोगों ने बाईपास स्थित उनके आवास पर जश्न मनाया और आतिशबाजी कर मिठाई बांटी।