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बाजारों पर मेहरबान हुए लक्ष्मी-कुबेर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 10 Nov 2015 12:08 AM IST
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धनतेरस पर सोमवार को सुबह से लेकर देर रात तक छोटे बड़े प्रतिष्ठानों पर कुबेर की कृपा बनी रही। दिन से लेकर देर रात्रि तक शहर की सड़कों पर लोगों का तांता लगा रहा। ब्लाक व कस्बों में भी ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी।
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शहर के सिनेमा चौराहा, स्टेशन रोड, सदर बाजार, नुमाइश चौराहा, महात्मा गांधी मार्ग व रेलवे स्टेशन रोड की बाजार झिलमिल लाइटों और ग्राहकों की भीड़ से सराबोर नजर आईं।
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धनतेरस पर खरीददारी को शुभ मानकर घरों से निकले ग्राहक दुकानों में अपनी पसंद की वस्तु के लिए धक्कामुक्की झेलते दिखे। सड़क पर भीड़ बढ़ जाने के कारण यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। नुमाइश चौराहे से बड़ा चौराहा, सिनेमा चौराहे से बडे़ चौराहे, रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर बड़े वाहनों की नो-इंट्री थी। जगह-जगह पुलिस तैनात रही।
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उधर, वैद्यनाथ प्रतिष्ठान पर भगवान धन्वन्तरि की जयंती मनाई गई। अध्यक्षता वैद्य बाल शास्त्री ने की। गोपाल डिडवानिया आदि मौजूद रहे। विश्व आयुर्वेद परिषद जनपदीय कार्यकारिणी के तत्वावधान में भी आर्य समाज मंदिर में धनवंतरि पूजन का कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व डायरेक्टर गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय जामनगर के अलावा अध्यक्ष रामकरन त्रिवेदी, पीके चौहान, एनसी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
सर्राफा बाजार
रंग बिरंगी झालरों से सजा शहर का सर्राफा बाजार ग्राहकों क ी अगवानी करता रहा। सुबह से लेकर देर रात तक लोग सोने चांदी के आभूषण आदि खरीदते दिखाई दिए। दुकानदारों ने चांदी के गणेश-लक्ष्मी का काफी स्टाक कर रखा था। उनका अंदाजा सही निकला लोगों ने हाथोहाथ खरीद लिया। खरीददारों में एक वर्ग एक भी था जो सिर्फ हीरे के जेवरात खरीदने निकला था। सोने के गणेश लक्ष्मी भी खूब बिके।
कपड़ा बाजार
कपड़ों की दुकानों में तो जैसे मेले जैसा दृश्य दिखा। चार-पांच दिन से सन्नाटे में बैठे दुकानदारों को सोमवार को सांस लेने तक की फुर्सत नहीं मिली। युवतियों में कपड़ों को लेकर विशेष उत्साह दिखा। लैगिंग, जंपसूट सलवार कुर्ता आदि की खूब बिक्री हुई। शहर के सदर बाजार, सिनेमा चौराहे, रेलवे गंज आदि बाजारों में सात सौ कपड़ों की छोटी-बड़ी दुकानें हैं। यहां पांव रखने की भी जगह नहीं थी।
बर्तन बाजार
बात धनतेरस की हो रही हो और बर्तनों का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। धनतेरस पर बर्तन की दुकानों में भीड़ देखने वाली होती है। हर कोई कुछ न कुछ खरीदकर परंपरा को निभाता है। आलम ये रहा कुछ दुकानों पर कई सामान दोपहर तक ही खत्म हो गए। करीब एक करोड़ के व्यापार की बात कही गई। डमरू गिलास व छह पहल गिलासों की धूम रही। दुकानदारों ने इस बिक्री का अंदाजा लगाते हुए काफी माल स्टाक कर रखा था।
इलेक्ट्रानिक उत्पाद
इस बार एलईडी टीवी को लेकर क्रेज देखा गया। बड़े चौराहे स्थित शो रूम के प्रिंस अग्रवाल का कहना है कि स्मार्ट एलईडी टीवी लोगों की पहली पसंद बना रहा। 40 इंच का थ्रीडी टीवी सभी को पसंद आया। होम थियेटर ने युवाओं को रिझाया। लोग पसंद करके गए और थोड़ी देर बाद खरीदकर ले गए। अब लोग छोटी एलएडी टीवी की बजाय 32 इंच या 40 इंच की टीवी ज्यादा खरीद रहे हैं।
आज है छोटी दीपावली
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि दो नवंबर को छोटी दीपावली है। इसको नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन तपस्या से वरदान प्राप्त कर चुका महाबलशाली राक्षस नरकासुर का वध किया गया था। कहा जाता है कि नरकासुर ने वरदान मांगा था कि मुझे बाहर मैदान में या मेरे घर के मुख्य द्वार से प्रवेश करके कोई भी देवता मार न सके। यह वरदान ब्रह्मा जी ने दिया था। वरदान पाकर राक्षस समाज में अत्याचार करने लगा। तब ब्राह्मण और ऋषि मुनियों ने भगवान से प्रार्थना की। इंद्र व युद्ध से राक्षस अपने घर में आ गया था। तब इंद्र ने घर की नाली से प्रवेश करके नरकासुर का वध किया। तब से नाली पर नरक चतुर्दशी की शाम दीपक जलाया जाता है। इसे छोटी दीपावली भी कहते हैं क्योंकि राक्षस के वध के बाद पृथ्वी के देवताओं को प्रसन्नता हुई थी।